- कानपुर में पुलिस ने लूट के आरोपी मुन्ना खान को 17 अप्रैल की रात गोली मारकर हैलट अस्पताल में भर्ती कराया था
- पैर में गोली लगने के बावजूद घायल मुन्ना खान ने चार पुलिसकर्मियों को चकमा दिया और फरार हो गया
- मुन्ना के फरार होने के बाद पुलिस ने पूरे शहर में सघन नाकेबंदी कर ढाई घंटे की मशक्कत के बाद उसे गिरफ्तार किया
Kanpur Police Encounter: उत्तर प्रदेश के कानपुर में आज पुलिस और एक लुटेरे के बीच फिल्मी स्टाइल में भागमभाग देखने को मिली. हुआ यूं कि 16 अप्रैल की एक लूट के मामले में पुलिस ने शातिर अपराधी मुन्ना खान को घेरा था और 17 अप्रैल की रात मुठभेड़ में उसके पैर में गोली लगी थी. जिसके बाद पुलिस ने उसे हैलट अस्पताल में भर्ती कराया और उसकी चौकसी के लिए चार सिपाही तैनात कर दिए. लेकिन पैर में गोली लगे होने के बाद भी मुन्ना खान पुलिस के इन चार जवानों को चकमा देकर अस्पताल से फरार हो गया. इसके बाद पुलिस और एक शातिर लुटेरे के बीच लुका-छिपी का जो 'ढाई घंटे' का खेल चला, उसने पूरी फोर्स को चक्कर में डाल दिया. क्या है पूरा मामला पढ़िए इस रिपोर्ट में...
गोली खाने के बाद भी दिखा 'सुपरपावर'
कहानी की शुरुआत 16 अप्रैल को हुई एक लूट से होती है. इसके बाद 17 अप्रैल की रात कानपुर पुलिस ने मुन्ना के पैर में गोली मारकर उसे 'अहिंसा' का पाठ पढ़ाया. पुलिस को भरोसा था कि पैर में गोली लगने के बाद मुन्ना अस्पताल के बिस्तर पर पड़ा अपनी गलतियों का हिसाब करेगा. उसे हैलट अस्पताल में भर्ती करा दिया गया और सुरक्षा के लिए एक-दो नहीं, बल्कि चार सिपाही तैनात कर दिए गए. लेकिन मुन्ना खान शायद 'क्रिश' फिल्म का फैन निकला. पैर में गोली लगी होने के बावजूद उसने उन चार जवानों को ऐसा धता बताया कि अस्पताल से कब 'नौ दो ग्यारह' हो गया, किसी को कानों-कान खबर तक नहीं हुई.

kanpur crimeछ 17 अप्रैल को पुलिस की गोली लगने के बाद शातिर लुटेरा मुन्ना खान खुद से चल भी नहीं पा रहा था.
सफेद ऑटो और पुलिसिया पहरे की दीवार
हैरानी की बात यह है कि जिस घाव की वजह से एक आम इंसान दो कदम न चल पाए, उस घायल पैर के साथ मुन्ना खान ने अस्पताल की दीवारें और पुलिस का सख्त पहरा ऐसे लांघा जैसे वह कोई एथलीट हो. मुन्ना अस्पताल के बाहर निकला और बड़े आराम से एक सफेद ऑटो में बैठकर फरार हो गया. मुन्ना के गायब होते ही पुलिस महकमे में ऐसी खलबली मची कि बड़े अफसरों के पसीने छूट गए और पूरे शहर के वायरलेस सेट गूंजने लगे.
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जब इज्जत पर आई बात, तो शुरू हुआ 'ऑपरेशन लंगड़ा'
जब बात खाकी की साख पर बन आई, तो डीसीपी क्राइम श्रवण कुमार सिंह के नेतृत्व में क्राइम ब्रांच की टीम को तुरंत मैदान में उतारा गया. अब लुका-छिपी का असली खेल शुरू हुआ. शहर में ऐसी नाकेबंदी की गई कि परिंदा भी पर न मार पाए. हालांकि, मुन्ना पहले ही बाज बनकर उड़ चुका था, लेकिन क्राइम ब्रांच ने हार नहीं मानी. आखिरकार, ढाई घंटे की कड़ी मशक्कत और भागदौड़ के बाद 'लंगड़े' मुन्ना को दोबारा दबोच लिया गया.

Kanpur Police Encounter: मुन्ना खान के अस्पताल से फरार होने के बाद कानपुर पुलिस ने पूरे शहर में सघन तलाशी अभियान चलाया.
Photo Credit: अरुण अग्रवाल
चार सिपाहियों पर भारी पड़ी मुन्ना की चाल
मुन्ना अब फिर से सलाखों के पीछे है और उसका इलाज अस्पताल में जारी है, लेकिन वह उन 4 पुलिसकर्मियों के करियर पर लापरवाही का 'तमगा' जरूर टांग गया है. फिलहाल, मुन्ना खान पर अब पहरा इतना कड़ा है कि शायद उसे खुद की परछाईं से भी डर लगने लगा होगा.पुलिस की कोशिश है कि मुन्ना खान का इलाज जल्द से जल्द हो और उसे जेल भेजा जाए.. पुलिस अब उस ऑटो वाले का भी पता लगा रही है जिसने मुन्ना को भागने में मदद की थी.डीसीपी क्राइम के मुताबिक, इन पुलिसकर्मियों की लापरवाही को बहुत गंभीरता से लिया गया है और उनके खिलाफ सख्त एक्शन की तैयारी की जा रही है.
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