RBI Rules: सोशल मीडिया पर पुराने 500 और 1000 रुपये के नोटों को लेकर एक पोस्ट तेजी से वायरल हो रही है. इस पोस्ट में दावा किया जा रहा है कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने इन पुराने नोटों को बदलने की कोई नई सुविधा शुरू की है, लेकिन PIB फैक्ट चेक ने इस दावे को पूरी तरह गलत बताया है. प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) की फैक्ट‑चेक टीम ने साफ कहा है कि RBI की तरफ से ऐसी कोई नई सुविधा नहीं दी गई है. इसलिए लोगों को सलाह दी जाती है कि वे इस तरह की भ्रामक खबरों पर भरोसा न करें और किसी भी जानकारी को साझा करने से पहले उसकी सही जांच जरूर करें.
RBI की ओर से कोई नई सुविधा नहीं
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने न तो कोई नया नियम बनाया है और न ही पुराने 500 और 1000 रुपये के नोट बदलने के लिए कोई नई विंडो खोली है. हाल ही में RBI की तरफ से इस तरह की कोई भी घोषणा नहीं की गई है. इसलिए ऐसे मैसेज, व्हाट्सएप फॉरवर्ड या सोशल मीडिया पोस्ट पर भरोसा करना सही नहीं है, जो पुराने नोट बदलने की बात करते हैं. सही और पुख्ता जानकारी के लिए हमेशा RBI की आधिकारिक वेबसाइट या सरकारी स्रोतों को ही देखें.
Has RBI really announced 'new rules' for exchanging old ₹500 & ₹1000 notes❓
— PIB Fact Check (@PIBFactCheck) April 17, 2026
Some news reports claim that the Reserve Bank of India (@RBI) has issued new guidelines to exchange discontinued currency notes.#PIBFactCheck
❌ This claim is FAKE!
❌RBI has made NO such… pic.twitter.com/8ph2mlCrLT
8 नवंबर 2016 को हुई थी नोटबंदी
8 नवंबर 2016 को भारत सरकार ने पुराने 500 और 1000 रुपये के नोट बंद कर दिए थे. इस फैसले को नोटबंदी (Demonetisation) कहा गया. इसका मकसद काले धन पर रोक लगाना, नकली नोटों पर नियंत्रण करना और डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देना था. इसके बाद नए 500 रुपये और 2000 रुपये के नोट जारी किए गए थे.
फेक खबर कैसे रिपोर्ट करें?
अगर आपको कोई फर्जी खबर, वीडियो या वायरल पोस्ट दिखे, तो आप उसे PIB फैक्ट चेक टीम को रिपोर्ट कर सकते हैं. इसके अलावा अगर किसी नोट या सिक्के से जुड़ा मामला बैंक 30 दिनों के भीतर हल नहीं करता, तो आप Reserve Bank – Integrated Ombudsman Scheme 2021 के तहत शिकायत दर्ज कर सकते हैं.
- व्हाट्सएप: +91 8799711259
- ईमेल: factcheck@pib.gov.in