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This Article is From Aug 02, 2019

Unnao Rape Case : सुप्रीम कोर्ट का आदेश, पीड़िता के चाचा को दिल्ली के तिहाड़ जेल में लाया जाए

Unnao Case : दूसरी ओर उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से कहा गया है कि पीड़िता की हालत पहले से बेहतर है. केंद्र सरकार का कहना है कि उसे पीड़िता और उसके वकील दोनों को एयरलिफ्ट करने में परेशानी नहीं है.

उन्नाव रेप केस (Unnao Rape Victim) के परिजनों उसकी हालत गंभीर बताई है
  • सुप्रीम कोर्ट में अब सोमवार को सुनवाई
  • पीड़िता के परिवार को मिली CRPF की सुरक्षा
  • गांव में भी तैनात होगी सीआरपीएफ
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नई दिल्ली:

उन्नाव रेप केस (Unnao Rape Case)   मामले में सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि पीड़िता के चाचा को उत्तर प्रदेश से तुरंत दिल्ली के तिहाड़ जेल शिफ्ट किया जाए. प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि अगर पीड़ित परिवार को कोई भी इमरजेंसी परिस्थित में कोर्ट आना है तो वो सेक्रेटरी जरनल के पास किसी भी वक्त आ सकते हैं. इसके साथ ही पीड़िता के परिवार को सीआरपीएफ की सुरक्षा दी गई है.  पीड़िता के परिजनों की ओर से कोर्ट में कहा गया है कि उसकी हालत गंभीर है और वह बेहोश है. पीड़िता के वकील ने बताया कि परिजन उसका लखनऊ में ही कराना चाहते हैं. इस पर कोर्ट ने इस मामले के लंबित रख लिया है और अब सुनवाई सोमवार को होगी. दूसरी ओर उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से कहा गया है कि पीड़िता की हालत पहले से बेहतर है. केंद्र सरकार का कहना है कि उसे पीड़िता और उसके वकील दोनों को एयरलिफ्ट करने में परेशानी नहीं है. परिवार की तरफ से कहा गया कि अगर भविष्य में कोई एमरजेंसी परिस्थिति आती है तो उन्हें सुप्रीम कोर्ट में मेंशन करने की इजाजत दी जाए. इस पर कोर्ट ने कहा कि  इमरजेंसी परिस्थित में कोर्ट आना है तो वो सेक्रेटरी जरनल के पास किसी भी वक्त आ सकते हैं.

उन्नाव रेप पीड़िता की हालत अब भी नाजुक, वेंटिलेटर के सहारे चल रही सांस

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को तीस हजारी अदालत के जिला न्यायाधीश धर्मेश शर्मा को सनसनीखेज उन्नाव बलात्कार कांड से जुड़े पांच आपराधिक मामलों की सुनवाई का जिम्मा सौंपा है. मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई, न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता और न्यायमूर्ति अनिरूद्ध बोस की पीठ ने बंद कमरे में सुनवाई के दौरान जिला न्यायाधीश धर्मेश शर्मा का नाम तय किया. इसी पीठ ने इन पांच मामलों की सुनवाई लखनऊ की विशेष सीबीआई अदालत से दिल्ली स्थानांतरित की थी. पीठ ने अपने आदेश में कहा, ‘‘ याचिकाओं के स्थानांतरण के लिए बनी पृष्ठभूमि तथा देश के प्रधान न्यायाधीश को 12 जुलाई 2019 को भेजे पत्र में उल्लेखित बातों को ध्यान में रखते हुए हम इन मामलों को लखनऊ की सीबीआई अदालत से दिल्ली में सक्षम अदालत में स्थानांतरित करने का आदेश देते हैं और यह सक्षम अदालत दिल्ली की तीस हजारी अदालत में जिला न्यायाधीश धर्मेश शर्मा की अदालत है.''

उन्नाव मामला: पीड़िता को CRPF की सुरक्षा​

इनपुट : भाषा से भी

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