- बाबुल सुप्रियो ने BJP छोड़कर TMC में आने के बाद गाना गाने और वर्ल्ड टूर की पूरी छूट मिलने पर खुशी व्यक्त की
- बाबुल ने बताया कि बंगाल के लोग SIR और हिंसा से डरते हैं इसीलिए वो खुलकर अपनी पसंदीदा पार्टी नहीं बताते हैं
- बाबुल सुप्रियो ने केंद्र सरकार की नमामि गंगे योजना पर सवाल उठाए और गंगा के अभी तक साफ न होने पर चिंता जताई
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के आखिरी चरण में 29 अप्रैल को मतदान होना है. पहले फेज में बंपर वोटिंग के बाद अब पार्टियों ने प्रचार में पूरी ताकत झोंक दी है. इसी दौरान एनडीटीवी के एडिटर-इन-चीफ राहुल कंवल ने खास शो 'वॉक द टॉक' में टीएमसी के राज्यसभा सांसद और लोकप्रिय गायक बाबुल सुप्रीयो से चुनाव से जुड़े मुद्दे सहित कई विषय पर विस्तार से बात की. बाबुल ने बताया कि बीजेपी और टीएमसी की कार्यशैली में क्या अंतर है और ममता बनर्जी के साथ जुड़कर वो अब कैसा महसूस कर रहे हैं.
बीजेपी छोड़कर टीएमसी में आने का अपना अनुभव बयां करते हुए बाबुल सुप्रियो ने कहा कि एक तरफ प्यार नहीं था, जबकि दूसरी तरफ बहुत प्यार है. गाना गाने की भी पूरी छूट है. वर्ल्ड टूर फिर से शुरू हो गया है. तो मैं बहुत खुश हूं.

टीएमसी नेता ने कहा कि बंगाल के पिछले चुनाव के वक्त मैं बीजेपी में था. तब 200 पार का नैरेटिव बनाया जा रहा था. कोलकाता में ही एक बैठक के दौरान मैंने और मुकुल दा ने बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा और अमित शाह को बता दिया था कि इस बार 70 से 80 के बीच में हमें सीटें आएंगी. दावा वो इस बार भी कर रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत तो कुछ और है.
उन्होंने कहा कि बंगाल के लोगों के मन में हिंसा और एसआईआर को लेकर एक डर है, जिसकी वजह से वो खुलकर नहीं बता पा रहे हैं कि वो किस पार्टी का समर्थन कर रहे हैं.

टीएमसी सांसद ने कहा कि जब मैं बीजेपी में था तो मुस्लिम समुदाय के लोगों ने मुझे लगभग त्याग ही दिया था. देश से बाहर आबु धाबी, दुबई, बहरीन, मस्कट, ओमान, ब्रुनई और इंडोनेशिया जैसे देशों में मुझे शो के लिए बुलाया जाता था, लेकिन बीजेपी में जाने के बाद से सब बंद हो गए थे. मैं अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्रों में भी विचारधारा की वजह से नहीं जा पाता था. लेकिन ममता बनर्जी ने इतने सालों से ये सौहार्द बचाकर रखा है.

पहले चरण में 93 फीसदी मतदान को लेकर उन्होंने कहा कि अक्सर लोग सोचते हैं कि बंपर वोटिंग है, मतलब एंटी इनकम्बेंसी है, लेकिन ऐसा नहीं है. इस बार एसआईआर की वजह से वोटरों की संख्या भी कम हो गई है. वहीं लोगों के अंदर वोटर लिस्ट में नाम को लेकर डर की वजह से भी इस बार जमकर वोट पड़े हैं. उनमें ये डर है कि अगर इस बार वोट नहीं दिया तो शायद सीएए-एनआरसी जिसकी बात प्रधानमंत्री कर रहे हैं, उसमें से उसका नाम न कट जाएगा.
इसे भी पढ़ें: 'बंगाल का मुर्शिदाबाद कभी वर्ल्ड GDP में 5% देता था योगदान...', NDTV 'वॉक द टॉक' में बोले ग्लोबल इंवेस्टर रुचिर शर्मा
इस भी पढ़ें: एंटी इनकंबेंसी, बंपर वोटिंग, मार्जिन की लड़ाई... NDTV वॉक द टॉक में बंगाल चुनाव पर क्या बोले रुचिर शर्मा?
इस भी पढ़ें: NDTV 'वॉक द टॉक': बंगाल में सिर्फ TMC, चौथी बार बनाएंगे सरकार- चुनाव प्रचार के दौरान बोलीं मंत्री शशि पांजा
इस भी पढ़ें: 'बदलाव के मूड में बंगाल, इस बार बनेगी BJP सरकार', NDTV के 'वॉक द टॉक' में राहुल कंवल से बोले स्वपन दासगुप्ता
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं