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न्यूनतम वेतन 20000 करने की बात अफवाह, जानें UP सरकार ने वर्कर्स की कितनी बढ़ाई तनख्वाह

Noida Workers Salary Hike: मौजूदा समय में उद्योग आर्थिक चुनौतियों और लागत बढ़ने से जूझ रहे हैं. सरकार चाहती है कि ऐसा फैसला लिया जाए जिससे श्रमिक और उद्योग, दोनों के बीच संतुलन बना रहे.

न्यूनतम वेतन 20000 करने की बात अफवाह, जानें UP सरकार ने वर्कर्स की कितनी बढ़ाई तनख्वाह
न्यूनतम वेतन 20000 रुपये होने वाली खबर अफवाह
  • उत्तर प्रदेश सरकार ने नोएडा में न्यूनतम मजदूरी 21 फीसदी बढ़ाने का औपचारिक निर्णय लिया है
  • अकुशल श्रमिकों के लिए 13,690, अर्द्धकुशल के लिए 15,059, कुशल श्रमिकों के लिए 16,868 रुपये न्यूनतम वेतन तय
  • पहले यूपी में अकुशल श्रमिकों का न्यूनतम वेतन 11,133 रुपये, अर्द्धकुशल का 12,446 रुपये, कुशल का 13,940 रुपये था
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लखनऊ:

उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान में प्राइवेट कर्मचारियों ने वेतन बढ़ाए जाने की मांग को लेकर सोमवार को जमकर बवाल काटा. नोएडा में भी जमकर विरोध प्रदर्शन किया गया. जिसके बाद सोशल मीडिया पर ये खबर सर्कुलेट होने लगी कि न्यूनतम वेतन 20000 रुपये कर दिया गया है. इस खबर को सरकार ने पूरी तरह अफवाह बताया है. हालांकि भारत सरकार ने नए श्रम संहिता (Labour Code) के तहत राष्ट्रीय स्तर पर न्यूनतम वेतन तय करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. इसका मकसद सभी राज्यों में श्रमिकों को न्यायसंगत और समान वेतन दिलाना है.

नोएडा में न्यूनतम मजदूरी 21 फीसदी बढ़ाने का ऐलान

उत्तर प्रदेश सककार ने कर्मचारियों के हित में बड़ा फैसला लेते हुए नोएडा में न्यूनतम मजदूरी 21 फीसदी बढ़ाने का ऐलान कर दिया है. ये फैसला सभी हितधारकों (नियोक्ता, श्रमिक संगठन) के साथ विचार-विमर्श कर लिया गया है. सरकार ने अब गौतमबुद्ध नगर और गाजियाबाद में अकुशल श्रमिकों के लिए 13,690 रुपये अर्द्धकुशल श्रमिकों के लिए 15,059 रुपये और कुशल श्रमिकों के लिए 16,868 रुपये अंतरिम निर्धारित दरें निर्धारित कर दी हैं. 

UP में पहले कितना था न्यूनतम वेतन?

बता दें कि इससे पहले यूपी सरकार ने न्यूनतम वेतन दरें अधिसूचित की थीं. जिसके तहत अकुशल श्रमिक के लिए 11133.65 रुपये महीना और अर्धकुशल श्रमिकों के लिए 12446 रुपये महीना, कुशल श्रमिकों के लिए 13940.37 रुपये महीना तय किया गया था. लेकिन कर्मचारियों की मांग के बाद इसमें बढ़ोतरी की गई है. 

20,000 रुपये न्यूनतम वेतन वाली खबर अफवाह

बता दें कि मौजूदा समय में उद्योग आर्थिक चुनौतियों और लागत बढ़ने से जूझ रहे हैं. सरकार चाहती है कि ऐसा फैसला लिया जाए जिससे श्रमिक और उद्योग, दोनों के बीच संतुलन बना रहे. इस बीच न्यूनतम वेतन में अंतरिम वृद्धि पर विचार किया गया. भविष्य में Wage Board की सिफारिशों के आधार पर नया वेतन तय किया गया है. इस बीच सरकार ने साफ  किया कि सोशल मीडिया पर चल रही 20,000 रुपये वाली खबरें पूरी तरह निराधार हैं.

ये भी पढ़ें- यूपी में योगी आदित्यनाथ सरकार का बड़ा आदेश, नोएडा में न्यूनतम मजदूरी 21 फीसदी बढ़ाने का ऐलान

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