- अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में जेल में बंद अविनाश शुक्ला के गांल पुलिस पूछताछ के लिए पहुंची
- प्रतापगढ़ पुलिस ने आरोपी अविनाश शुक्ला के परिवार से एक घंटे तक गहन पूछताछ कर उसकी आपराधिक पृष्ठभूमि की जांच की
- अविनाश के भाई अमित शुक्ला के नोटों के बंडल वाले इंस्टाग्राम वीडियो की भी पुलिस जांच कर रही है
अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में जेल में बंद आरोपियों से पुलिस सख्ती से पूछताछ कर रही है, ताकि चोरी से जुड़ा हर एक सबूत जुटाया जा सके. मामले की जांच अब यूपी के प्रतापगढ़ तक पहुंच गई है. जेल में बंद अविनाश शुक्ला को लेकर पुलिस अब प्रतापगढ़ जा रही है. पुलिस गुरुवार को महेशगंज थाना क्षेत्र के बाबूपुर नारियवा गांव के रहने वाले आरोपी अविनाश के घर पहुंची थी और करीब एक घंटे तक सत्यापन के साथ-साथ परिवार से गहन पूछताछ की थी. पुलिस ने अविनाश शुक्ला के माता-पिता से उसके बारे में कई अहम जानकारियां जुटाईं और उसकी आपराधिक पृष्ठभूमि यानी क्राइम कुंडली भी खंगाली.
अविनाश शुक्ला के परिवार से 1 घंटे तक पूछताछ
इस दौरान अविनाश के भाई अमित शुक्ला का इंस्टाग्राम पर नोटों के बंडल के साथ अपलोड किए गए वायरल वीडियो को लेकर भी पुलिस ने परिवार से सवाल किए. पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि वीडियो कब और किन परिस्थितियों में बनाया गया था. उस वीडियो का चढ़ावा चोरी मामले से कोई संबंध है या नहीं. प्रतापगढ़ के पुलिस अधीक्षक ने पुलिस टीम के गांव पहुंचने की पुष्टि करते हुए बताया कि महेशगंज पुलिस YAKSH APP के जरिए सत्यापन की प्रक्रिया पूरी करने के लिए आरोपी के घर गई थी. फिलहाल पुलिस पूरे मामले में हर पहलू की जांच कर रही है और जरूरी तथ्यों का सत्यापन किया जा रहा है.

सबूत जुटाने अविनाश के गांव पहुंची पुलिस
अविनाश की रिमांड के लिए गुरुवार को अदालत में हुई सुनवाई के दौरान पुलिस ने बताया कि जेल में पूछताछ के बाद आरोपी से कुछ अहम जानकारियां मिली हैं, जिनकी गहराई से जांच जरूरी है. पुलिस ने यह भी कहा कि आरोपी के गांव में उसकी बाइक बरामद करनी है और आगे की पूछताछ के लिए उसकी हिरासत जरूरी है. अदालत ने पुलिस की मांग पर विचार करते हुए आरोपी अविनाश शुक्ला को 24 घंटे की पुलिस रिमांड पर भेजने का आदेश दे दिया.
भाई के जरिए योगा केंद्र में मिली थी नौकरी
राम मंदिर परिसर में काम करने वाले अविनाश शुक्ला को लेकर कई अहम जानकारियां पुलिस के हाथ लगी हैं. उस पर मंदिर ट्रस्ट से जुड़े पैसे के दुरुपयोग और गबन के गंभीर आरोप लगे हैं. जानकारी के मुताबिक, अविनाश शुक्ला अयोध्या के कौशलपुरी फेज-2 इलाके में एक योग केंद्र से जुड़ा हुआ था, जहां वह कुछ समय से रह रहा था. यह योग केंद्र पिछले 20 साल से ज्यादा समय से चल रहा है. इसी केंद्र से अविनाश का संपर्क उसके भाई अभिषेक शुक्ला के जरिए हुआ था.
योगा केंद्र से राम मंदिर तक पहुंचा अविनाश
योगाचार्य सीमा तिवारी ने न्यूज एजेंसी ANI को बताया कि अभिषेक करीब 10 साल पहले आर्थिक रूप से कमजोर स्थिति में योगा केंद्र में आया था. उसे गुरुजी ने न सिर्फ शिक्षा दी बल्कि रहने और खाने की भी व्यवस्था की. इसके बाद में अभिषेक को नौकरी मिली और वह स्थिर हो गया. इसी दौरान उसने अपने छोटे भाई अविनाश को भी यहां बुला लिया था. करीब डेढ़ साल पहले अविनाश को राम मंदिर में नौकरी मिली थी. अब उसका नाम चढ़ावा घोटाले से जुड़ रहा है. पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है.
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