उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसे सुनकर आप अपनी हंसी नहीं रोक पाएंगे. अक्सर लोग बिजली, पानी या सड़क के लिए अधिकारियों से शिकायत करते हैं, लेकिन हरदोई के एक परेशान युवक ने सीधे बारिश के देवता 'भगवान इंद्रदेव' के खिलाफ ही जिलाधिकारी (DM) को शिकायत पत्र भेज दिया है. अब यह अनोखी शिकायत सोशल मीडिया पर जबरदस्त तरीके से वायरल हो रही है. लोग इसे बदहाल ड्रेनेज व्यवस्था और जलभराव की समस्या पर करारा तंज बता रहे हैं.
'बिना बताए इतनी बारिश क्यों?' जनसुनवाई पोर्टल पर दर्ज कराया केस
यह पूरा मामला हरदोई के मल्लावां ब्लॉक के नेवादा परस गांव का है. यहां के रहने वाले सूरज तिवारी नाम के युवक ने अपनी परेशानी को सीधे जनसुनवाई पोर्टल (IGRS) के माध्यम से शासन तक पहुंचा दिया है. सूरज का आरोप है कि इंद्रदेव बिना किसी पूर्व सूचना के पिछले कई घंटों से लगातार कभी तेज तो कभी धीमी बारिश कराए जा रहे हैं. इस बेमौसम और लगातार हो रही बारिश की वजह से हरदोई का आम जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है.
'किसान परेशान हैं और सड़कों पर पानी भरा है'
शिकायतकर्ता सूरज तिवारी ने अपने पत्र में इंद्रदेव पर आरोप लगाते हुए लिखा है कि लगातार हो रही इस बारिश से सड़कों, गलियों और निचले इलाकों में भारी जलभराव हो गया है. लोगों का घरों से निकलना दूभर हो गया है और दैनिक कामकाज ठप पड़ गया है. सबसे ज्यादा चिंता किसानों की फसलों को लेकर है, जो इस बारिश की वजह से बर्बाद होने की कगार पर पहुंच गई हैं. सूरज का कहना है कि इंद्रदेव ने बिना किसी पूर्व चेतावनी के यह आफत बरसाई है.
शिकायत का सबसे मजेदार हिस्सा: 'डीएम साहब, इंद्रदेव को फोन लगाइए'
इस शिकायत पत्र का सबसे मजेदार और ध्यान खींचने वाला हिस्सा इसका आखिरी नोट है. सूरज तिवारी ने जिलाधिकारी से गुहार लगाते हुए लिखा है:
"चूंकि मुझे भगवान इंद्रदेव का मोबाइल नंबर ज्ञात नहीं है, इसलिए जिलाधिकारी महोदय से विनम्र अनुरोध है कि वे इस मामले को गंभीरता से लें. अपने दिव्य संपर्कों और माध्यमों का इस्तेमाल करके इंद्रदेव को तत्काल जरूरी निर्देश जारी करें ताकि बारिश पर काबू पाया जा सके और जिले के लोगों को राहत मिले."
सोशल मीडिया पर लोग बोले- 'यह व्यवस्था पर करारा व्यंग्य है'
जैसे ही यह शिकायत पत्र जनसुनवाई पोर्टल पर अपलोड हुआ, यह सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. लोग इस अनोखे शिकायती पत्र की तस्वीरें जमकर शेयर कर रहे हैं. कोई इसे सूरज की मासूमियत बता रहा है, तो कोई इसे जिले की बदहाल ड्रेनेज व्यवस्था और जलभराव की समस्या पर जनता का एक अनोखा और तीखा व्यंग्य मान रहा है. लोग सोशल मीडिया पर मजे लेते हुए लिख रहे हैं कि 'अब देखना होगा कि डीएम साहब इंद्रदेव का नंबर कहां से लाते हैं और उन्हें क्या सरकारी नोटिस भेजते हैं?'
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