कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जाने का सपना हर साल हजारों श्रद्धालु देखते हैं. इस पवित्र यात्रा के लिए लोग महीनों पहले से तैयारी शुरू कर देते हैं. कोई अपनी फिटनेस पर ध्यान देता है, तो कोई महीनों पहले से यात्रा का पूरा प्लान बनाना शुरू कर देता है. ऐसे में अगर आप भी इस साल कैलाश मानसरोवर यात्रा की तैयारी कर रहे हैं, तो बता दें कि सिर्फ टिकट बुक करना, होटल तय करना या सामान पैक करना ही काफी नहीं है. यात्रा पर निकलने से पहले सभी जरूरी दस्तावेज तैयार रखना भी बहुत जरूरी है. अगर कोई एक जरूरी कागज भी आपके पास नहीं हुआ, तो आपकी यात्रा बीच में रुक सकती है.
हाल ही में विदेश मंत्रालय (MEA) ने भी श्रद्धालुओं को इस बारे में सावधान किया है. मंत्रालय के मुताबिक, करीब 52 भारतीय श्रद्धालु नेपाल के काठमांडू में इसलिए फंस गए क्योंकि उनके पास चीन का जरूरी ग्रुप वीजा और तिब्बत में जाने का परमिट नहीं था. ऐसे में अगर आप भी इस यात्रा पर जाने की तैयारी कर रहे हैं, तो पहले यह जान लें कि किन-किन दस्तावेजों की जरूरत होगी.
ये डॉक्यूमेंट्स हैं जरूरी
सबसे पहले वैध पासपोर्ट होना जरूरीकैलाश मानसरोवर यात्रा भारत के बाहर होती है. कैलाश पर्वत और मानसरोवर झील चीन के तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र में स्थित हैं. इसलिए इस यात्रा पर जाने के लिए हर श्रद्धालु के पास वैध भारतीय पासपोर्ट होना जरूरी है. वहीं, अगर आप विदेश मंत्रालय (MEA) के जरिए यात्रा के लिए आवेदन कर रहे हैं, तो आपका पासपोर्ट यात्रा वर्ष के 1 सितंबर तक कम से कम 6 महीने के लिए वैध होना चाहिए. अगर पासपोर्ट की वैधता इससे कम है, तो आवेदन करने से पहले उसे रिन्यू करा लें.
चीन का ग्रुप वीजा लेना होगाकई लोगों को लगता है कि चीन का रेगुलर वीजा ही काफी होगा, लेकिन ऐसा नहीं है. कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए चाइना ग्रुप ट्रैवल वीजा जरूरी होता है. यह वीजा सिर्फ अधिकृत टूर ऑपरेटर के जरिए ही बनता है. इसे कोई भी व्यक्ति खुद आवेदन करके नहीं ले सकता.
तिब्बत ट्रैवल परमिट भी है जरूरीतिब्बत एक प्रतिबंधित इलाका है. इसलिए वहां जाने के लिए तिब्बत ट्रैवल परमिट भी जरूरी होता है. यह परमिट भी केवल अधिकृत ट्रैवल एजेंसियां ही बनवा सकती हैं. अगर आपके पास यह परमिट नहीं है, तो चीन का वीजा होने के बाद भी आपको तिब्बत में प्रवेश नहीं मिलेगा.
नेपाल के रास्ते जा रहे हैं तो इन बातों का रखें ध्यानकई यात्री नेपाल के रास्ते कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जाते हैं. भारत से नेपाल जाने के लिए आपके पास वैध भारतीय पासपोर्ट या चुनाव आयोग की ओर से जारी वोटर आईडी कार्ड होना चाहिए. अगर आपकी वापसी सीधे भारत आने की बजाय काठमांडू से किसी दूसरे देश के लिए हवाई यात्रा की है, तो उड़ान भरने से पहले काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास से नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) लेना जरूरी होगा.
MEA पोर्टल पर आवेदन करते समय रखें ये दस्तावेजअगर आप विदेश मंत्रालय के आधिकारिक पोर्टल से आवेदन कर रहे हैं, तो पहले से कुछ दस्तावेज तैयार रखें. इनमें-
- वैध भारतीय पासपोर्ट
- हाल की पासपोर्ट साइज फोटो (JPG फॉर्मेट)
- पासपोर्ट के पहले पेज की स्कैन कॉपी, आखिरी पेज की स्कैन कॉपी
- पासपोर्ट के अनुसार सही व्यक्तिगत जानकारी और
- अपनी पसंद का यात्रा मार्ग शामिल है.
विदेश मंत्रालय ने श्रद्धालुओं को सलाह दी है कि किसी भी टूर ऑपरेटर को पैसे देने से पहले यह जरूर देख लें कि वह पंजीकृत और अधिकृत है या नहीं. क्योंकि चीन का ग्रुप वीजा और तिब्बत ट्रैवल परमिट सिर्फ अधिकृत एजेंसियों के जरिए ही जारी किए जाते हैं. इसलिए यात्रा की तैयारी के साथ-साथ अपने सभी दस्तावेज पहले से पूरे रखें. इससे आपकी कैलाश मानसरोवर यात्रा बिना किसी परेशानी के पूरी हो सकेगी.
विदेश मंत्रालय को नेपाल में फँसे भारतीय नागरिकों से मदद और सहायता के लिए कई अनुरोध मिले हैं। ये नागरिक प्राइवेट टूर ऑपरेटरों द्वारा आयोजित यात्रा के ज़रिए बिना ज़रूरी एंट्री परमिट और चीन के वीज़ा के कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए थे। नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे भारत से अपनी… pic.twitter.com/RelVJzZFmd
— IANS Hindi (@IANSKhabar) June 28, 2026
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