Pink Tax: अगले जनम मोहे लड़का ही किजो… अक्सर अधिकांश महिलाएं कुछ ऐसे ही दुआ मांगती हैं. असल में ये लाइन मजाक नहीं, बल्कि कई महिलाओं की हकीकत को बयान करती है. रोजमर्रा की जिंदगी में कई ऐसी चीजें हैं जिसकी वजह से महिलाएं ऐसा सोचने पर मजबूर हो जाती हैं. इसमें न सिर्फ भेदभाव शामिल है, बल्कि महिलाओं से जुड़े कुछ ऐसे सामान भी हैं जिनमें कीमतों का भेदभाव साफ नजर आता है. इसे अक्सर ‘पिंक टैक्स' कहा जाता है. ये कोई सरकारी टैक्स नहीं है, बल्कि उन प्रोडक्ट्स और सेवाओं की ज्यादा कीमत है जो खास तौर पर महिलाओं के लिए मार्केट की जाती हैं. चाहे पर्सनल केयर प्रोडक्ट्स हों, कपड़े हों, हेल्थ चेकअप या फिर ट्रेवल का खर्च हो. कई मामलों में महिलाओं की जेब पर ज्यादा बोझ पड़ता है. आइए जानते हैं ऐसी 7 चीजें जो आज भी महिलाओं को पुरुषों से महंगी मिलती हैं.
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पर्सनल केयर प्रोडक्ट्स
शैंपू, कंडीशनर, मॉइश्चराइजर, रेजर जैसे कई प्रोडक्ट्स महिलाओं के लिए अलग पैकेजिंग में बेचे जाते हैं. अक्सर इनकी कीमत पुरुषों के प्रोडक्ट्स से ज्यादा होती है. जबकि काम लगभग एक जैसा ही होता है.
कपड़े और फैशन एक्सेसरीज
महिलाओं के कपड़े, खासकर फॉर्मल वियर और एक्सेसरीज, अक्सर पुरुषों के मुकाबले महंगे मिलते हैं. कई बार सिर्फ डिजाइन या फिनिशिंग के नाम पर कीमत बढ़ा दी जाती है.
ब्यूटी और कॉस्मेटिक सर्विसेज
हेयरकट, स्किन ट्रीटमेंट, वैक्सिंग या ब्यूटी सर्विसेज, इन सबकी कीमत महिलाओं के लिए ज्यादा होती है. एक ही सैलून में पुरुषों का हेयरकट सस्ता और महिलाओं का हेयरकट महंगा होना भी आम बात है.
हेल्थ चेकअप और मेडिकल खर्च
महिलाओं को नियमित रूप से गाइनोकॉलॉजिकल चेकअप, हार्मोन टेस्ट और रिप्रोडक्टिव हेल्थ से जुड़ी जांच करवानी पड़ती है. कई हेल्थ ऐप्स और लैब पैकेज में महिलाओं के चेकअप की कीमत पुरुषों के टेस्ट से ज्यादा होती है.
पीरियड से जुड़े खर्चसैनिटरी पैड, टैम्पोन या मेंस्ट्रुअल कप जैसे प्रोडक्ट्स महिलाओं के लिए जरूरी खर्च हैं. पुरुषों को ऐसा कोई खर्च नहीं करना पड़ता, इसलिए ये महिलाओं के लिए एक अतिरिक्त आर्थिक बोझ बन जाता है.
यात्रा और सुरक्षा का खर्चकई महिलाएं सुरक्षा के कारण सस्ते ट्रांसपोर्ट की जगह कैब या दूसरे कोई सिक्योर ऑप्शन चुनती हैं. इससे हर महीने ट्रांसपोर्ट का खर्च पुरुषों की तुलना में कहीं ज्यादा हो जाता है.
रहने की जगह सेफ्टीमहिलाएं अक्सर सुरक्षित इलाकों या गेटेड सोसाइटी में रहना पसंद करती हैं. ऐसी सभी जगहों पर किराया आम जगहों से ज्यादा होता है. सुरक्षा के मद्देनजर लिए गए ये फैसले भी उनकी जेब पर पुरुषों के मुकाबले भारी ही पड़ते हैं.
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