बॉलीवुड फिल्म 'विवाह' का वह भावुक क्लाइमेक्स सीन शायद ही कोई भूल पाया हो, जहां शादी से ठीक पहले दुल्हन आग में झुलस जाती है और उसे अस्पताल में भर्ती करवाना पड़ता है. उस मुश्किल घड़ी में दूल्हा अस्पताल के वार्ड में ही उसकी मांग भरकर उसे अपनी पत्नी के रूप में स्वीकार करता है. फिल्मी पर्दे की यह काल्पनिक कहानी अब कानपुर में हकीकत बन चुकी है. यहां एक दूल्हे ने शादी से ठीक पहले हुए अग्निकांड में बुरी तरह झुलसी अपनी होने वाली पत्नी का हाथ नहीं छोड़ा, बल्कि अस्पताल के बर्न वार्ड को ही मंडप बनाकर उसके साथ सात जन्मों की कसमें खाईं.
मेहंदी की रस्म के दौरान हुआ दर्दनाक हादसा
यह पूरी घटना कानपुर के घाटमपुर स्थित जगन्नाथपुर गांव की है. यहां के निवासी जगदीश सिंह की 23 वर्षीय बेटी गरिमा सिंह उर्फ श्वेता की शादी कानपुर के तात्या टोपे नगर के रहने वाले 27 वर्षीय विकास सिंह के साथ तय हुई थी. गुरुवार को बारात आनी थी और बुधवार, 13 मई को घर में मेहंदी की रस्म चल रही थी. पूरा घर रिश्तेदारों और मेहमानों से भरा हुआ था, तभी अचानक गैस सिलेंडर की पाइप से रिसाव होने लगा और देखते ही देखते भीषण आग लग गई.

शीर्षक: रीयल लाइफ 'विवाह': शादी से पहले आग में झुलसी दुल्हन, दूल्हे ने अस्पताल के बर्न वार्ड को ही मंडप बना रचाई शादी
चीख-पुकार सुनकर लोग आग बुझाने दौड़े, लेकिन इसी बीच चूल्हे पर रखी खौलते तेल की कड़ाही पलट गई. इस दर्दनाक हादसे में दुल्हन श्वेता, उनके पिता जगदीश, फोटोग्राफर शिवा और कई महिला रिश्तेदारों समेत कुल 12 लोग बुरी तरह झुलस गए. सभी को तुरंत घाटमपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) ले जाया गया, जहाँ से गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें कानपुर रेफर कर दिया गया.
रिश्तेदारों ने दी शादी टालने की सलाह, पर दूल्हा रहा अडिग
हादसे की खबर जैसे ही दूल्हे विकास और उनके परिवार को मिली, वे तुरंत कानपुर के उर्सला अस्पताल और फिर वहाँ से जाजमऊ स्थित प्राइवेट मिशिका हॉस्पिटल पहुंचे, जहाँ श्वेता को भर्ती कराया गया था. दुल्हन की गंभीर हालत को देखकर कुछ रिश्तेदारों ने शादी को कुछ समय के लिए टालने की सलाह दी, लेकिन विकास ने ऐसा करने से साफ इनकार कर दिया. विकास ने दृढ़ता से कहा कि परिस्थितियां चाहे जैसी भी हों, वे अपना वादा निभाएंगे और हर पल श्वेता का साथ देंगे.

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अस्पताल का बर्न वार्ड बना विवाह मंडप
विकास के इस अटूट प्रेम और समर्पण को देखकर दोनों परिवार भावुक हो गए. इसके बाद अस्पताल प्रशासन से वार्ड के अंदर ही शादी करने की अनुमति मांगी गई. मिशिका हॉस्पिटल के एमडी डॉ. सुरेंद्र पटेल और उनकी टीम ने संवेदनशीलता दिखाते हुए तुरंत इसकी इजाजत दे दी.
शुक्रवार की रात अस्पताल का बर्न वार्ड एक विवाह मंडप में तब्दील हो गया. अस्पताल के नर्सिंग स्टाफ और दोनों परिवारों ने मिलकर वार्ड को फूलों से सजाया. सफेद शर्ट और काली पैंट पहने दूल्हा विकास अस्पताल के उस बेड के पास पहुंचा, जहाँ उनकी दुल्हन पट्टियों में लिपटी हुई लेटी थी. विकास ने वहीं श्वेता की मांग में सिंसूर भरा और उसे अपनी जीवनसंगिनी के रूप में स्वीकार किया. इस अभूतपूर्व और भावुक पल को देखकर वहाँ मौजूद डॉक्टरों, नर्सों और रिश्तेदारों की आँखें नम हो गईं.

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डॉक्टरों और दूल्हे का बयान
मिशिका हॉस्पिटल के एमडी डॉ. सुरेंद्र पटेल ने बताया कि अस्पताल के अंदर शादी का यह घटनाक्रम बेहद भावुक करने वाला था. उन्होंने जानकारी दी कि दुल्हन श्वेता की हालत में अब तेजी से सुधार हो रहा है, हालांकि उन्हें पूरी तरह ठीक होकर डिस्चार्ज होने में अभी 8 से 10 दिन का समय और लग सकता है. हादसे में घायल हुए अन्य लोगों का इलाज भी जारी है.
दूल्हा विकास ने मीडिया (एनडीटीवी) को फोन पर बताया कि वे एक प्राइवेट नौकरी करते हैं. उन्होंने तय किया था कि वे परिस्थितियों के आगे नहीं झुकेंगे और शादी उसी दिन और उसी शुभ मुहूर्त में संपन्न करेंगे जो पहले से तय था.
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