- IPS अविनाश पांडेय ने प्रदर्शनकारियों पर थप्पड़ लगाए और पुलिस वाहन में भी पीटा
- मेरठ में ललिता गौतम हत्याकांड के विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने कलक्ट्रेट गेट पर सड़क जाम किया था
- SSP अविनाश पांडेय ने प्रदर्शनकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि सड़क जाम करना गलत है और तुरंत मार्ग खाली करें
IPS अविनाश पांडेय के थप्पड़बाज़ पुलिस अफसर वाले वीडियो वायरल हो रहे हैं. ये न केवल प्रदर्शन कर रहे लोगों के बीच जाकर उन पर थप्पड़ बरसाते हैं, बल्कि हिरासत में लेने के बाद पुलिस वाहन में बंद लोगों को भी थप्पड़ मारते हैं. यही नहीं, बल्कि वाहन का दरवाजा बंद करके भी पीटते हैं. मामला मेरठ के ललिता गौतम हत्याकांड से जुड़ा है. वीडियो सामने आने के बाद IPS अविनाश पांडेय को दलित समाज के लोग सोशल मीडिया पर ट्रोल कर रहे हैं.
दरअसल, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में बीए की छात्रा ललिता गौतम हत्याकांड को लेकर जारी जनाक्रोश के बीच मेरठ एसएसपी IPS अविनाश पांडेय का थप्पड़बाज़ पुलिस अफसर वाला रूप देखने को मिला है. प्रदर्शन के दौरान IPS अविनाश पांडेय खुद प्रदर्शनकारियों को फटकारते, खदेड़ते और उन्हें मारते नजर आ रहे हैं.
वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि मेरठ पुलिस ने कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर पुलिस की गाड़ी में बैठा रखा था. इसी दौरान एसएसपी अविनाश पांडेय वहां पहुंचते हैं और गाड़ी में चढ़ते ही प्रदर्शनकारियों पर थप्पड़ बरसाने शुरू कर देते हैं. उसके बाद गाड़ी का दरवाजा बंद करके प्रदर्शनकारियों को पीटते हैं. इसके अलावा वे प्रदर्शनकारियों के बीच जाकर भी थप्पड़ मारते नजर आते हैं.
दलित बेटी की हत्या हुई है उसके लिए संवैधानिक तरीके से न्याय माँगना कोई अपराध नहीं है SSP मेरठ द्वारा रवि गौतम को हिरासत में लेकर मारपीट करने का अधिकार संविधान ने नहीं दिया है !
— (समण) Rajendra Pal Gautam (@AdvRajendraPal) July 8, 2026
संविधान द्वारा दी गई ताकत का थोड़ा सा इस्तेमाल धर्म व लोगों की आस्था को सीडी बनाकर सत्ता पर कब्ज़ा… pic.twitter.com/QwDzcSpmtq
मेरठ कलक्ट्रेट गेट पर जाम और पुलिस का एक्शन
एसएसपी के वायरल वीडियो की यह घटना मेरठ कलक्ट्रेट मुख्य प्रवेश द्वार के पास की बताई जा रही है. 15 मई को परीक्षा देने निकली बीए की छात्रा ललिता गौतम का शव 17 मई को रोहटा थाना क्षेत्र के एक गन्ने के खेत में मिला था. हालांकि पुलिस ने मुख्य हत्यारोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, लेकिन परिजन और दलित समाज के लोग आरोपी के पूरे परिवार और अन्य सह-आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर अड़े थे.
इस भाजपा सरकार में योगी राज में पीडीए होना गुनाह हो गया है। एक दलित समाज की बेटी को न्याय दिलाने के लिए शांतिपूर्वक धरने पर बैठे लोगों यह व्यवहार बाबा की सरकार में है @yadavakhilesh pic.twitter.com/EveRU0ViHX
— GURJAR MOHIT NAGAR (@Mohitnagar_sp) July 8, 2026
बड़ी संख्या में महिलाएं और ग्रामीण प्रदर्शन करने पहुंचे थे. देखते ही देखते कलक्ट्रेट का मुख्य रास्ता बंद हो गया और भीषण जाम लग गया. मौके पर मौजूद एसपी देहात अभिजीत कुमार ने लोगों को समझाने की काफी कोशिश की, लेकिन प्रदर्शनकारी उग्र होकर नारेबाजी करने लगे और पुलिस से उलझ गए.
"किसी के पिताजी की सड़क नहीं है" -IPS अविनाश पांडेय
स्थिति को बेकाबू होते देख एसएसपी IPS अविनाश पांडेय खुद मोर्चे पर उतरे. उन्होंने बेहद तल्ख तेवरों में प्रदर्शनकारियों को चेतावनी दी और कहा कि किसी के पिताजी की रोड नहीं है. किसी को कोई दिक्कत या शिकायत है तो आकर हमसे सीधे मिलें, लेकिन सड़क जाम करने का यह तरीका बिल्कुल ठीक नहीं है. तुरंत सड़क खाली करें.
प्रदर्शन के पीछे साजिश का बड़ा खुलासा
मेरठ पुलिस के लाठीचार्ज का वीडियो वायरल होने और प्रशासनिक स्तर पर उठे सवालों के बाद एसएसपी अविनाश पांडेय ने पूरे मामले पर बड़ा खुलासा किया है. उन्होंने बताया कि इस प्रदर्शन और सड़क जाम के पीछे निष्पक्ष न्याय की मांग नहीं, बल्कि शहर में अराजकता फैलाने की एक सोची-समझी साजिश थी. भारतीय किसान यूनियन (अंबेडकर गुट) के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिग्विजय सिंह भाटी ने इस पूरे विवाद का ताना-बाना बुना था. भाटी पर पहले से 9 मुकदमे दर्ज हैं और उस पर जिला बदर की कार्रवाई भी हो चुकी है.
उन्होंने बताया कि इस साजिश में नोएडा के रवि गौतम की भी संलिप्तता पाई गई है, जिस पर 4 आपराधिक मामले दर्ज हैं. पीड़ित परिवार को उकसाया गया. मृतका के भाई को शस्त्र लाइसेंस और अन्य प्रलोभन देकर प्रदर्शन स्थल पर लाया गया था. मेरठ पुलिस की जांच में सामने आया कि धरने में शामिल कई निर्दोष ग्रामीणों को यह भी नहीं पता था कि उन्हें किस बात के लिए बुलाया गया है. अराजनीतिक और असंवैधानिक तत्व इस मामले को जातिगत और सामाजिक रंग देने की कोशिश कर रहे थे.
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IPS अविनाश पांडेय कौन हैं?
भारतीय पुलिस सेवा के वरिष्ठ अधिकारी अविनाश पांडेय का जन्म 3 फरवरी 1988 को उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में हुआ था. उनके पिता का नाम श्रवण कुमार पांडेय है. उन्होंने विज्ञान में स्नातक की डिग्री हासिल की है. अविनाश पांडेय उत्तर प्रदेश कैडर के 2015 बैच के IPS अधिकारी हैं. IPS अविनाश पांडेय को पुलिस सेवा में उत्कृष्ट योगदान के लिए दो बार महानिदेशक प्रशंसा चिह्न से सम्मानित किया जा चुका है. पहला 15 अगस्त 2022 को सिल्वर (रजत) मेडल और दूसरा 26 जनवरी 2025 को गोल्ड (स्वर्ण) मेडल.
— MEERUT POLICE (@meerutpolice) July 8, 2026
मेरठ पुलिस का क्या कहना?
सोशल मीडिया पर मेरठ पुलिस ने लिखा कि टीपीनगर क्षेत्र से गुमशुदा महिला का शव थाना रोहटा क्षेत्र में बरामद होने के प्रकरण की विवेचना क्षेत्राधिकारी ब्रह्मपुरी द्वारा की जा रही है. क्षेत्राधिकारी द्वारा एक दिन पूर्व मृतका के परिजनों से मिलकर वार्ता की गई थी, जिसमें उन्होंने विवेचनात्मक कार्यवाही पर संतुष्टि व्यक्त की थी. इसके बावजूद कुछ बाहरी एवं अराजक तत्वों द्वारा परिजनों को उकसाकर प्रदर्शन कराया गया तथा कलेक्ट्रेट गेट के सामने सड़क जाम कर यातायात बाधित किया गय.
बार-बार समझाने के बाद भी मार्ग खाली न करने पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने हेतु न्यूनतम बल प्रयोग कर प्रदर्शनकारियों को हटाया गया. प्रकरण में उपलब्ध वीडियो एवं सोशल मीडिया साक्ष्यों के आधार पर लोगों को भड़काने एवं प्रदर्शन का संचालन करने वाले व्यक्तियों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध आवश्यक वैधानिक कार्यवाही की जा रही है.
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