अयोध्या श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट के पहले सीईओ की नियुक्ति हो गई है. भारतीय वायुसेना के पूर्व एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा को यह जिम्मेदारी मिली. मिश्रा गुरुवार को अयोध्या पहुंचे. अयोध्या पहुंचते ही मीडिया के सवालों पर उनका रिएक्शन वायरल हो रहा है. मीडिया के सवालों से नाराज होकर भड़के नवनिर्वाचित सीईओ बोले आप सबके चेहरे पहचान रहा हूं दोबारा आने नहीं दूंगा.
राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक में हुए शामिल
राम मंदिर ट्रस्ट के सीईओ जीतेंद्र मिश्रा ट्रस्ट के सदस्यों के साथ पहली बैठक में हिस्सा लेने के लिए अयोध्या पहुंचे थे. यह बैठक राम मंदिर की देखरेख करने वाले ट्रस्ट के जारी प्रशासनिक पुनर्गठन के बीच हुई. रामघाट स्थित ट्रस्ट के श्री राम जन्मभूमि क्षेत्र कार्यालय में आयोजित बैठक मुख्य रूप से परिचयात्मक थी. मिश्रा ने इस दौरान ट्रस्ट के अन्य पदाधिकारियों और सदस्यों से मुलाकात की. उन्हें मंदिर की प्रशासनिक व्यवस्थाओं और ट्रस्ट के कामकाज के बारे में जानकारी दी गई.
बैठक के बाद क्या बोले जीतेंद्र मिश्रा?
इस बैठक के बाद मिश्रा ने कहा कि यह एक परिचयात्मक बैठक थी, जिसमें मैंने ट्रस्ट के अन्य सदस्यों से मुलाकात की. मुझे अपनी भूमिका और जिम्मेदारियों को समझने में कुछ और दिन लगेंगे. वहीं ट्रस्ट के महासचिव गोविंद देव गिरि ने कहा, ट्रस्ट के सदस्यों का नए सीईओ से औपचारिक परिचय हुआ. आगे का कामकाज और जिम्मेदारियों का आवंटन आने वाले दिनों में किया जाएगा.
सूत्रों ने बताया कि मिश्रा फिलहाल मंदिर ट्रस्ट कार्यालय में ठहरे हुए हैं और उनके दिन में ट्रस्ट की कुछ अन्य बैठकों में शामिल होने की उम्मीद है. ‘ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान पश्चिमी वायु कमान का नेतृत्व करने वाले 62 वर्षीय पूर्व एयर मार्शल आज सुबह विमान से दिल्ली से अयोध्या पहुंचे. उन्होंने राम मंदिर जाकर रामलला की पूजा भी की.
इससे एक दिन पहले उन्होंने कहा था कि वह चयन समिति के आभारी हैं और अपनी नियुक्ति को भगवान राम का आशीर्वाद मानते हैं. उन्होंने कहा था, 'मैं आज खुद को सबसे भाग्यशाली व्यक्ति मानता हूं कि मुझे अपने जीवन में दो बार महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी गईं, एक बार राष्ट्रीय सेवा के लिए और अब श्री राम के मंदिर के संगठन एवं प्रशासन तथा श्री राम के भक्तों के लिए.' सीईओ की नियुक्ति ट्रस्ट द्वारा किए जा रहे व्यापक प्रशासनिक बदलाव का हिस्सा है.
यह बदलाव मंदिर में चढ़ावे की चोरी को लेकर उपजे विवाद के बाद किया गया है. इस मामले में आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है और चंपत राय ने महासचिव पद से इस्तीफा दे दिया था. ट्रस्ट ने बुधवार को गोविंद देव गिरि को महासचिव और महेश भागचंदका को कोषाध्यक्ष नियुक्त किया. इसके अलावा मदन मोहन पांडे और निर्मला यादव सहित नए ट्रस्टियों को शामिल किया गया. इस पुनर्गठन का उद्देश्य राम मंदिर से जुड़ी बढ़ती जिम्मेदारियों के बीच ट्रस्ट के प्रशासनिक और वित्तीय कामकाज को मजबूत करना है.
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