- गंगा एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई लगभग 594 किलोमीटर है जो मेरठ से प्रयागराज तक जाएगा.
- PM 29 अप्रैल को हरदोई में गंगा एक्सप्रेसवे का लोकार्पण करेंगे.
- गंगा एक्सप्रेसवे में देश का पहला ट्रॉमा सेंटर होगा.
Ganga ExpressWay: उत्तर प्रदेश का हरदोई जिला अब विकास की नई रफ्तार पकड़ने के लिए पूरी तरह तैयार है. उत्तर प्रदेश के आबकारी मंत्री नितिन अग्रवाल के अनुसार 29 अप्रैल का दिन हरदोई के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा. इस दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी क्षेत्र की सबसे बड़ी सौगात गंगा एक्सप्रेसवे का लोकार्पण करेंगे. (मोहम्मद आसिफ की रिपोर्ट)
गंगा एक्सप्रेसवे कितना लंबा है?
मंत्री नितिन अग्रवाल ने बताया कि गंगा एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई लगभग 594 किलोमीटर है. यह यूपी के मेरठ से प्रयागराज को सीधे जोड़ेगा. इसका सबसे बड़ा हिस्सा हरदोई से गुजरेगा. गंगा एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में से एक है. इससे मेरठ से प्रयागराज तक की कनेक्टिविटी और मजबूत होगी.
गंगा एक्सप्रेसवे से हरदोई की किस्मत भी बदलेगी. इस एक्सप्रेसवे के शुरू होने से व्यापार और निवेश के नए रास्ते खुलेंगे. औद्योगिक इकाइयों की स्थापना होगी, जिससे हमारे स्थानीय युवाओं को रोजगार के लिए बाहर नहीं भटकना पड़ेगा.

Ganga ExpressWay: आबकारी मंत्री नितिन अग्रवाल बोले-29 अप्रैल को हरदोई गंगा एक्सप्रेसवे से इतिहास रचेगा. Photo Credit: MOHD Ashif
गंगा एक्सप्रेसवे लोकार्पण: 1 लाख से अधिक जुटेंगे लोग
गंगा एक्सप्रेसवे लोकार्पण का मुख्य कार्यक्रम हरदोई में होगा. प्रधानमंत्री के प्रस्तावित दौरे को लेकर हरदोई जिले में उत्साह का माहौल है. प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्थाओं को चाक-चौबंद कर दिया है. विशाल जनसभा होगी, जिसमें हरदोई समेत आसपास के 4 जिलों से 1 लाख से अधिक लोगों के पहुंचने का अनुमान है. यातायात और सुरक्षा के लिए विशेष रूट मैप तैयार किया गया है.
विपक्ष पर बरसे मंत्री: "भरोसेमंद नेतृत्व के साथ है जनता"
विकास के दावों के साथ-साथ नितिन अग्रवाल ने राजनीतिक विरोधियों को भी आड़े हाथों लिया. उन्होंने कहा कि जब निष्पक्षता की बात आती है, तो विपक्ष डरने लगता है. 'आप' सांसदों का भाजपा में आना प्रधानमंत्री की नीतियों में अटूट विश्वास को दर्शाता है. प्रियंका गांधी के आरोपों को खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि जनता ने कांग्रेस को बहुत पहले ही नकार दिया है.
गंगा एक्सप्रेसवे की 10 बड़ी विशेषताएं
- सफर में भारी बचत: गंगा एक्सप्रेसवे के शुरू होने से मेरठ और प्रयागराज के बीच की दूरी महज 5 घंटे में तय की जा सकेगी, जो पहले के मुकाबले काफी कम है.
- आपातकालीन एयरस्ट्रिप: उत्तर प्रदेश का यह तीसरा ऐसा एक्सप्रेसवे है जहां लड़ाकू विमान और मालवाहक जहाज लैंड कर सकेंगे. इसके लिए शाहजहाँपुर जिले में 3.5 किमी लंबी हवाई पट्टी (Runway) बनाई गई है.
- देश का पहला ट्रॉमा सेंटर वाला एक्सप्रेसवे: यह भारत का ऐसा पहला एक्सप्रेसवे है जहां दुर्घटना की स्थिति में तुरंत इलाज के लिए ट्रॉमा सेंटर की सुविधा दी गई है, जिसके लिए निजी अस्पतालों से अनुबंध किया गया है.
- रिकॉर्ड तोड़ निर्माण: इस 594 किमी लंबे प्रोजेक्ट को लगभग 1000 दिनों में पूरा किया गया है, यानी औसतन हर दो दिन में एक किलोमीटर सड़क का निर्माण हुआ है.
- अडानी ग्रुप की बड़ी भूमिका: एक्सप्रेसवे के चार में से तीन सेक्शन (कुल 464 किमी) का निर्माण अडानी समूह द्वारा किया गया है.
- भविष्य का विस्तार: फिलहाल यह 6-लेन का है, लेकिन इसे भविष्य में 8-लेन तक विस्तारित करने की क्षमता के साथ बनाया गया है. साथ ही इसे आगे उत्तराखंड के हरिद्वार से जोड़ने की भी योजना है.
- स्मार्ट सुरक्षा फीचर्स: सुरक्षा के लिए हर 1 किमी पर हाई-रिज़ॉल्यूशन CCTV और हर 10 किमी पर स्पीड चेकिंग कैमरे लगाए गए हैं. रात में ड्राइवरों की आंखों पर सीधी रोशनी न पड़े, इसके लिए डिवाइडर पर पेड़ लगाए गए हैं.
- वर्ल्ड क्लास सुविधाएं: मार्ग में 9 सुविधा केंद्र बनाए गए हैं, जहाँ पेट्रोल पंप, CNG स्टेशन के साथ-साथ एक साथ 4 कारों और 2 ट्रकों को चार्ज करने वाले EV चार्जिंग पॉइंट्स मौजूद हैं.
- धार्मिक और औद्योगिक कॉरिडोर: यह एक्सप्रेसवे हरिद्वार, गढ़मुक्तेश्वर और प्रयागराज जैसे तीर्थस्थलों को जोड़कर धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देगा. साथ ही बदायूं जैसे जिलों में औद्योगिक क्लस्टर और लॉजिस्टिक्स हब भी विकसित किए जा रहे हैं.
- टोल और कनेक्टिविटी: इस पूरे रास्ते का सफर करने के लिए यात्रियों को लगभग ₹1,300 टोल देना होगा. यह मार्ग मेरठ से शुरू होकर हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहाँपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली और प्रतापगढ़ होते हुए प्रयागराज तक जाता है.
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