मोहब्बत की ऐसी दास्तान और ऐसा दर्द शायद ही आपने पहले कभी सुना होगा, जिसमें एक पिता अपनी बीवी और बेटे के जाने का गम सह नहीं पाया और 11 दिन बाद उसकी भी जान चल गई. उसने अपनी जिंदगी के आखिरी दिन भी पत्नी और बेटे की कब्र से लिपटकर बिताए और उस पर ही दम तोड़ दिया. अब उससे भी दर्दनाक बात यह सामने आई है कि पत्नी और पति की मौत के बाद इनके 3 मासूम बच्चों के सिर से साया उठ गया है.
मूल रूप से मध्य प्रदेश के हरपालपुर के रहने वाले सुब्हान अहमद (40) अपनी ससुराल चरखारी में थे. 25 मई को काल बनकर आई हीटवेव ने उनके 6 साल के मासूम बेटे हसनैन को हमेशा के लिए छीन लिया. कलेजे के टुकड़े की मौत की खबर सुनते ही मां रजिया खातून का दिल भी फट गया और उन्होंने भी मौके पर ही दम तोड़ दिया.
नहीं सह पाए पहाड़ सा गम
महज 11 दिन पहले एक साथ उठे दो जनाजों ने सुब्हान को भीतर से खोखला कर दिया था. वह गम का यह पहाड़ सह नहीं पा रहे थे. वह शुक्रवार सुबह तड़के 4 बजे अपनी पत्नी और बच्चे की याद में तड़पते हुए कब्रिस्तान पहुंच गए. जब दो घंटे तक वह वापस नहीं लौटे तो परिजन उन्हें ढूंढते हुए कब्रिस्तान पहुंचे. वहां का नजारा देखकर सभी की रूह कांप गई. सुब्हान सजदे की हालत में अचेत पड़े थे, उनका एक हाथ बेटे की कब्र पर था और दूसरा हाथ अपनी बीबी की कब्र पर था.
कब्रों से लिपटे हुए मृत मिलने से परिजनों में कोहराम मच गया. अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने सुब्हान को मृत घोषित कर दिया.
पैर पर मिला एक निशान, जहरीले कीड़े के काटने की भी आशंका
परिजनों के अुसार, सुब्हान के पैर पर एक निशान मिला है, जिससे आशंका है कि कब्र पर लेटे हुए उन्हें किसी जहरीले कीड़े ने काट लिया होगा, या फिर दिल टूटने और गहरे सदमे ने उनकी जान ले ली. मौत की असली वजह पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद ही साफ होगी. लेकिन इस दर्दनाक घटना ने सुब्हान के पीछे छूटे तीन बच्चों 17 साल के सैफ, 14 साल की रोशनी और 11 साल की आलिया के सिर से मां-पिता का साया हमेशा के लिए छिन गया है.
11 दिनों के भीतर एक ही घर में तीन मौतों से पूरा इलाका सदमे में है और अब इन बेसहारा अनाथ बच्चों के भरण-पोषण के लिए हर कोई सरकार से मदद की गुहार लगा रहा है.
परिजन ने क्या बताया
परिजन मोहम्मद सलीम ने बताया कि 25 मई को उनके भांजे हसनैन की हीटवेव के कारण तबीयत बिगड़ गई थी. इलाज के लिए छतरपुर ले जाते समय रास्ते में उसकी मौत हो गई. बेटे की मौत का सदमा उसकी मां रजिया खातून बर्दाश्त नहीं कर सकीं और उन्होंने भी दम तोड़ दिया. दोनों को चरखारी में सुपुर्द-ए-खाक किया गया था. इसके बाद से सुभान अहमद गहरे सदमे में थे. शुक्रवार सुबह वह कब्रिस्तान फातिहा पढ़ने गए थे. काफी देर तक वापस न लौटने पर परिजन पहुंचे तो वह पत्नी और बेटे की कब्र से लिपटे मृत मिले. अब तीन बच्चे अनाथ हो गए हैं और परिवार ने सरकार से मदद की मांग की है.
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