बसपा सुप्रीमो मायावती ने 500 और 1000 रुपये के नोट बंद करने के केन्द्र सरकार की निंदा की.
- कहा, 500 और 1000 रुपये के नोट बंद करना तानाशाही
- करोड़ों गरीबों और मेहनतकशों को इससे पीड़ा हो रही
- भाजपा को उसके व्यवहार की सजा जनता जरूर देगी
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लउनऊ:
बसपा सुप्रीमो मायावती ने 500 और 1000 रुपये के नोट बंद करने के केन्द्र सरकार के कदम को तानाशाही और अहंकार से भरा बताते हुए आज कहा कि देश के करोड़ों गरीबों और मेहनतकशों को इससे पीड़ा हो रही है और जब सरकार इस पीड़ा को समझ न पाए तो उसके बुरे दिन दूर नहीं.
मायावती ने एक बयान में कहा, ‘‘भाजपा के इस तानाशाही और अहंकारी व्यवहार की सजा जनता उसे जरूर देगी. यह आर्थिक आपातकाल लगाने वाला फैसला है. इससे देश के करोड़ों गरीबों और मेहनतकशों को पीड़ा हो रही है. उनकी पीड़ा को अपना समझकर बसपा ने केन्द्र के फैसले पर कल कड़ी प्रतिक्रिया दी थी.’’ उन्होंने कहा, ‘‘जब देश की शासक पार्टी देशवासियों और आम नागरिकों की पीड़ा नहीं समझ पाए तो ऐसी सरकार के बुरे दिन दूर नहीं हैं. यह जनता में आम चर्चा भी है.’’
भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने इस फैसले को बसपा के लिए आर्थिक आपातकाल करार दिया था, जिस पर मायावती ने कहा कि शाह को शायद मालूम नहीं है कि जमीन से जुड़े बसपा के छोटे बड़े कार्यकर्ताओं ने कठिन से कठिन समय में भी अपनी पार्टी को आर्थिक तकलीफ नहीं होने दी है और वे पूरे तन, मन, धन से बसपा मूवमेंट (आंदोलन) को सहयोग करते रहे हैं, जिससे पूरा देश वाकिफ है.
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
मायावती ने एक बयान में कहा, ‘‘भाजपा के इस तानाशाही और अहंकारी व्यवहार की सजा जनता उसे जरूर देगी. यह आर्थिक आपातकाल लगाने वाला फैसला है. इससे देश के करोड़ों गरीबों और मेहनतकशों को पीड़ा हो रही है. उनकी पीड़ा को अपना समझकर बसपा ने केन्द्र के फैसले पर कल कड़ी प्रतिक्रिया दी थी.’’ उन्होंने कहा, ‘‘जब देश की शासक पार्टी देशवासियों और आम नागरिकों की पीड़ा नहीं समझ पाए तो ऐसी सरकार के बुरे दिन दूर नहीं हैं. यह जनता में आम चर्चा भी है.’’
भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने इस फैसले को बसपा के लिए आर्थिक आपातकाल करार दिया था, जिस पर मायावती ने कहा कि शाह को शायद मालूम नहीं है कि जमीन से जुड़े बसपा के छोटे बड़े कार्यकर्ताओं ने कठिन से कठिन समय में भी अपनी पार्टी को आर्थिक तकलीफ नहीं होने दी है और वे पूरे तन, मन, धन से बसपा मूवमेंट (आंदोलन) को सहयोग करते रहे हैं, जिससे पूरा देश वाकिफ है.
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