LPG vs Induction : रसोई में खाना बनाने के लिए भारत के ज्यादातर घरों में अब भी LPG गैस का इस्तेमाल होता है. लेकिन पिछले कुछ सालों में इंडक्शन कुकटॉप भी तेजी से लोकप्रिय हुआ है. ऐसे में एक सवाल अक्सर उठता है कि आखिर दोनों में से कुकिंग के लिए सस्ता क्या पड़ता है. आमतौर पर भारत में एक घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत करीब 900 से 1100 रुपए के बीच रहती है. कई परिवारों में एक सिलेंडर लगभग महीने भर चल जाता है. दूसरी ओर इंडक्शन कुकटॉप बिजली से चलता है और इसके लिए बिजली का खर्च देना पड़ता है. अगर बिजली का रेट करीब ₹6 से ₹9 प्रति यूनिट माना जाए, तो इंडक्शन पर कुकिंग का खर्च काफी हद तक इस बात पर निर्भर करता है कि रोज कितनी देर खाना बनाया जा रहा है.

इंडक्शन के फायदे
LPG और इंडक्शन के बीच सबसे बड़ा फर्क उनकी ऊर्जा इस्तेमाल करने की क्षमता (Cooking Efficiency) में है. LPG चूल्हे में लगभग 50 से 60 प्रतिशत ऊर्जा ही सीधे कुकिंग में इस्तेमाल होती है. बाकी गर्मी आस-पास फैल जाती है. वहीं इंडक्शन में लगभग 80 से 90 प्रतिशत ऊर्जा सीधे बर्तन तक पहुंचती है. यही वजह है कि कई मामलों में इंडक्शन पर खाना तेजी से पकता है और ऊर्जा का बेहतर इस्तेमाल होता है. इंडक्शन अपेक्षाकृत तेज और सुरक्षित माना जाता है और कई जगह इसकी रनिंग कॉस्ट कम पड़ सकती है. खासकर साधारण खाना बनाने में इंडक्शन को कई लोग ज्यादा सुविधाजनक मानते हैं.
LPG अब भी क्यों जरूरी
इसके बावजूद LPG का महत्व कम नहीं हुआ है. गैस चूल्हा बिजली जाने पर भी काम करता है और रोटी, तड़का या फ्राई जैसे पारंपरिक भारतीय पकवान बनाने में कई लोगों को यह ज्यादा आसान लगता है. ज्यादातर भारतीय घरों में इनके बिना खाना पूरा नहीं होता. यही कारण है कि अब कई घरों में हाइब्रिड किचन का चलन बढ़ रहा है. यानी रोजमर्रा के कुछ काम इंडक्शन पर और बाकी कुकिंग LPG पर की जाती है.
तो कुल मिलाकर अगर सिर्फ एफिशिएंसी की बात करें तो इंडक्शन ज्यादा ऊर्जा-कुशल है. लेकिन असली खर्च इस बात पर निर्भर करता है कि आपके शहर में बिजली का रेट कितना है और घर में कुकिंग कितनी व किस प्रकार की होती है. इसलिए कई भारतीय घरों में आज भी LPG और इंडक्शन दोनों का साथ-साथ इस्तेमाल किया जा रहा है.

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