भारत में इस समय मानसून जमकर बरस रहा है. जगह-जगह सड़कों पर जलभराव की स्थिति बनी हुई है. मुंबई हो या दिल्ली, सभी का एक जैसा हाल है. इन दिनों फुटपाथ या किनारे चल रहे लोगों के लिए सबसे बड़ा सिरदर्द होती है रफ्तार में निकलने वाली गाड़ियां. कई बार तेज रफ्तार कार या बाइक पास से निकलती है और सड़क का गंदा कीचड़ साफ-सुथरे कपड़ों और चेहरे पर उड़ जाता है. ऐसे में गुस्सा तो बहुत आता है, लेकिन लोग क्या ही कर सकते हैं, ये सोचकर चुप रह जाते हैं. ऐसे में अगर आप भी अब तक इसे सिर्फ एक नॉर्मल बात मानकर छोड़ देते हैं, तो ये खबर जरूर पढ़ें.
दरअसल क्या आप जानते हैं कि लॉ में ऐसा करना ट्रेफिक वॉलेशन में आता है. कोई गाड़ी आपके ऊपर कीचड़ उड़ाकर भागती है, तो आपकी सिर्फ एक शिकायत उस ड्राइवर की जेब ढीली कर सकती है. चलिए इस खबर में समझने की कोशिश करते हैं कि कानून इस लापरवाही को लेकर क्या कहता है और कैसे आप घर बैठे इसकी शिकायत कर सकते हैं.
क्या कहता है मोटर व्हीकल एक्ट?
देश के मोटर व्हीकल एक्ट और ट्रैफिक नियम पैदल चल रहे लोगों की सेफ्टी के लिए काम करते हैं. सड़क पर जमा पानी या कीचड़ के पास गाड़ी की रफ्तार कम ना करना और पैदल चल रहे लोगों पर कीचड़ उड़ाना रैश ड्राइविंग माना जाता है. ये पूरा मामला मोटर व्हीकल एक्ट के सेक्शन 184 यानी खतरनाक तरीके से गाड़ी चलाना, में आता है. पुलिस मानती है कि इस लापरवाही से दूसरे लोगों की जिंदगी खतरे में पड़ती है. इसलिए जुर्माने के तौर पर 1000 रुपये से लेकर 5000 रुपये तक का कोर्ट चालान हो सकता है.
कीचड़ उड़ने पर क्या करें?
- अगर आपके साथ ऐसी कोई घटना होती है, तो सिर्फ गुस्सा करने के बजाय उस गाड़ी का रजिस्ट्रेशन नंबर नोट जरूर कर लें.
- अगर हो सके तो गाड़ी का मॉडल और मेक के साथ उसके क्लर का ध्यान रखें.
- घटना किस जगह और किस टाइम हुई, इसकी पूरी जानकारी जैसे, लोकेशन, लैंडमार्क नोट कर लें.
- अगर वहां कोई सीसीटीवी कैमरा है या आपके पास कोई गवाह है, तो इससे आपकी शिकायत और मजबूत बन जाएगी.
घर बैठे शिकायत कैसे करें?
- आजकल ट्रैफिक पुलिस सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर काफी एक्टिव है. लगभग हर स्टेट और बड़े शहरों की ट्रैफिक पुलिस का अपना मोबाइल ऐप है. वहां 'रिपोर्ट ए वैल्यूएशन' सेक्शन में जाकर शिकायत कर सकते हैं.
- सोशल मीडिया का असर तुरंत और जबरदस्त होता है. इसलिए अपने शहर की ट्रैफिक पुलिस के हैंडल जैसे- @GzbTraffic, @dtptraffic, को टैग करते हुए गाड़ी का नंबर, घटना के बारे में जानकारी दे सकते हैं.
- इन सभी ऑप्शन के साथ ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट या फिर लोकल ट्रैफिक पुलिस की वेबसाइट पर जाकर भी शिकायत कर सकते हैं या उनके हेल्पलाइन नंबर पर कॉल कर सकते हैं.
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