Delhi Police's 'SAYHELP' App: आज के समय में स्मार्टफोन हमारे बहुत काम आता है, लेकिन कई बार मुसीबत ऐसी होती है कि हमें फोन अनलॉक करने, नंबर डायल करने या ऐप खोलने तक का मौका नहीं मिलता। अब ऐसे में अगर आप किसी बड़े संकट में फंसे हों और सिर्फ आपके मुंह से 'हेल्प' निकलते ही पुलिस आपकी लोकेशन पर पहुंच जाए, तो यह किसी अचरज से कम नहीं होगा. दिल्ली पुलिस के मदद से तैयार एक खास ऐप 'SAYHELP' App ठीक यही काम कर रही है. हाल ही में इस ऐप ने दिल्ली में एक महिला की जान बचाकर यह साबित कर दिया है कि यह ऐप किसी फरिश्ते से कम नहीं है. आइए जानते हैं कि यह ऐप क्या है, यह कैसे काम करती है और संकट के समय यह आपकी या आपकी फैमिली को कैसे बचा सकती है.
जब मुसीबत में फंसीं सुप्रीम कोर्ट की वकील, ऐप ने निकाला
इस ऐप की ताकत का अंदाजा आप दिल्ली के दरियागंज में हुई इस हालिया घटना से लगा सकते हैं. सुप्रीम कोर्ट की एक महिला एडवोकेट पल्लवी नंदन अपने घर पर अकेली थीं और अचानक उनकी तबीयत बहुत ज्यादा बिगड़ गई. उन्हें दिल की गंभीर बीमारी थी और वह असहनीय दर्द के कारण रसोई के फर्श पर गिर गईं. उनके पति जरूरी दवाइयां लेने बाहर गए थे, लेकिन बिरसा मुंडा जयंती की शोभायात्रा के कारण सड़क पर भारी जाम था और वह चाहकर भी तुरंत घर नहीं लौट पा रहे थे. ऐसी बेबसी की हालत में पल्लवी ने अपने मोबाइल में मौजूद 'SAYHELP' ऐप के जरिए पुलिस से मदद मांगी.
कुछ ही मिनटों में दरवाजे पर पहुंची पुलिस
जैसे ही महिला ने ऐप पर अलर्ट भेजा, दिल्ली पुलिस के सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट में बने स्पेशल कंट्रोल रूम में इसकी सूचना गूंज उठी. दरियागंज थाना प्रभारी (SHO) बिना एक पल गंवाए अपनी टीम, एम्बुलेंस और फर्स्ट-एड (प्राथमिक उपचार) का सामान लेकर तुरंत उनके घर पहुंच गए. पुलिस ने न सिर्फ महिला को समय पर अस्पताल पहुंचाया, बल्कि उनके पति को भी जाम से निकालकर सुरक्षित घर तक पहुंचने में मदद की. समय पर मिले इस इलाज की वजह से महिला वकील को एक नई जिंदगी मिल गई.

'SAYHELP' ऐप क्या है और यह क्यों है इतना खास
'SAYHELP' दिल्ली पुलिस के सहयोग से शुरू किया गया एक बेहद हाईटेक 'वॉइस-एक्टिवेटेड' (आवाज से चलने वाला) सेफ्टी ऐप है. इसे खासतौर पर महिलाओं, बुजुर्गों और मेडिकल इमरजेंसी से जूझ रहे लोगों की सुरक्षा के लिए डिजाइन किया गया है. आमतौर पर किसी भी इमरजेंसी ऐप में आपको 'SOS' बटन दबाना पड़ता है, जिसके लिए फोन को हाथ में लेना जरूरी है. लेकिन इस ऐप की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह बिना कोई बटन दबाए या बिना कोई नंबर डायल किए, सिर्फ आपकी आवाज सुनकर काम करना शुरू कर देता है.
यह ऐप काम कैसे करता है
1. सिर्फ आवाज से ही मिलेगी मदद
जब भी आप किसी मुसीबत में हों, जैसे कोई पीछा कर रहा हो, घर में कोई अनहोनी हो जाए या अचानक तबीयत बिगड़ जाए, तो आपको बस अपने फोन के पास जोर से तीन बार 'हेल्प, हेल्प, हेल्प' (Help Help Help) बोलना होता है.
2. कंट्रोल रूम को तुरंत अलर्ट
आपकी आवाज सुनते ही यह ऐप एक्टिव हो जाती है और दिल्ली पुलिस के सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट डीसीपी ऑफिस में बने 24 घंटे चलने वाले लाइव कंट्रोल रूम को आपकी लाइव लोकेशन के साथ इमरजेंसी सिग्नल भेज देती है.
3. मिनटों में एक्शन
अलर्ट मिलते ही कंट्रोल रूम आपके सबसे नजदीकी पुलिस स्टेशन या पीसीआर वैन (PCR Van) को आपकी लोकेशन शेयर करता है और पुलिस कुछ ही मिनटों में आपके पास पहुंच जाती है.
इस ऐप को कैसे डाउनलोड कर सकते हैं
1. एंड्रॉयड यूजर्स गूगल प्ले स्टोर और आईफोन यूजर्स ऐपल ऐप स्टोर पर जाएं.
2. वहां 'SAYHELP' टाइप करके सर्च करें और ऐप को इंस्टॉल करें.
3. ऐप खोलने के बाद अपनी जरूरी डिटेल्स दर्ज करें.
4. इसे जरूरी परमिशन जैसे माइक्रोफोन और लोकेशन एक्सेस दें, ताकि यह आपकी आवाज और सही जगह को ट्रैक कर सके.
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