हम-आप बचपन से यही पढ़ते आए हैं कि बिजली के लिए केबल यानी तारों का होना जरूरी है. तारों के जरिये बिजली एक जगह से दूसरी जगह ट्रांसफर होती है. बिजली से बल्ब, पंखे, टीवी, फ्रिज सबकुछ तारों के जरिये ही चलते हैं. हालांकि हमने इस दौर में वायरलेस मोबाइल फोन चार्ज भी देखा है. लेकिन इससे ज्यादा कुछ नहीं! तो क्या आप सोच सकते हैं कि बिना तारों के भी बिजली दौड़ सकती है. क्या हवा में बिजली दौड़ाई जा सकती है? आप कहेंगे ये कैसा बेतुका सवाल है! पर ऐसा सच में संभव है.
ऐसा कर दिखाया है, सबसे खुशहाल देश फिनलैंड ने. हो सकता है आने वाले समय में भारत और अन्य देशों में ऐसा हो. ऐसा हुआ तो आपके और हमारे घरों में परंपरागत मीटर और केबल्स का झंझट खत्म हो जाएगा. फिनलैंड के वैज्ञानिकों का लक्ष्य प्लग, तार और पारंपरिक बिजली के कनेक्शनों को पूरी तरह से खत्म करना है. तो आइए जानते हैं, फिनलैंड ने आखिर ये सब किया कैसे.
हवा में ही भेज दी बिजली!
फिनलैंड के वैज्ञानिकों ने केबल्स (तारों) का इस्तेमाल किए बिना ही हवा के माध्यम से बिजली भेजी है. हेलसिंकी यूनिवर्सिटी (University of Helsinki) के मुताबिक, इस एक्सपेरिमेंट के लिए उन्होंने हाई-इंटेंसिटी साउंड वेव्स और लेजर को आपस में जोड़ा. उन्होंने अल्ट्रासोनिक साउंड वेव्स, लेजर और रेडियो फ्रीक्वेंसी के मिश्रण का इस्तेमाल किया. फिनलैंड की ये बड़ी सफलता दिखाती है कि बिजली बिना प्लग या केबल के भी चल सकती है. रिसर्चर्स ने एक ऐसा 'प्रूफ-ऑफ-कांसेप्ट' तैयार किया है जो कहीं भी डिवाइस को वायरलेस तरीके से चार्ज कर सकता है.
हेलसिंकी यूनिवर्सिटी और औलू यूनिवर्सिटी की टीमों ने ये प्रयोग किया जो सफल रहा. उन्होंने निजी कंपनियों के साथ मिलकर 'पावर-बाय-लाइट' और 'रेडियो-फ्रीक्वेंसी हार्वेस्टिंग' तकनीकों पर काम किया. ये प्रोजेक्ट फिजिक्स (Physics) और इंजीनियरिंग (Engineering) का एक शानदार मेल है.

कैसे हवा में बनते हैं रास्ते, जो दिखते नहीं?
एक्यूस्टिक वायर मूलत: बिजली को रास्ता दिखाने के लिए हाई-इंटेंसिटी अल्ट्रासोनिक ध्वनि तरंगों का उपयोग करता है. ये हवा में अदृश्य रास्ते बनाता है, जो बिल्कुल तार की तरह काम करते हैं. बिजली की चिंगारियां बिना किसी भौतिक संपर्क के इन रास्तों पर सुरक्षित रूप से चलती हैं. इससे इलेक्ट्रॉनिक्स और स्मार्ट उपकरणों तक बिना तार के बिजली पहुंचाना संभव हो जाता है. शोधकर्ताओं ने बिजली को ट्रांसमिट करने के लिए अल्ट्रासोनिक बीम और लेजर सिस्टम को काफी सावधानी से सेट किया.
ये सारी तकनीक मिलकर ऐसा संभव करते हैं कि बिजली हवा के माध्यम से सुरक्षित और कुशलता से चल सकती है. मोबाइल फोन के लिए वायरलेस चार्जिंग तकनीक तो पहले से ही है, लेकिन फिनलैंड ने हवा में वास्तविक बिजली को सुरक्षित रूप से भेजने का कमाल कर दिखाया. ध्वनि, प्रकाश और रेडियो का एक साथ बड़े पैमाने पर उपयोग करना अपने आप में अनोखा है.
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