मेघालय की राजधानी शिलांग में नेताजी सुभाष चंद्र बोस और स्वामी विवेकानंद की प्रतिमाओं को नुकसान पहुंचाए जाने के बाद उठे जन आक्रोश के बीच राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा के नेतृत्व वाली सरकार ने दोनों राष्ट्रीय महापुरुषों की प्रतिमाओं को फिर से स्थापित और पुनर्निर्मित करने की घोषणा की है.
छात्र रैली के दौरान हुई थी तोड़फोड़
19 अगस्त को शिलांग में आयोजित एक रैली के दौरान कुछ उपद्रवियों ने उम्पलिंग स्थित आरआर कॉलोनी में लगी नेताजी सुभाष चंद्र बोस और स्वामी विवेकानंद की प्रतिमाओं को नुकसान पहुंचाया था. घटना की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद लोगों ने कड़ी नाराजगी जताई और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की.
संस्कृति विभाग करेगा पुनर्निर्माण
मेघालय के कला एवं संस्कृति मंत्री सनबोर शुल्लई ने मंगलवार को बताया कि दोनों प्रतिमाओं का पुनर्निर्माण और सौंदर्यीकरण किया जाएगा. उन्होंने कहा कि नेताजी और स्वामी विवेकानंद का राष्ट्र निर्माण में अतुलनीय योगदान रहा है और उनकी विरासत का सम्मान बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है.
हिंसक विरोध पर जताई चिंता
मंत्री ने घटना की निंदा करते हुए कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक समाज में विरोध प्रदर्शन शांतिपूर्ण होना चाहिए. उन्होंने कहा कि हिंसा और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने से राज्य की छवि प्रभावित होती है और विकास पर भी नकारात्मक असर पड़ता है.
युवाओं से सीख लेने की अपील
घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए सनबोर शुल्लई ने छात्रों और युवाओं से नेताजी सुभाष चंद्र बोस और स्वामी विवेकानंद के विचारों से प्रेरणा लेने की अपील की. उन्होंने कहा कि दोनों महापुरुषों ने देश को एकता, राष्ट्रभक्ति और सकारात्मक बदलाव का संदेश दिया था. ऐसे महान व्यक्तित्वों का सम्मान करना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है.
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