Kedarnath Dham Yatra Helicopter Service: 19 अप्रैल से चारधाम यात्रा की शुरुआत होने जा रही है. लेकिन इससे पहले ही साइबर ठग एक्टिव हो गए हैं और श्रद्धालुओं के साथ ठगी करना शुरू कर दिया है. ऐसे में अगर आप इस साल चारधाम यात्रा करने की प्लानिंग कर रहे हैं, तो आपको बेहद सावधान रहने की जरूरत है. आपकी जानकारी के लिए बता दें, कि चारधाम यात्रा में केदारनाथ धाम में हेलीकॉप्टर सेवा के टिकट बुकिंग के नाम पर श्रद्धालुओं को ठगी का शिकार बनाया जाता है. साइबर ठगी करने वाले अपराधी असली वेबसाइट की तरह फर्जी वेबसाइट बनाते हैं, जिसके कारण लोग असली की पहचान नहीं कर पाते हैं और धोखाधड़ी-ठगी का शिकार हो जाते हैं.
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हेलिकॉप्टर टिकट बुकिंग की आधिकारिक वेबसाइट
उत्तराखंड पुलिस ने X पर पोस्ट किया है और श्रद्धालुओं को साइबर ठगी से सतर्क रहने की अपील की है. पोस्ट में पुलिस ने लोगों को सचेत किया कि अगर आप श्री केदारनाथ धाम यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो नकली वेबसाइटों और साइबर ठगी से सतर्क रहें. हेलिकॉप्टर टिकट सिर्फ आधिकारिक वेबसाइट https://heliyatra.irctc.co.in के जरिए ही बुक करें. सोशल मीडिया या व्हाट्सऐप पर आने वाले संदिग्ध लिंक और संदेशों से बुकिंग करने से बचें.
🚨 Alert: Avoid Fake Helicopter Booking Fraud! 🚨
— Uttarakhand Police (@uttarakhandcops) March 31, 2026
Planning your Shri Kedarnath Dham Yatra? Don't fall for fake websites and cyber scams!
✅ Book ONLY via the Official Website:
👉 https://t.co/5yAiKR8xfD
▪️ Beware of suspicious links on social media or WhatsApp.
👉Stay Alert! pic.twitter.com/Oc8omtUvJP
बुकिंग करते समय इन बातों का रखें ध्यान
- श्रद्धालु किसी भी अनजान लिंक, कॉल या संदेश के जरिए बुकिंग न करें.
- केवल अधिकृत और सत्यापित प्लेटफॉर्म के माध्यम से ही होटल, हेलीकॉप्टर या टैक्सी की बुकिंग करें.
- किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत साइबर हेल्पलाइन या नजदीकी थाने में दें.
फर्जी वेबसाइट पर निगरानी
हर साल कई श्रद्धालु होटल, धर्मशाला, हेली व टैक्सी बुकिंग के नाम पर ठगी का शिकार हो जाते हैं. फर्जी वेबसाइट, व्हाट्सऐप मैसेज, SMS और इंटरनेट मीडिया विज्ञापनों के जरिए श्रद्धालुओं को निशाना बनाया जा रहा है. ऐसे में चारधाम यात्रा से पहले उत्तराखंड साइबर पुलिस और एसटीएफ ने इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर की टीम के साथ मिलकर ऐसी फर्जी वेबसाइट पर निगरानी रखनी शुरू कर दी है.
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