Jan Vishwas Bill 2026: केंद्र सरकार ने शासन प्रणाली को सरल, पारदर्शी और व्यापार-अनुकूल बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए जन विश्वास (संशोधन) विधेयक, 2026 पेश किया है. इस विधेयक का मूल उद्देश्य छोटे और प्रक्रियात्मक उल्लंघनों के लिए जेल की सज़ा को खत्म कर उसकी जगह सिविल पेनल्टी यानी जुर्माने का प्रावधान लागू करना है, ताकि “डर आधारित शासन” से “भरोसे आधारित शासन” की ओर बढ़ा जा सके. इस विधेयक के तहत 80 केंद्रीय कानूनों के कुल 784 प्रावधानों में संशोधन प्रस्तावित है. इनमें से 717 प्रावधानों को आपराधिक श्रेणी से बाहर कर दिया जाएगा, जबकि बाकी बदलाव प्रशासनिक प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए किए जा रहे हैं.
केंद्र सरकार के जन विश्वास बिल 2026 में National Highways Act, 1956 और Motor Vehicles Act, 1988 में भी संशोधन किया गया है, जिससे तहत सजा को खत्म कर दिया गया और सिर्फ जुर्माना लगाया गया. सरकार का मानना है कि इससे आम नागरिकों और व्यवसायों पर अनावश्यक कानूनी दबाव कम होगा और छोटी-छोटी गलतियों के लिए जेल जाने का डर खत्म होगा. चलिए आपको बताते हैं इन दोनों एक्ट में पहले कितनी सजा थी और अब नया बदलाव किया है.
National Highways Act में नया बदलाव
राष्ट्रीय राजमार्ग जाम करना गैर कानूनी है. इसके लिए राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम बना हुआ है. इस अधिनियम के धारा 8-बी में प्रदर्शनकारियों को जुर्माने के साथ-साथ 5 साल तक की सजा हो सकती थी, क्योंकि राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम के धारा 8-बी में कई ऐसी धाराएं हैं, जिसके तहत प्रदर्शन कर रहे लोगों पर कार्रवाई हो सकती है और एफआईआर भी दर्ज हो सकता है, लेकिन अब नए बदलाव के अनुसार, राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम लगाने जैसे मामलों में जेल का प्रावधान खत्म कर दिया गया है और इसे जुर्माने तक सीमित कर दिया गया है.
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Motor Vehicles Act में नया बदलावभारतीय मोटर वाहन अधिनियम सभी परिवहन वाहनों के लिए नियमों और विनियमों का एक सेट है, जिसे 1988 में पारित किया गया था. इस अधिनियम में परिवहन के लगभग हर हिस्से को शामिल किया गया है, जिसमें सड़क परिवहन वाहनों का स्वामित्व और उपयोग, कंडक्टरों और ड्राइवरों का लाइसेंस, यातायात नियम, परमिट के प्रावधान आदि शामिल हैं. मोटर वाहन अधिनियम (Motor Vehicles Act), 2019 के तहत ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर जुर्माने और सजा में भारी वृद्धि की गई थी. मुख्य सजाओं में 1,000 से 25,000 रुपये तक का जुर्माना, 6 महीने से 3 साल तक की जेल, ड्राइविंग लाइसेंस का निलंबन या जुर्माना और जेल दोनों शामिल हैं. अब नए नियम के तहत सिर्फ जुर्माना किया जाएगा.
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