वाराणसी में जलजमाव से परेशान लोगों ने प्रशासन से आजिज़ आ जाने के बाद अपने ही पार्षद को बंधक बनाया

वाराणसी में सीवर के जलजमाव से परेशान लोगों ने प्रशासनिक व्यवस्था से आजिज़ आ जाने के बाद अनोखे तरीके से अपनी आवाज पहुंचाने के लिए लोगों ने अपने ही पार्षद को बंधक बना लिया.

वाराणसी में जलजमाव से परेशान लोगों ने प्रशासन से आजिज़ आ जाने के बाद अपने ही पार्षद को बंधक बनाया

लोगों ने पार्षद को ही बंधक बना लिया.

वाराणसी :

वाराणसी में सीवर के जलजमाव से परेशान लोगों ने प्रशासनिक व्यवस्था से आजिज़ आ जाने के बाद अनोखे तरीके से अपनी आवाज पहुंचाने के लिए लोगों ने अपने ही पार्षद को बंधक बना लिया.  शुक्रवार को कई घंटे तक पार्षद को कुर्सी पर बांधकर उसी सीवर के पानी के बीच बैठाये रखा.  लोगों में इस बात का गुस्सा है कि वो सालों से इस परेशानी से जूझ रहे हैं लेकिन उनकी सुध लेने वाला कोई नहीं. 

वाराणसी के बलुवाबीर इलाके की ये अम्बिया मंडी गली है, यहां सीवर के पानी के बीच कुर्सी पर बंधे ये शख्स कोई और नहीं बल्कि यहीं के पार्षद तुफ़ैल अंसारी हैं.  सालों से सीवर के पानी के बीच रहने को मजबूर लोगों की आवाज़ जब नहीं सुनी गई तो उन्होंने अपने नुमाइंदे को ही उसी पानी में बंधक बना लिया और इस बात की तस्दीक खुद पार्षद कर रहे हैं. 

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तुफ़ैल अंसारी ने कहा, 'बलुवा बीर वार्ड नंबर 79 में जो हमारा क्षेत्र है इसमें अंबिया मंडी ट्रांसफार्मर के पास से लगातार जलजमाव है. समस्या बनी हुई है जिसको लेकर जनता काफी आक्रोशित है और यहां लगभग 20 से 25 मकान के आसपास पानी बिल्कुल भरा रहता है. यहां का जो परिवार है वह अपने घर से दूर दवा लेने के लिए अपने घर से निकल नहीं पाता है और हम उनको बार-बार वादा करते हैं कोई सुनवाई नहीं होती है उसी को लेकर जनता ने हम को बंधक बना लिया.'

दरअसल इस इलाके में सीवर के पानी की ये समस्या सालों पुरानी है, इसकी वजह से घर में आने वाला नल का पानी भी दूषित हो जाता है जिससे लोग बीमार भी पड़ रहे हैं. स्थानीय नागरिक मो शोएब ने बताया, 'बहुत परेशान हैं 25 से लेकर 40 घर लोगों को मलेरिया हो रहा है. फूड प्वाइ़जनिंग हो रही है पानी जो आ रहा है वह गंदा आ रहा है .पाइप के जरिए गंदा पानी आ जा रहा है. पार्षद जी को हम लोग कल भेजे थे बंधक भी बनाए थे आज की परेशानी नहीं है यह तकरीबन हम लोग झेल रहे हैं 10 साल से.'

ऐसा नहीं है कि समस्या सुलझाने का बंधक बनाए गये पार्षद ने प्रयास नहीं किया. वो इसकी लम्बी लड़ाई लड़े वर्क आर्डर भी पास कराया लेकिन फिर भी काम नहीं हुआ जिसका उन्हें बेहद मलाल है और हार चुके पार्षद ये कह रहे हैं कि अगर हमें बंधक बनाने से ही जनता का काम हो सके तो ये भी उन्हें मंजूर है. 


तुफैल अंसारी ने बताया, 'यहां से हमारा नया सीवर लाइन 80 मीटर डलवाने के लिए पूरा वर्क आर्डर बन चुका है लेकिन हमको किसी ना किसी बहाने पकाया जाता है और हम को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. इसको लेकर क्षेत्रीय जनता काफी परेशान है. इसको लेकर हम क्षेत्रीय जनता ने हम को बंधक बनाया हम उनके लिए 24 घंटा काम करने के लिए तैयार हैं. अगर हम को बंधक बनाने से उनका काम हो जाता है क्षेत्र की जनता को हम पूरी तरह सम्मान करते हैं.'

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जहां पार्षद एक छोटा सा काम न करवा पाए उससे अंदाज़ा लगाया जा सकता है कि वाराणसी के प्राशासनिक अमले का क्या हाल है. सिर्फ सीवर के पानी का ही नहीं शहर की सफाई का भी यही हाल है. इससे ही अंदाज़ा लगा लीजिये कि स्मार्ट सिटी का दम भरने वाले बनारस का क्या हाल है.