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यूपी चुनाव में सपा के एजेंडे का मुकाबला करने के लिए बीजेपी तैयार, इस खास रणनीति से देगी मात!

पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व भी जल्दी ही यूपी का दौरा शुरू करेगा. बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन 10 अगस्त के बाद राज्य का दौरा करेंगे. गृह मंत्री अमित शाह का भी सभी छह क्षेत्रों के दौरे का कार्यक्रम बनाया जा रहा है.

यूपी चुनाव में सपा के एजेंडे का मुकाबला करने के लिए बीजेपी तैयार, इस खास रणनीति से देगी मात!
यूपी में समाजवादी पार्टी के एजेंडे का मुकाबला करने के लिए बीजेपी तैयार.
  • यूपी में बीजेपी ने समाजवादी पार्टी के जातिवादी एजेंडे का मुकाबला करने की रणनीति तैयार कर ली है
  • सपा ने कुर्मी और गैर जाटव एससी वोटरों को अपनी ओर मोड़कर लोकसभा चुनाव में बीजेपी को नुकसान पहुंचाया था
  • बीजेपी ने कुर्मी समाज के पंकज चौधरी को प्रदेश अध्यक्ष बनाकर ओबीसी और गैर जाटव वोटरों को साधने की कोशिश की है
लखनऊ:

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए बीजेपी कमर कस कर तैयार है. पार्टी ने समाजवादी पार्टी के एजेंडे का मुकाबला करने के लिए रणनीति को अंतिम रूप दे दिया है.बीजेपी नेताओं के अनुसार, सपा मुख्य रूप से जातिवादी एजेंडे पर आगे बढ़ते हुए पीडीए यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक समुदाय पर एक बार फिर से ध्यान केंद्रित कर रही है. लेकिन उनके अनुसार, काठ की हांड़ी बार-बार नहीं चढ़ती.

बीजेपी का वोटर सपा की ओर कैसे खिसका?

 लोक सभा चुनाव में संविधान बदलने के विपक्ष के दुष्प्रचार ने बीजेपी को नुकसान पहुंचाया. सपा ने बीजेपी के पाले से निकाल कर कुर्मी समाज का वोट लेने के लिए उन्हें बड़ी संख्या में टिकट भी दिया. इसी तरह अनुसूचित वर्ग से पासी समाज के वोट भी सपा-कांग्रेस गठबंधन को मिले. इसका एक बड़ा कारण यह था कि एससी वर्ग किसी जमाने में मजबूती से कांग्रेस के साथ होता था. सपा और कांग्रेस के साथ आने से उन्हें यह उम्मीद बंधी कि संभवत: यह गठबंधन सत्ता में आ सकता है. इसीलिए एससी वोट उनके साथ चला गया. गैर जाटव एससी वोटरों ने यह भी देखा कि बीएसपी मजबूती से चुनाव नहीं लड़ रही है. वहीं संविधान बदलने और आरक्षण खत्म करने के विपक्ष के प्रचार के कारण उन्होंने बीजेपी से मुंह मोड़ लिया.

अब बीजेपी इसी वर्ग को साथ लाने का प्रयास कर रही है. कुर्मी समाज से आने वाले पंकज चौधरी को प्रदेश अध्यक्ष की कमान सौंपी. विधानसभा चुनाव में कुर्मी और अन्य गैर यादव ओबीसी वर्ग को बड़े पैमाने पर टिकट दिए जाएंगे. गैर जाटव वोटों पर बीजेपी की नजरें हैं और इसके लिए योगी सरकार ने कई बड़े कदम उठाए हैं. बीजेपी असदुद्दीन ओवैसी और चंद्रशेखर के बीच संभावित गठबंधन पर भी नजरें लगाए हुए हैं. पार्टी को लगता है कि अगर यह गठबंधन होता है तो जाटव और मुस्लिम मतदाताओं को एक बड़ा विकल्प मिल सकता है. वहीं कांग्रेस और सपा गठबंधन होने पर बीजेपी चाहेगी कि कई सीटों पर त्रिकोणीय मुकाबला हो ताकि उसे सीधा लाभ मिल सके.

राम मंदिर मामले में साधु-संतों के निशाने पर सपा

समाजवादी पार्टी ने एक दूसरा बड़ा मुद्दा राम मंदिर में चढ़ावा चोरी को बनाया है. बीजेपी शुरुआत में इसे लेकर दबाव में थी. लेकिन जिस तरह पप्पू यादव ने पुजारी का भेष बना कर संसद परिसर में स्वांग किया और सपा और कांग्रेस के सांसदों ने उसमें भाग लिया, उससे बीजेपी के मुताबिक माहौल बदला है. चढ़ावा चोरी से नाराज साधु-संत अब अपना गुस्सा समाजवादी पार्टी पर निकाल रहे हैं. उनका कहना है कि यह सभी साधु-संतों का अपमान है. यही कारण है कि सपा ने अब खुद को पप्पू यादव के स्वांग से दूर दिखाना शुरू कर दिया है.

दिल्ली में नीट पेपर लीक के विरोध में कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन का असर उत्तर प्रदेश में देखने को नहीं मिला था. बीजेपी का कहना है कि यूपी के युवाओं को योगी सरकार पर विश्वास है. जेन जी का मुद्दा उत्तर प्रदेश में नहीं चल पाएगा. इसके बावजूद बीजेपी युवा मतदाताओं को लेकर फूंक-फूंक कर कदम रख रही है. वह ऐसा कोई कदम नहीं उठाना चाहती है जिससे युवाओं के मुद्दे पर सपा को आक्रामक होने का मौका मिले. पंकज चौधरी की टीम में भी बड़ी संख्या में युवाओं को मौका दिया गया है.

बीजेपी के कोर वोट बैंक को एकजुट करने की कोशिश

यूजीसी गाइडलाइन को लेकर यूपी में बीजेपी के कोर वोट बैंक में नाराजगी देखने को मिली थी. पार्टी नेताओं के अनुसार मामला सुप्रीम कोर्ट में है, इसलिए अब इसे तूल देने की कोशिश कामयाब नहीं होगी. उनके अनुसार सपा भी इसे नहीं उठा सकती क्योंकि इससे उसका कोर यादव ओबीसी वोट बैंक नाराज होगा. इसलिए यह मुद्दा बड़ा रूप नहीं ले सकेगा.

बीजेपी नेता यह जरूर कहते हैं कि बीजेपी के कोर वोटर जैसे ब्राह्मण, क्षत्रिय और वैश्य को इकट्ठा रखने की जरूरत है. बांकीपुर में बीजेपी की हार बताती है कि कोर वोट खिसकने या उदासीन रहने से पार्टी को नुकसान होता है. पार्टी टिकट बांटने में अपने कोर वोट बैंक का खासतौर से ध्यान रखेगी.

पीएम मोदी हर महीने यूपी दौरे पर जाएंगे

पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व भी जल्दी ही यूपी का दौरा शुरू करेगा. बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन 10 अगस्त के बाद राज्य का दौरा करेंगे. गृह मंत्री अमित शाह का भी सभी छह क्षेत्रों के दौरे का कार्यक्रम बनाया जा रहा है. पीएम मोदी भी चुनाव नजदीक आने पर हर महीने यूपी का एक दौरा करेंगे.

पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूरे राज्य का दौरा शुरू कर दिया है. सीएम योगी अपने प्रवास में रात्रि विश्राम कर कार्यकर्ताओं से सीधा फीडबैक भी ले रहे हैं. वहीं चौधरी ने अपनी टीम के गठन के बाद अब क्षेत्रीय प्रभारियों की नियुक्ति की कवायद शुरू कर दी है. राष्ट्रीय स्तर पर पार्टी के चुनाव प्रभारी की नियुक्ति भी होनी है. माना जा रहा है कि राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े को यह जिम्मेदारी दी जा सकती है.

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