इनकम टैक्स रिटर्न फाइलिंग में इन समस्याओं से जूझ रहे करदाता, पेनॉल्टी नोटिस से भी परेशान

आयकर विभाग (Income Tax Department) ने बड़े जोर-शोर से जून में इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने के लिए नया ई फाइलिंग पोर्टल (E Filing Portal) लांच किया था.दावा था कि इससे औसतन दो महीने की बजाय रिटर्न एक दिन में प्रोसेस हो जाएगा और रिफंड प्रक्रिया बेहद तेज हो जाएगी.

इनकम टैक्स रिटर्न फाइलिंग में इन समस्याओं से जूझ रहे करदाता, पेनॉल्टी नोटिस से भी परेशान

Income Tax Portal ठीक ढंग से काम न करने को लेकर Infosys आलोचना के घेरे में.

नई दिल्ली:

  1. चार्टर्ड अकाउंटेंट कैलाश गोदुका का कहना है कि सबसे बड़ी समस्या है कि इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने के नए ई फाइलिंग पोर्टल पर लॉगइन (Login) में ही समस्याएं आ रही हैं. लॉगइन के लिए ही घंटों जूझना पड़ता है. लॉगइन के बाद बार-बार अपनेआप ही लॉगआउट हो जाता है, जिससे सारी कवायद बेकार हो जाती है. 
  2. दूसरी सबसे बड़ी दिक्कत डिजिटल सिग्नेचर ( Return Filing Digital Signature) की है. आयकर रिटर्न दाखिल करने और अन्य जरूरतों में अहम डिजिटल हस्ताक्षर ही रजिस्टर नहीं हो पा रहे हैं. ऐसे में इनकम टैक्स रिटर्न की सारी कवायद ही बेकार हो जाती है. 
  3. गोदुका ने कहा कि नए ई फाइलिंग पोर्टल पर 26एएस फॉर्म (26AS Form) डाउनलोड भी कई बार नहीं हो पाता है. इस फॉर्म में किसी आय़करदाता की तमाम स्रोतों से की कर कटौती यानी टीडीएस या टीसीएस (TDS TCS) का ब्योरा होता है. लेकिन ये डाउनलोड नहीं होने से देनदारी, रिफंड (Refund) लेने जैसा कुछ काम नहीं हो पाता है. 
  4. सरकार ने टैक्स रिटर्न या डिमांड को पूरा करने के लिए तारीख तो बढ़ा दी है, लेकिन जिन व्यक्तिगत (Individual TaxPayers) या कारपोरेट करदाता (Corporate TaxPayers) की भी एक लाख रुपये से ज्यादा कर देनदारी है, उसकी राशि पर जुलाई के बाद से ब्याज वसूला जा रहा है. जब इनकम टैक्स पोर्टल ही नहीं चल रहा है तो टैक्स कहां से जमा कराया जाए. जब हम कर की गणना ही नहीं कर पा रहे हैं तो कैसे पता चलेगा कि ये कम है या ज्यादा है. आयकर विभाग लगातार पेनाल्टी (Tax Penalty) के लगातार ऑर्डर पास किए जा रहा है, लेकिन जब साइट ही नहीं चल रहा तो जवाब कहां दिया जाएगा. देनदारी कैसे चुकाई जाएगी. 
  5. कई बार आयकर रिटर्न (Income Tax Return) दाखिल हो जाता है, लेकिन वो दिखाई नहीं देता. अगर कई दिनों बाद यह दिखाई भी देता है तो डाउनलोड नहीं हो पाता. इससे असमंजस बना रहता है कि टैक्स रिटर्न फाइल हो गया है या नहीं.
  6. पुरानी टैक्स देनदारी की डिमांड (Tax Demand) आ रही हैं, करदाता इसे चुका भी देता है, लेकिन आयकर पोर्टल (Income Tax Portal) पर जाकर हम यह सूचना नहीं दे पा रहे हैं कि अमुक चालान के जरिये टैक्स डिमांड का भुगतान कर दिया गया है. इसकी जानकारी देने का टैब ही नहींखुल रहा. 
  7. टैक्स एक्सपर्ट का कहना है कि पुरानी टैक्स अपील का ताजा स्टेटस नहीं पता चल पा रहा है. सरकार ने विवाद से समाधान स्कीम (Vivad se Samadhan Scheme) जो लांच की थी, उस पर देनदारी चुकाने या आवेदन के स्टेटस का ब्योरा भी नहीं मिल रहा है. इससे कारोबारी परेशान हैं कि आखिर उनके सर्टिफिकेट का क्या स्टेटस है, ये पता ही नहीं चल पा रहा है. 
  8. रिटर्न फाइलिंग में समस्याओं को दूर करने के लिए हेल्पलाइन नंबर (Tax Helpline Number) या मेल से भी मदद नहीं मिल पा रही. किसी भी तकनीकी खामी आने पर स्क्रीनशॉट मांगा जाता है और फिर दो दिन बाद जवाब आता है कि हम इस पर काम कर रहे हैं, लेकिन कोई राहत नहीं मिलती. 
  9. विशेषज्ञों का कहना है कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इन्फोसिस (Infosys) को टैक्स रिटर्न फाइल की दिक्कतें दूर करने के लिए 15 सितंबर तक मोहलत दे दी है. जबकि टैक्स रिटर्न फाइल करने की समयसीमा (Income Tax Return Last Date)  अभी 30 सितंबर है. ऐसे में रिटर्न फाइल करने की तारीख बढ़ने के आसार प्रबल हैं. 
  10. कर विशेषज्ञों का कहना है कि तीन माह का महत्वपूर्ण समय निकल गया है. अगर नए पोर्टल में दिक्कतें आ रही थीं तो तब तक पुराने पोर्टल को जारी रखा जाना चाहिए था. जब नया ई फाइलिंग पोर्टल सुचारू रूप से काम करने लगता तो फिर पुराना बंद कर दिया जाता.

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