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विवाद में आया मणिकर्णिका घाट पहले कैसा दिखता था और भविष्य में कैसा नजर आएगा? NDTV ग्राउंड रिपोर्ट में जानिए

समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने वाराणसी के मणिकर्णिका घाट विवाद के सिलसिले में बिना किसी का नाम लिए नसीहत भरे अंदाज में सोमवार को कहा कि ‘धरोहरें तोड़ो नहीं, संजोई जाती हैं.’

  • मणिकर्णिका घाट पर चल रहे निर्माण कार्य के दौरान घाट के पुराने स्वरूप और मंदिरों को सुरक्षित रखा जा रहा है
  • CSR फंड से मणिकर्णिका घाट में आधुनिक सुविधाओं सहित शवदाह गृह और वेटिंग एरिया का निर्माण किया जा रहा है
  • प्रोजेक्ट के प्लान के अनुसार घाट के छोटे मंदिरों को नई इमारत में उसी रूप में पुनर्स्थापित किया जाएगा
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वाराणसी के मणिकर्णिका घाट को लेकर राजनीति लगातार गर्म है. यह विवाद ऐसे समय में उठा है, जब कुछ वर्ष पहले काशी विश्वनाथ मंदिर कॉरिडोर के निर्माण के दौरान आसपास की संकरी गलियों और पुराने मकानों–दुकानों को अधिग्रहित कर तोड़ा गया था. उस समय यह सवाल उठा था कि क्या उन गलियों में मौजूद मंदिरों को हटाया गया या उन्हें सुरक्षित रखा गया? इसी सवाल का जवाब जानने के लिए एनडीटीवी की टीम ने विश्वनाथ कॉरिडोर के भीतर जाकर पड़ताल की.

मणिकर्णिका घाट पर पहले क्या था और अब क्या हो रहा है?

जिस जगह पर शवदाह गृह का निर्माण चल रहा है, वहां पहले घाट का स्वरूप कैसा था, इसे समझने के लिए टीम ने प्रोजेक्ट के प्लान-मैप का अध्ययन किया. रूपा फाउंडेशन अपने 18 करोड़ रुपये के सीएसआर फंड से इस परियोजना का निर्माण करा रहा है. प्लान मैप में घाट की पहले की स्थिति और भविष्य की योजना, दोनों की तस्वीरें दर्ज हैं. वर्तमान में मणिकर्णिका घाट के एक हिस्से को बैरिकेड कर निर्माण कार्य चल रहा है और घाट के दूसरे हिस्से में पहले की तरह शवों का अंतिम संस्कार जारी है.

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प्रोजेक्ट में क्या बन रहा है?

प्लान के मुताबिक वेटिंग एरिया, टॉयलेट, मुंडन स्थल, एलिवेटेड प्लेटफॉर्म का काम होना है. गौर करने वाली बात यह है कि इस पूरी योजना में घाट पर मौजूद किसी भी मंदिर को तोड़ा नहीं जा रहा है. जितनी मढ़ियां (छोटे मंदिर/तख्त) पहले थीं, उनकी तस्वीरें प्लान में दिखाकर यह बताया गया है कि इन्हें नई इमारत में जैसे-का-तैसा वापस स्थापित कर दिया जाएगा.

प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद कैसा दिखेगा घाट?

निर्माण पूरा होने के बाद यह प्रोजेक्ट काशी विश्वनाथ मंदिर कॉरिडोर से जुड़ जाएगा. जहां पहले कच्चे घाट थे, वहां अब पक्की सीढ़ियाँ दिखाई देंगी. यानी, अंतिम संस्कार स्थल को आधुनिक सुविधाओं से लैस करते हुए इसकी मूल धार्मिक संरचना को बनाए रखने का दावा किया जा रहा है.

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क्या है मणिकर्णिका विवाद

वाराणसी में मणिकर्णिका घाट पर चल रहे रीडेवलपमेंट काम से जुड़ी कथित एआई-जेनरेटेड तस्वीरों और गुमराह करने वाले दावों के सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद 8 एफआईआर दर्ज की गई हैं. ये मामले तब दर्ज किए गए जब कथित तौर पर मनगढ़ंत वीडियो और पोस्ट ऑनलाइन सर्कुलेट होने लगे और उन पर काफी ध्यान गया और उनकी आलोचना हुई. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि एफआईआर में 8 लोगों के साथ-साथ कुछ एक्स हैंडल को भी टारगेट किया गया है, जिन पर मणिकर्णिका घाट पर चल रहे सौंदर्यीकरण के काम के बारे में झूठे वीडियो और गलत जानकारी फैलाने का आरोप है.

तस्वीरों में देवी-देवताओं को गलत तरीके से दिखाने के आरोप

पुलिस के अनुसार, मणिकर्णिका घाट पर चल रहे रीडेवलपमेंट के काम के तथ्यों के विपरीत मनगढ़ंत तस्वीरें और गुमराह करने वाला कंटेंट सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शेयर किया गया था. अधिकारियों ने आरोप लगाया कि कुछ तस्वीरों में हिंदू देवी-देवताओं को गलत तरीके से दिखाया गया था, जिसका मकसद धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना, गलत जानकारी फैलाना, जनता में गुस्सा पैदा करना और सामाजिक सद्भाव को बिगाड़ना था. यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब ऐतिहासिक श्मशान घाट पर रीडेवलपमेंट का काम चल रहा है, एक ऐसा प्रोजेक्ट जिसका कुछ निवासियों ने पहले ही विरोध किया है और उन्होंने इलाके की विरासत को संभावित नुकसान को लेकर चिंता जताई है.

सीएम योगी ने विवाद पर सपा और कांग्रेस को घेरा

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों को विकास पसंद नहीं आ रहा है, इसलिए वे लगातार भ्रामक और झूठे प्रचार के माध्यम से देश की जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार मिलकर काशी में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ प्राचीन विरासत को संरक्षित करने का कार्य कर रही हैं. उन्होंने कहा, ‘‘यह विकास कार्य कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों को पसंद नहीं आ रहा है, इसलिए वे लगातार अपने भ्रामक और झूठे प्रचार के माध्यम से देश की जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं.'' योगी ने कहा कि काशी आज अभूतपूर्व विकास की साक्षी बन रही है. उन्होंने बताया कि वाराणसी में 55 हजार करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाएं धरातल पर उतर चुकी हैं, जो विकास की नयी गाथा लिख रही हैं.

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