विज्ञापन

पिता ने डांटा तो घर से निकली दो सगी बहनें, आजमगढ़ से 370 KM दूर कानपुर पहुंचीं, GRP ने परिजन को सौंपा

आजमगढ़ में पिता की डांट से नाराज होकर घर छोड़ने वाली दो नाबालिग सगी बहनें 370 किलोमीटर दूर कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन पहुंच गईं. जीआरपी की सतर्कता से दोनों बच्चियों को सुरक्षित बरामद कर लिया.

पिता ने डांटा तो घर से निकली दो सगी बहनें, आजमगढ़ से 370 KM दूर कानपुर पहुंचीं, GRP ने परिजन को सौंपा

आमतौर पर माता-पिता की डांट बच्चों को सही रास्ता दिखाने के लिए होती है, लेकिन कभी-कभी भावनाओं में लिया गया एक छोटा सा फैसला बड़े खतरे का कारण बन सकता है. ऐसा ही एक मामला उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ से सामने आया, जहां पढ़ाई को लेकर पिता की डांट से नाराज दो नाबालिग सगी बहनें घर छोड़कर ट्रेन से कानपुर पहुंच गईं. सौभाग्य से कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन पर जीआरपी की सतर्कता ने दोनों बच्चियों को सुरक्षित ढूंढ़ लिया.

पढ़ाई को लेकर डांटा तो घर छोड़ दिया

जानकारी के मुताबिक, आजमगढ़ की रहने वाली दो नाबालिग बहनें, जिनकी उम्र करीब 14 से 15 वर्ष बताई जा रही है, अपने पिता की डांट से नाराज हो गई थीं. पिता ने उन्हें पढ़ाई पर ध्यान देने के लिए फटकार लगाई थी. इसी बात से आहत होकर दोनों बहनें बिना किसी को बताए घर से निकल पड़ीं और ट्रेन में बैठकर कानपुर के लिए रवाना हो गईं.

370 किलोमीटर दूर पहुंच गईं बच्चियां

घर से निकलने के बाद दोनों बहनें आजमगढ़ से करीब 370 किलोमीटर दूर कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन पहुंच गईं. अजनबी शहर और भारी भीड़ वाले रेलवे स्टेशन पर दो नाबालिग बच्चियों का अकेले होना खतरे से खाली नहीं था. हालांकि समय रहते जीआरपी की नजर उन पर पड़ गई और उन्हें सुरक्षित संरक्षण में ले लिया गया.

जीआरपी की मुस्तैदी आई काम

कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर तैनात जीआरपी इंस्पेक्टर ओम नारायण सिंह और उनकी टीम ने सतर्कता दिखाते हुए दोनों बच्चियों को प्लेटफॉर्म पर सुरक्षित ढूंढ़ निकाला. पूछताछ के दौरान पता चला कि दोनों बहनें घर से नाराज होकर आई हैं. इसके बाद पुलिस ने बिना देर किए उन्हें स्टेशन के महिला हेल्प डेस्क पर पहुंचाया.

बच्चियों को समझाया और दिया सहारा

जीआरपी टीम ने संवेदनशीलता दिखाते हुए बच्चियों के साथ दोस्ताना व्यवहार किया. इंस्पेक्टर ओम नारायण सिंह ने दोनों को अपने पास बैठाकर समझाया, उनका मनोबल बढ़ाया और उन्हें खाना-पानी भी उपलब्ध कराया. पुलिसकर्मियों ने उन्हें यह भरोसा दिलाया कि उनके साथ कोई बुरा नहीं होने दिया जाएगा.

बेटियों को देखकर छलक पड़े आंसू

बच्चियों से जानकारी मिलने के बाद जीआरपी ने तुरंत उनके परिवार से संपर्क किया. सूचना मिलते ही बच्चियों के माता-पिता और भाई कानपुर के लिए रवाना हो गए. परिवार के सदस्य जब स्टेशन पहुंचे तो उनकी चिंता और बेचैनी साफ दिखाई दे रही थी. जीआरपी ने दोनों बच्चियों को सकुशल उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया. अपनी बेटियों को सुरक्षित देखकर माता-पिता की आंखों से आंसू निकल पड़े. परिवार ने राहत की सांस ली और जीआरपी टीम का धन्यवाद किया.  

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Kanpur Central, Azamgarh Case, Sisters Missing
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com