- इनकम टैक्स विभाग केवल उन्हीं बैंक खातों में रिफंड भेजता है जो ई-फाइलिंग पोर्टल पर प्री-वैलिडेटेड हैं
- इस साल विभाग बड़े मूल्य वाले रिफंड की जांच कर रहा है ताकि फर्जी क्लेम को रोका जा सके
- आयकर रिटर्न फाइल करने के बाद तीस दिनों के भीतर ई-वेरीफिकेशन जरूरी है, बिना वेरीफिकेशन रिफंड नहीं मिलेगा
Income Tax Refund Status: क्या आपने भी टाइम पर अपना इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल कर दिया था, लेकिन बैंक अकाउंट में अब तक रिफंड की घंटी नहीं बजी? अगर आप भी उन लाखों करदाताओं में से हैं, जो हर सुबह अपना बैंक बैलेंस चेक करते हैं, तो यह खबर आपके लिए ही है. दरअसल टैक्स डिपार्टमेंट ने साफ कर दिया है कि रिफंड में देरी की वजह कोई तकनीकी खराबी नहीं, बल्कि आपकी कुछ छोटी गलतियां हो सकती हैं. खबर में आपको बताते हैं कि आखिर आपका रिफंड कहां और क्यों अटका हुआ है.
बैंक अकाउंट का प्री-वैलिडेशन न होना
टैक्स डिपार्टमेंट अब केवल उन्हीं खातों में पैसे भेजता है जो पोर्टल पर प्री-वैलिडेट हैं. अगर आपने नया खाता खुलवाया है या पुराने खाते की जानकारी अपडेट नहीं की है, तो रिफंड फेल स्टेटस दिखा सकता है. ऐसे में जल्द ही ई-फाइलिंग पोर्टल पर जाकर 'My Bank Account' सेक्शन में अपना खाता वैलिडेट करें.
हाई-वैल्यू रिफंड पर विभाग की टेढ़ी नजर
सीबीडीटी के अनुसार, इस साल विभाग उन रिफंड्स की गहराई से जांच कर रहा है, जहां रिफंड का अमाउंट बहुत ज्यादा है या जहां टैक्सपेयर्स ने फॉर्म-16 के अलावा अलग से डिडक्शन (जैसे HRA, 80C) क्लेम किए हैं. विभाग यह पक्का करना चाहता है कि कहीं ये क्लेम फर्जी तो नहीं हैं.
ई-वेरिफिकेशन में देरी
आईटीआर फाइल करना ही काफी नहीं है. फाइल करने के 30 दिनों के अंदर उसे ई-वेरीफाई करना भी जरूरी है. अगर आपने अभी तक आधार ओटीपी के जरिए इसे वेरीफाई नहीं किया है, तो आपका रिटर्न प्रोसेस ही नहीं होगा और रिफंड भूल जाइए.
डेटा में मिसमैच
अगर आपकी बताई हुई इनकम और आपके AIS (Annual Information Statement) या 26AS में दिख रही जानकारी में थोड़ा भी अंतर है, तो सिस्टम आपका रिफंड रोक देता है. क्रिप्टोकरेंसी या ऑनलाइन गेमिंग से हुई कमाई को न दिखाना भी भारी पड़ सकता है.
अपना रिफंड स्टेटस ऐसे करें चेक
- इनकम टैक्स पोर्टल पर लॉग-इन करें.
- e-File टैब पर जाएं और Income Tax Returns पर क्लिक करें.
- View Filed Returns पर जाएं.
यहां आप अपने लेटेस्ट रिटर्न का स्टेटस देख सकते हैं. अगर वहां Refund Reissue का ऑप्शन दिख रहा है, तो समझ लीजिए बैंक डिटेल्स में गड़बड़ थी.
एक्सपर्ट की सलाह
टैक्स एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर आपका रिफंड अटका है, तो अपने पेंडिंग एक्शन टैब को जरूर चेक करें. विभाग ने कई टैक्सपेयर्स को नोटिस के लिए मैसेज भेजे हैं, जिनका जवाब न देने पर रिफंड हमेशा के लिए अटक सकता है.
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