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This Article is From Dec 01, 2017

यूपी निकाय चुनाव : योगी-मोदी, माया-अखिलेश और सोनिया-राहुल की साख है दांव पर, गुजरात तक पड़ सकता है असर

यह चुनाव सीएम योगी आदित्यनाथ, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव, बीएसपी सुप्रीमो मायावती और पीएम मोदी के लिए भी महत्वपूर्ण है.

यूपी निकाय चुनाव : योगी-मोदी, माया-अखिलेश और सोनिया-राहुल की साख है दांव पर, गुजरात तक पड़ सकता है असर
पीएम मोदी और सीएम योगी ( फाइल फोटो )
  • सभी पार्टियों ने इस बार पार्टी के सिंबल पर लड़ा चुनाव
  • बीएसपी और सपा के सामने है वापसी करने की चुनौती
  • योगी-मोदी की भी लगी है साख दांव पर
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के निकाय चुनाव इस बार इतने ज्यादा महत्वपूर्ण हो जाएंगे यह शायद ही पहले कभी किसी ने सोचा हो क्योंकि इन चुनावों में कई बड़े चेहरों की साख दांव पर लगी है. इसके साथ ही इसके नतीजों का असर गुजरात विधानसभा चुनाव से भी जोड़कर देखा जा रहा है. यह चुनाव सीएम योगी आदित्यनाथ, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव, बीएसपी सुप्रीमो मायावती और पीएम मोदी के लिए भी महत्वपूर्ण है. विधानसभा चुनाव हुए 6 महीने से ज्यादा का वक्त हो चुका है. इन चुनाव नतीजों से साफ हो जाएगा कि क्या आम जनता राज्य सरकार के कामकाज से खुश है या नहीं.

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वहीं समाजवादी पार्टी का अध्यक्ष बनने के बाद अखिलेश यादव के सामने भी बड़ी चुनौती है कि क्या वह विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद पार्टी में फिर से जोश भरने का माद्द रखते है या नहीं क्योंकि योगी सरकार के खिलाफ उनके पास अच्छे खासे मुद्दे हैं. फिर चाहे बेरोजगारी हो या कानून व्यवस्था या फिर किसानों का मुद्दा.

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इन चुनाव में बीएसपी ने भी पार्टी के सिंबल पर ही चुनाव लड़ा है. लोकसभा में चुनाव में कोई भी सीट न जीत पाने वाली बीएसपी को विधानसभा चुनाव में भी तीसरे नंबर पर ही रही है. बीएसपी अगर इन चुनाव में कुछ खास न कर पाई तो उसके राजनीतिक वजूद पर संकट खड़ा हो सकता है क्योंकि हाल ही में उसके कई बड़े नेता छोड़ कर जा चुके हैं.

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योगी आदित्यनाथ के सामने भी साख बचाने की चुनौती है. विधानसभा चुनाव में प्रचंड बहुमत से जीतने वाली बीजेपी कितनी सीटें जीतती है इस बात पर भी नजर रहेगी वैसे आम तौर पर निकाय चुनाव के नतीजे राज्य में जिस पार्टी की सरकार रहती है उसी के पक्ष में रहते हैं. लेकिन वोट प्रतिशत में उतार-चढ़ाव भी इस चुनाव में लोकप्रियता के पैमाना होगा.

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पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी की सीटों पर भी नजर है. बीजेपी का दावा है कि यहां पर वह सारी सीटें जीत लेगी. लेकिन इन चुनावों में स्थानीय मुद्दे हावी रहते हैं और बिजली, पानी, सड़क के मुद्दे पर लोग कितना खुश हैं यह योगी सरकार के कामकाज पर निर्भर होगा.

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कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के क्षेत्र रायबरेली और राहुल गांधी की अमेठी में के चुनाव परिणाम गुजरात चुनाव पर असर डाल सकते हैं क्योंकि गुजरात में बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह और केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी रायबरेली और अमेठी के विकास को मुद्दा बना चुके हैं. वहीं इन नतीजों का असर गुजरात चुनाव पर भी पड़ सकता है क्योंकि उत्तर प्रदेश से बड़ी संख्या में लोग गुजरात में रोजी-रोटी की वजह से बसे हुए हैं.  


 
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