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इन महिलाओं को नहीं देना होगा रोडवेज बसों का किराया, योगी सरकार ने बजट में की घोषणा

UP Budget: सरकार ने इस योजना को शुरू करने के लिए फिलहाल बजट में एक लाख रुपये की टोकन राशि रखी है. टोकन व्यवस्था का मतलब है कि योजना को औपचारिक रूप से शुरू करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और जल्द ही इसे पूरी तरह लागू किया जाएगा.

इन महिलाओं को नहीं देना होगा रोडवेज बसों का किराया, योगी सरकार ने बजट में की घोषणा
उत्तर प्रदेश में इन महिलाओं को नहीं देना होगा रोडवेज बसों का किराया

UP Budget: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने अपने दसवें बजट में महिलाओं के लिए कई अहम घोषणाएं की हैं. इस बजट का खास फोकस महिलाओं को सशक्त बनाने और उन्हें अधिक सुविधाएं देने पर रहा है. इसी कड़ी में एक घोषणा रोडवेज बसों में महिलाओं को मुफ्त यात्रा सुविधा देने को लेकर भी की गई है. ये सुविधा 60 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं के लिए होगी. सरकार ने इस योजना को शुरू करने के लिए फिलहाल बजट में एक लाख रुपये की टोकन राशि रखी है. टोकन व्यवस्था का मतलब है कि योजना को औपचारिक रूप से शुरू करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और जल्द ही इसे पूरी तरह लागू किया जाएगा. 

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गौरतलब है कि अभी तक परिवहन निगम हर साल रक्षाबंधन के मौके पर सभी महिलाओं को मुफ्त बस यात्रा की सुविधा देता रहा है, लेकिन अब बुजुर्ग महिलाओं को स्थायी राहत देने की तैयारी है. कुछ समय पहले शासन स्तर पर 60 साल से अधिक उम्र की महिलाओं को मुफ्त यात्रा देने को लेकर विचार-विमर्श भी किया गया था. इस सुविधा से बुजुर्ग महिलाओं को काफी राहत मिलेगी, खासकर उन महिलाओं को जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं या जिन्हें इलाज, रिश्तेदारी या अन्य जरूरी कामों के लिए यात्रा करनी पड़ती है.

बजट में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण पर भी खास ध्यान दिया गया है. महिला एवं बाल विकास विभाग का बजट बढ़ाकर 18,620 करोड़ रुपये कर दिया गया है. ये पहले से 11 प्रतिशत ज्यादा है. स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को आगे बढ़ाने के लिए 'उप्र महिला उद्यमी क्रेडिट कार्ड' योजना शुरू की जा रही है. इसके लिए 151.04 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है.

इसके अलावा छह शहरों- अयोध्या, बरेली, अलीगढ़, मिर्जापुर, सहारनपुर और मुरादाबाद में 500-500 बेड के श्रमजीवी महिला छात्रावास बनाए जाएंगे. इन छात्रावासों से कामकाजी महिलाओं को सुरक्षित और सस्ती रहने की सुविधा मिलेगी. इस योजना के लिए 80 करोड़ रुपये रखे गए हैं.

महिलाओं के उत्पादों की बिक्री को बढ़ावा देने के लिए महिला उद्यमी उत्पाद विपणन योजना भी शुरू की जाएगी. इस योजना के तहत महिलाओं द्वारा संचालित मार्ट खोले जाएंगे, जहां स्वयं सहायता समूहों और ग्रामीण महिलाओं के उत्पाद बेचे जाएंगे. इसके लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. ऐसे में यह बजट महिलाओं को आत्मनिर्भर और सुरक्षित बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है.
 

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