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यूपी में पत्नी, बच्चों या पोती-पोतों को दे रहे हैं अपनी प्रॉपर्टी, तो आ गई है बड़ी गुड न्यूज

यूपी मंत्रिमंडल ने तय किया है कि अब निजी व्यावसायिक (कमर्शियल) संपत्ति को भी परिवार के सदस्यों के नाम दान करने पर सिर्फ 5,000 रुपये स्टांप शुल्क देना होगा. पहले यह छूट केवल आवासीय (Residential, कृषि (Agricultural) संपत्तियों तक ही सीमित थी.

यूपी में पत्नी, बच्चों या पोती-पोतों को दे रहे हैं अपनी प्रॉपर्टी, तो आ गई है बड़ी गुड न्यूज
  • UP सरकार ने परिवार के सदस्यों को निजी व्यावसायिक संपत्ति दान पर स्टांप शुल्क 5 हजार रुपये निर्धारित किया है.
  • पहले व्यावसायिक संपत्ति के दान पर पूरे सर्किल रेट के अनुसार भारी स्टांप शुल्क देना पड़ता था जो अब कम हुआ है.
  • ये राहत पत्नी, पति, बेटे-बेटी, भाई-बहन, दामाद, पोता-पोती जैसे करीबी रिश्तेदारों के लिए लागू होगी.
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उत्तर प्रदेश में अगर आप अपनी निजी प्रॉपर्टी पत्नी, बच्चों, भाई-बहन या पोती-पोतों के नाम दान (Gift Deed) करना चाहते हैं, तो अब यह पहले के मुकाबले कहीं सस्ता हो गया है. योगी आदित्यनाथ सरकार ने स्टांप शुल्क को लेकर बड़ा फैसला लिया है, जिससे आम लोगों को सीधे लाखों रुपये की राहत मिलेगी. मान लीजिए कि अगर आप वाराणसी में रहते हैं और आप अपने किसी सगे-संबंधी के नाम अपनी प्रॉपर्टी करना चाहते हैं. पहले ऐसा करने में लाखों रुपये की स्टाम्प ड्यूटी लगती थी लेकिन अब ऐसा करने में सिर्फ 5000 रुपये लगेंगे.  

क्या है योगी सरकार का नया फैसला?

यूपी मंत्रिमंडल ने तय किया है कि अब निजी व्यावसायिक (कमर्शियल) संपत्ति को भी परिवार के सदस्यों के नाम दान करने पर सिर्फ 5,000 रुपये स्टांप शुल्क देना होगा. पहले यह छूट केवल आवासीय (Residential, कृषि (Agricultural) संपत्तियों तक ही सीमित थी.

पहले क्या नियम था?

2022 से पहले यदि कोई व्यक्ति पत्नी, बेटा-बेटी, भाई-बहन, दामाद, पोता-पोती / नाती-नातिन को संपत्ति दान करता था, तो उसे पूरे सर्किल रेट के बराबर स्टांप शुल्क देना पड़ता था.

2022 में सरकार ने राहत दी, लेकिन यह राहत सिर्फ घर, खेती की जमीन तक सीमित थी.

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व्यावसायिक संपत्ति पर दिक्कत क्या थी?

अगर किसी मकान में दुकान, आटा चक्की या कोई और व्यावसायिक गतिविधि चल रही होती थी, तो उसे वाणिज्यिक संपत्ति माना जाता था और उस पर लाखों रुपये का स्टांप शुल्क लगता था.

अब क्या बदल गया?

अब मंत्रिमंडल के नए फैसले के बाद

शहर या गांव

आवासीय या व्यावसायिक

दुकान, फैक्ट्री या अन्य निजी कमर्शियल संपत्ति

सबको परिवार के नाम दान करने पर सिर्फ 5,000 रुपये स्टांप शुल्क लगेगा.

इससे आम आदमी को कितना फायदा होगा?

स्टांप मंत्री रवींद्र जायसवाल के मुताबिक अगर संपत्ति की कीमत 1 करोड़ रुपये है. तो पहले शहर में करीब 7 लाख रुपये स्टांप शुल्क लगता था. अब वही संपत्ति दान करने पर सिर्फ 5,000 रुपये देने होंगे. यानी सीधे-सीधे लाखों रुपये की बचत होगी. 

किन रिश्तों को मिलेगा इस फैसले का लाभ?

यह छूट इन पारिवारिक सदस्यों पर लागू होगी:

पत्नी

पति

बेटा-बेटी

भाई-बहन

दामाद

पोता-पोती

नाती-नातिन

सरकार ने यह फैसला क्यों लिया?

सरकार का मानना है कि पारिवारिक संपत्ति के ट्रांसफर में लोगों को राहत मिले, कानूनी विवाद कम हों, लोग बिना डर और ज्यादा खर्च के संपत्ति परिवार में ट्रांसफर कर सकें.

आम लोगों के लिए क्यों अहम है यह फैसला?

छोटे कारोबारी, दुकानदार, पारिवारिक व्यवसाय चलाने वाले लोग अब बिना भारी स्टांप शुल्क दिए अपनी संपत्ति अगली पीढ़ी के नाम ट्रांसफर कर सकेंगे.

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