- राम मंदिर ट्रस्ट का पहला मुख्य कार्यपालक अधिकारी कैसे होना चाहिए सर्च कमेटी के एक सदस्य ने बताया
- सर्च कमेटी ने सीईओ के लिए भगवान राम के प्रति श्रद्धा, सनातनी संस्कृति और शिष्टाचार को जरूरी माना है
- तीन सदस्यीय समिति जल्द ही सीईओ पद के लिए न्यूनतम योग्यता तय कर विज्ञापन जारी कर चयन प्रक्रिया शुरू करेगी
अयोध्या में राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच के बीच एक बड़ी खबर सामने आई है. राम मंदिर ट्रस्ट का मुख्य कार्यपालक अधिकारी यानी कि पहला सीईओ कैसा होना चाहिए, ये सर्च कमेटी ने बता दिया है. उन्होंने कहा कि मंदिर का पहला सीईओ कोई सरकारी अधिकारी नहीं होगा.इसके लिए पहली शर्त उसका अनुभवी और रामभक्त होना जरूरी है.
कैसा होगा राम मंदिर ट्रस्ट का पहला CEO?
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक,सर्च कमेटी ने साफ किया कि इस पद पर किसी सरकारी अधिकारी को नहीं चुना जाएगा. सूत्रों के मुताबिक, सीईओ पद पर नियुक्त होने वाले शख्स के पास सिर्फ बड़ी डिग्रियां होना काफी नहीं है. सर्च कमेटी के सदस्य सुरेश हावरे ने कहा कि सीईओ की भगवान राम के प्रति श्रद्धा होनी बहुत जरूरी है.उसका सनातनी, सभ्य और शिष्ट होना भी जरूरी है. इसके अलावा उसकी प्रशासनिक क्षमता की योग्यता के आधार को लेकर एक मानक तय किया जाएगा.
CEO में राम के लिए श्रद्धा भाव जरूरी
सूत्रों के मुताबिक, राम मंदिर सीईओ नियुक्ति के लिए गठित तीन सदस्यीय समिति के तीनों सदस्यों ने फोन पर बातचीत की है. जल्द तीनों सदस्य एक साथ बैठकर ये तय करेंगे कि चयन के लिए क्या क्या योग्यता होनी चाहिए. संभव है कि तीन सदस्यीय समिति एक मिनिमम क्वालिफिकेशन तय करके विज्ञापन जारी करे और सीईओ बनने के इच्छुक लोगों का इंटरव्यू करके इस पद पर नियुक्त करने पर फैसला ले.
कैसे चुना जाएगा राम मंदर ट्रस्ट का पहला सीईओ?
सूत्रों के मुताबिक, सीईओ के पद पर नियुक्त होने वाला शख्स राम भक्त होना जरूरी है. बाकी उसकी प्रशासनिक क्षमता की योग्यता के आधार को लेकर एक मानक तय किया जाएगा, उसी आधार पर राम मंदिर ट्रस्ट का सीईओ तय किया जाएगा. बता दें कि अब तक राम मंदिर ट्रस्ट को अब तक कई सदस्य मिलकर चला रहे है. चंपत राय इसके महासचिव थे. अनियमितताएं सामने आने के बाद चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव इस्तीफा दे चुके हैं. अब राम मंदिर की व्यवस्था संभाले के लिए अब सीईओ नियुक्त किया जाएगा.
कौन हैं सुरेश हावरे, जिन्होंने राम मंदिर ट्रस्ट सीईओ के बारे में बताया
दान में चोरी के विवाद के बाद राम जन्मभूमि ट्रस्ट की व्यवस्था को ठीक करने और सीईओ को चुनने के लिए जो तीन सदस्यीय समिति बनाई गई है उसमें सुरेश हावरे भी शामिल हैं. वे एक रिटायर्ड न्यूक्लियर साइंटिस्ट हैं. वह शिरडी में श्री साईबाबा संस्थान ट्रस्ट के चीफ भी रह चुके हैं. वर्तमान में वह श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड के सदस्य हैं.
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