- नोएडा में कर्मचारियों ने वेतन बढ़ोतरी की मांग को लेकर सोमवार को विरोध प्रदर्शन किया था
- प्रदर्शनकारियों की भीड़ उग्र हो गई और उन्होंने सेक्टर 63 के पास कारखाने का गेट तोड़ दिया
- सीसीटीवी फुटेज में सैकड़ों प्रदर्शनकारी कारखाने में घुसते और हंगामा करते हुए दिखाई दे रहे हैं
वेतन बढ़ोतरी की मांग को लेकर सोमवार को नोएडा में कर्मचारियों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया था. इस दौरान प्रदर्शनकारियों की भीड़ काफी उग्र हो गई थी. अब भीड़ का एक कारखाने में घुसने का नया सीसीटीवी फुटेज सामने आया है. यह सीसीटीवी फुटेज सेक्टर 63 के पास स्थित कारखाने का है. जिसका गेट तोड़कर सैकड़ों प्रदर्शनकारियों को अंदर घुसते और हंगामा करते हुए देखा जा सकता है. अंदर घुसने के बाद गुस्साई भीड़ ने कारखाने के अंदर लगे सीसीटीवी कैमरे को भी तोड़ दिया.

पुलिस ने बताया कि सोमवार सुबह नोएडा में अलग-अलग क्षेत्रों के करीब 40,000 से 45,000 मजदूर 80 से ज्यादा जगहों पर जमा हुए थे, जिसकी वजह से मुख्य रास्ते जाम हो गए और पुलिस के साथ झड़प हुई.
नोएडा के फेस‑2 सेक्टर स्थित एक कंपनी के बाहर फैक्ट्री कर्मचारियों का प्रदर्शन थमने का नाम नहीं ले रहा है. वेतन बढ़ोतरी की मांग को लेकर कर्मचारी गेट पर धरना दे रहे हैं. #Noida #employeeprotest pic.twitter.com/aQQtzb0YCp
— NDTV India (@ndtvindia) April 14, 2026
हरियाणा सरकार द्वारा न्यूनतम वेतन बढ़ाने के फैसले के विरोध में शुरू हुआ यह प्रदर्शन देखते ही देखते हिंसक हो गया. प्रदर्शनकारियों ने कई वाहनों और इमारतों को आग के हवाले कर दिया. इस दौरान पुलिस के साथ उनकी झड़प कभी हुई. पुलिस अलग-अलग सीसीटीवी वीडियो के आधार पर हिंसा में शामिल प्रदर्शनकारियों की पहचान कर रही है.
नोएडा में 300 से ज्यादा प्रदर्शनकारी गिरफ्तार
नोएडा में आगजनी और तोड़फोड़ के आरोप में सोमवार शाम तक 300 से ज्यादा प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि अन्य 100 को हिरासत में लिया गया.

पुलिस के मुताबिक, गौतम बुद्ध नगर आयुक्त कार्यालय के अलग-अलग पुलिस थानों में सात मामले दर्ज किए गए हैं और अशांति के बाद कई असामाजिक तत्वों को हिरासत में लिया गया है.
पहले मजदूरों को शांतिपूर्वक तितर-बितर कर दिया गया था. इसके बाद जिले के बाहर से एक समूह पड़ोसी जिलों से सटे इलाकों में पहुंचा. वहां पर उन्होंने तनाव और हिंसा भड़काने की कोशिश की. गौतम बुद्ध नगर पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह ने सोमवार रात पत्रकारों को बताया, "हमने इस गुट के कुछ सदस्यों को हिरासत में ले लिया है और बाकी लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ उचित कार्रवाई शुरू की जाएगी."

पुलिस ने बताया कि विरोध प्रदर्शन की प्लानिंग रात भर में व्हाट्सएप ग्रुपों पर की गई थी.जांच के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों को रविवार देर रात क्यूआर कोड के जरिए व्हाट्सएप ग्रुपों से जोड़ा गया और विभिन्न मजदूर संघों को मैसेज भी भेजे गए थे. पुलिस को मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर अलग-अलग नामों वाले कई ऐसे ग्रुप मिले, जिनमें से एक का नाम 'श्रमिक आंदोलन' था. पुलिस के मुताबिक, इन ग्रुपों में भड़काऊ और उत्तेजक सामग्री और मैसेज भेजे गए थे, जिनका मकसद विरोध प्रदर्शनों को और भड़काना था.
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