- उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले में पांच किशोर जर्जर पानी की टंकी पर चढ़े थे, जिसमें सीढ़ी टूटने से हादसा
- गिरने से एक 10 वर्षीय बच्चे की मौत हो गई जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए थे
- दो बच्चे टंकी पर फंस गए, जिन्हें प्रशासन और भारतीय वायु सेना के हेलीकॉप्टर से लगभग सोलह घंटे बाद बचाया गया
उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले में एक जर्जर पानी की टंकी पर चढ़ना पांच किशोरों के लिए मुसीबत का सबब बन गया. शनिवार को टंकी की सीढ़ी टूटने से नीचे गिरकर एक 10 वर्षीय किशोर की मौत हो गई, वहीं दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए. जब टंकी के ऊपर फंसे दो बच्चों को करीब 16 घंटे बाद भारतीय वायु सेना के हेलीकॉप्टर की मदद से सुरक्षित नीचे उतारा गया. इस पूरी घटना ने इलाके में दहशत फैला दी.
On a request from state government authorities, an IAF Mi 17 V5 of Central Air Command (CAC) was deployed to rescue two stranded children, who were stuck on top of a water tank in Sidharth Nagar in Gorakhpur, Uttar Pradesh. The children were stranded in the night as the ladder of… pic.twitter.com/dZ2D4shbQS
— CAC, IAF (@CAC_CPRO) May 3, 2026
आखिर हुआ क्या था
पुलिस के मुताबिक, यह घटना सिद्धार्थनगर शहर की कांशीराम कॉलोनी में हुई. यहां रहने वाले पांच लड़के शनिवार को पास में ही स्थित करीब 30 साल पुरानी और जर्जर हो चुकी पानी की टंकी पर चढ़ गए थे. सभी बच्चे टंकी पर चढ़ने के बाद कुछ देर वहां रुके और फिर जब नीचे उतरने लगे, तभी अचानक टंकी की सीढ़ी भरभरा कर ढह गई. सीढ़ी टूटते ही गोलू (12), सनी (14) और सिद्धार्थ (10) सीधे नीचे गिर पड़े. वहीं, पवन (14) और शाबान (12) सीढ़ी टूट जाने की वजह से टंकी के ऊपर ही फंस गए. अचानक हुए हादसे से इलाके में हड़कंप मच गया.
शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और नीचे गिरे तीनों बच्चों को गंभीर हालत में तुरंत मेडिकल कॉलेज पहुंचाया गया. वहां डॉक्टरों ने सिद्धार्थ (10) को मृत घोषित कर दिया. वहीं, गोलू और सनी की हालत नाजुक देखते हुए उन्हें गोरखपुर के बड़े अस्पताल में रेफर कर दिया गया है, जहां उनका इलाज जारी है. इधर, टंकी के ऊपर फंसे पवन और शाबान को नीचे उतारने के लिए प्रशासन ने रात में ही प्रयास शुरू कर दिए. जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जी. एन. ने बताया कि पहले टंकी तक पहुंचने के लिए वैकल्पिक रास्ता बनाने की कोशिश की जा रही थी, लेकिन रात करीब तीन बजे तेज बारिश शुरू हो गई, जिससे यह काम रुक गया और हालात और जोखिम भरे हो गए.
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सीएम ऑफिस घुमाया फोन, सेना से मांगा हेलीकॉप्टर
इस स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने मुख्यमंत्री कार्यालय और राहत एवं आपदा विभाग से फोन पर संपर्क किया. इसके बाद गोरखपुर से भारतीय वायु सेना का हेलीकॉप्टर मंगाने का निर्णय लिया गया. जिलाधिकारी ने बताया कि पूरे प्लानिंग चरण के दौरान राज्य प्रशासन और वायु सेना के अधिकारियों के बीच लगातार संपर्क बना रहा. रविवार सुबह करीब 5 बजकर 20 मिनट पर वायु सेना का हेलीकॉप्टर घटनास्थल पर पहुंचा. कड़े सुरक्षा इंतजामों और कड़ी मशक्कत के बाद हेलीकॉप्टर की मदद से पवन (14) और शाबान (12) को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया. रेस्क्यू के बाद हेलीकॉप्टर दोनों बच्चों को सीधे गोरखपुर ले गया. अधिकारियों ने पुष्टि की है कि दोनों बच्चे पूरी तरह सुरक्षित हैं.
जिलाधिकारी ने क्या कुछ बताया
जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जी. एन. ने बताया कि पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान वे स्वयं, पुलिस अधिकारी और प्रशासनिक अमला मौके पर मौजूद रहे. उन्होंने कहा कि प्रशासन की त्वरित कार्रवाई और सेना के साथ बेहतर समन्वय के चलते यह चुनौतीपूर्ण बचाव अभियान सफल रहा और टंकी पर फंसे बच्चों की जान बचाई जा सकी.
एयरफोर्स ने दी रेस्क्यू की जानकारी
भारतीय वायु सेना की सेंट्रल एयर कमांड (CAC) ने भी इस रेस्क्यू ऑपरेशन की जानकारी साझा की है. वायु सेना ने बताया कि राज्य सरकार के अनुरोध पर IAF का Mi‑17 V5 हेलीकॉप्टर तैनात किया गया था. वायु सेना के अनुसार, यह अभियान कठिन परिस्थितियों में चलाया गया और इसने समय पर प्रतिक्रिया देने तथा जान बचाने की सेना की प्रतिबद्धता को एक बार फिर साबित किया.
(भाषा और एएनआई इनपुट्स के साथ)
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