उत्तर प्रदेश विधानसभा का मॉनसून सत्र सोमवार से शुरू हो रहा है. इस सत्र की शुरुआत से पहले आज रविवार को समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक प्रेस कॉफ्रेंस की. इस प्रेस कॉफ्रेंस में उन्होंने यह बताया कि आगामी विधासनभा सत्र में सपा का रवैया कैसा रहेगा? सपा के विधायक किन-किन सवालों पर सरकार को घेरेंगे. अखिलेश यादव के प्रेस कॉफ्रेंस का निचोड़ यह बताता है कि कॉकरोज जनता पार्टी के प्रदर्शन की सफलता के बाद सपा भी युवाओं के मुद्दे को बड़े जोर-शोर से उठाएगी. इसमें जौहर यूनिवर्सिटी का मामला भी होगा.
जौहर यूनिवर्सिटी पर अखिलश बोले- पहले दिन इनकी नियत सही नहीं
अखिलेश ने जौहर यूनिवर्सिटी को प्रेस कॉफ्रेंस में कहा, पहले दिन से इनकी नियत सही नहीं थी. जो यूनिवर्सिटी नहीं बना पाए वो हथौड़ा चलवा रहे हैं. अखिलेश यादव ने सरकार को घेरते हुआ कहा कि 10 साल में 26 हजार स्कूल बंद हुए है. बीजेपी सरकार में ये सब मर्जर के नाम पर बंद हुए है.
जंतर-मंतर प्रदर्शन से सपा ने ली सीख
दरअसल दिल्ली में छात्रों ने जिस तरह से आंदोलन किया, उसमें समाजवादी पार्टी के सांसद भी शामिल हुए. यहां से समाजवादी पार्टी को यह समझ में आ चुका है कि छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर माहौल बनता दिखाई दे रहा है. यही कारण है कि आगामी मानसून सत्र में समाजवादी पार्टी के विधायक उत्तर प्रदेश में पेपर लीक भर्ती और दूसरी छात्रों से जुड़ी समस्याओं को लेकर उग्र रूप में अपना पक्ष रखने जा रहे हैं.
"NEET परीक्षा के साथ साथ कई परीक्षाओं के पेपर लीक हुए और उत्तर प्रदेश वो प्रदेश है जहाँ सबसे ज्यादा पेपर लीक हुए हैं।"
— Samajwadi Party (@samajwadiparty) August 2, 2026
- माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव जी pic.twitter.com/wVObUsbpa9
अखिलेश बोले- PDA समाज के लोगों की शिक्षा रोकनी है
पिछड़े समाज को संदेश देते हुए अखिलेश ने कहा कि PDA समाज के लोगों की शिक्षा रोकनी है. ये इनका उदेश्य है, 2017 तक 1 करोड़ 17 लाख बच्चे पढ़ते थे. आज घटकर 89 लाख हो गए. 2017 में टीचर की संख्या 4 लाख थी जो आज घटकर 3 लाख हो गई है.
यूपी में सरकारी टीचर के 81 हजार पद खालीः अखिलेश
सपा मुखिया ने कहा ये सभी आंकड़े सरकारी है, मेरे नहीं. सरकारी टीचर के 81 हजार खाली पड़े है. सरकारी स्कूल में पढ़ने वाली बेटियों की संख्या भी कम हुई है. 7 हजार स्कूलों में सुविधाएं नहीं है, कई स्कूल में टॉयलेट बेटियों के लिए नहीं है. स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था नहीं है.
1. पहला दिन उप्र भाजपा सरकार श्रद्धांजलि देने में निकाल देगी.
2. दूसरा दिन अयोध्या के प्रभु राम जी के मंदिर में हुई सुनियोजित चोरी के महापाप की ज़िम्मेदारी, अपने ऊपर से हटाकर केंद्र सरकार पर डालकर, अपना पल्ला झाड़ने में निकाल देगी.
3. तीसरा दिन प्रयागराज जैसे पूरे प्रदेश में हुए छात्र आंदोलन से बचने में निकाल देगी.
4. चौथा दिन दुखी माँ के सरेआम अपमान पर मुंह छिपाकर जल्दी से सत्र ख़त्म करने की घोषणा करने में निकाल देगी.
अखिलेश ने कहा कि सच तो ये है कि अब भाजपा को भी मालूम है कि वो फिर कभी सरकार में वापस नहीं आएंगे, इसीलिए विधानसभा को महत्व नहीं दे रहे हैं बस सत्र आयोजित करने की औपचारिकता निभा रहे हैं. भाजपा की चला-चली की बेला का मानसून सत्र भी चला-चली टाइप का सत्र है. अब भाजपा जाएगी, फिर कभी न आएगी.
26 हजार से अधिक स्कूल बंद कर दिए गएः अखिलेश
अखिलेश यादव ने कहा कि 26000 स्कूल बंद कर दिए गए. 20 से ज़्यदा पेपर लीक हुए, नौकरी नहीं दी गई. आरक्षण का घोटाला भी यूपी में दिखाई देगा आपको. अखिलेश के प्रेस कॉफ्रेंस से यह साफ है अगले सत्र में सपा युवाओं के मुद्दें पर सरकार को घेरती नजर आएगी.
अखिलेश ने कहा कि कल से विधानसभा का सत्र शुरू होने वाला है. कई जरूरी मुद्दों पर हमारी पार्टी चर्चा करेगी. किसानों की बदहाली खाद, महंगा डीजल पेट्रोल, कृषि लागत बढ़ गई है. किसानों की आय, शिक्षा व्यवस्था पूरी ध्वस्त है. एक्सप्रेस वे के निर्माण में करप्शन, चंदा चढ़ावा की चोरी जैसे मुद्दें तो है ही.
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