ताजनगरी आगरा के बहुप्रतीक्षित ताज महोत्सव का बुधवार से भव्य आगाज हो गया. दुनिया भर में ताजमहल के लिए मशहूर आगरा में आयोजित यह सांस्कृतिक उत्सव हर साल देशभर की कला, संस्कृति, व्यंजन और हस्तशिल्प को एक मंच पर लाने के लिए जाना जाता है. इस बार ताज महोत्सव का 34वां संस्करण आयोजित किया जा रहा है, जिसकी शुरुआत केंद्रीय राज्यमंत्री एस.पी. सिंह बघेल और राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष बबिता चौहान ने फीता काटकर की.
27 फरवरी तक चलेगा महोत्सव
आयोजकों के मुताबिक 18 फरवरी से 27 फरवरी तक चलने वाले इस महोत्सव में देश के अलग-अलग राज्यों की सांस्कृतिक झलक देखने को मिलेगी. आगरा शहर में साल भर इस आयोजन का इंतजार किया जाता है, क्योंकि एक ही परिसर में भारत की विविधता का रंग देखने को मिलता है. इस बार महोत्सव में “वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट” (ODOP) योजना की विशेष झलक भी दिखाई देगी, जिससे स्थानीय और पारंपरिक उत्पादों को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है.

कवि सम्मेलन, मुशायरा, कॉमेडी नाइट, गजल संध्या
इस वर्ष आयोजन स्थल में भी बदलाव किया गया है. पहले जहां ताज महोत्सव शिल्पग्राम में आयोजित होता था, वहीं इस बार इसे फतेहाबाद रोड पर आयोजित किया जा रहा है. कार्यक्रम के दौरान कवि सम्मेलन, कॉमेडी नाइट, मुशायरा, गजल गायन और कई सांस्कृतिक प्रस्तुतियां प्रसिद्ध कलाकारों द्वारा दी जाएंगी. उद्घाटन समारोह में केंद्रीय राज्यमंत्री एस.पी. सिंह बघेल ने कहा कि ताज महोत्सव आगरा का एक बड़ा सांस्कृतिक आयोजन है, जहां देशभर की कला और परंपराएं एक साथ देखने को मिलती हैं. उन्होंने लोगों से इस भव्य आयोजन का आनंद लेने की अपील भी की.
देशभर के लजीज व्यंजन का भी ले सकेंगे आनंद
ताजमहल के शहर में होने वाला यह उत्सव पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ स्थानीय कलाकारों और शिल्पकारों के लिए भी बड़ा मंच साबित होता है. महोत्सव में देश के विभिन्न राज्यों के व्यंजन, हस्तशिल्प और सांस्कृतिक कार्यक्रम पर्यटकों को आकर्षित करते हैं. प्रशासन को उम्मीद है कि इस बार भी बड़ी संख्या में देश-विदेश से पर्यटक आगरा पहुंचेंगे और ताज महोत्सव की रौनक बढ़ाएंगे.
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