Horticulture advisory : तेज गर्मी और हीट वेव ने पूरे देश को अपनी चपेट में ले लिया है. इंसान ही नहीं पेड़ पौधे भी झुलस रहे हैं. पेड़ पौधों खासकर किसानों को अपनी फसल को लू से बचाने में बहुत दिक्कत आ रही है. ऐसे में नारनौल जिला बागवानी विभाग ने ग्रीष्म ऋतु में किसानों के लिए एडवाइजरी जारी की है. इसमें फसलों को गर्मी से बचाने, उचित सिंचाई, मल्चिंग और कीट नियंत्रण के उपाय बताए गए हैं. दरअसल, इतनी भीष्ण गर्मी पड़ रह है, ऐसे में किसानों द्वारा फसल को बचाना बहुत मुश्किल होता जा रहा है. जिला उद्यान अधिकारी डा. प्रेम कुमार ने किसानों को सलाह दी है कि फसलों को गर्मी के प्रकोप से बचाव के लिए वे अपनी फसलों की निरंतर निगरानी करते हैं.
तेज धूप के कारण किसान अपना खेतों काम सुबह ही निपटा लें. बाग और सब्जियों में उचित सिंचाई प्रबंधन करें. नमी बनाए रखने के लिए मल्चिंग का उपयोग जरूर करें.
किसान फलदार पौधों को ऐसे बचाएं
जिला उद्यान अधिकारी डॉ. प्रेम कुमार ने बताया कि नए फलदार पौधों को ढककर ''लू'' से बचाएं. तने के निचले हिस्से पर बोर्डो पेस्ट लगाएं. इसके लिए दो किलो नीला थोथा, तीन किलो बिना बुझा चूना और 30 लीटर पानी का मिश्रण तैयार करें. बागों में खरपतवार नियंत्रण और नमी संरक्षण के लिए मल्चिंग का उपयोग करना चाहिए. बेर के बागों में अप्रैल-मई में छंटाई कर बोर्डो पेस्ट लगाएं. नए बाग लगाने वाले किसान खेत तैयार करके उचित दूरी पर 3 फीट चौड़े और 3 फीट गहरे गड्ढे खोदकर खुला छोड़े उसके बाद गली सड़ी गोबर की खाद और 2 किलोग्राम सिंगल सुपर फास्फेट को अच्छी तरह से मिलाकर भरें.
सब्जियों को हीट वेव से ऐसे करें सुरक्षित
सब्जियों की नई पौध को हरे शेडनेट से पूरी तरह ढक दें. किसान सब्जियों की तुड़ाई केवल सुबह या शाम के समय ही करें. बेल वाली सब्जियों में हल्की सिंचाई के माध्यम से उचित नमी बनाए रखें. फसलों में कीटों और बीमारियों की निरंतर जांच करते रहें. उन्होंने बताया कि किसान अन्य किसी जानकारी के लिए अपने संबंधित ब्लॉक स्तर कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं.

खाद डालने से बचें
जब तापमान बहुत ज्यादा हो तो, तब किसान खाद ना डालें. अधिक तापमान में खाद डालने से नई पत्तियां तेजी से निकलेंगी, जो तेज धूप में झुलस सकती हैं. ऐसे में जरूरी है कि किसान खाद डालने से बचें.
आवश्यक पोषक तत्वों को चुनें
खेतों में इस तापमान में खाद डालने को मना किया जाता है. मगर गर्मी से प्रभावित पौधों को खनिज पूरकों से लाभ हो सकता है. अगर वह लू में झुलस गए हैं तो इन विटामिन और खनिज तत्वों से उन्हें राहत मिलेगी. इसके अलावा फसल की प्रतिरोधक क्षमता भी विकसित होगी.
पानी समय-समय पर दें
लू के थपेड़े अब रात में भी महसूस किए जा हैं. ऐसे किसान अपनी फसल को सुबह और रात में पानी दें. मगर इस बात का ध्यान रखें कि जरूरत से ज्यादा पानी ना दें. इससे फसल के खराब होने की संभावाना बनी रहती है.
इस मौसम में छंटाई करने से बचें
तेज गर्मी और लू के चलते किसान छंटाई ना करें. अगर संभव हो तो सूखी शाखाओं और पत्तियों की भी छंटाई ना करें. दरअसल, ये सूखी शाखाएं और पत्तियां भीषण गर्मी के दौरान पौधे या पेड़ के बाकी हिस्सों को अतिरिक्त छाया प्रदान करने में मदद कर सकती है.
छाया संभव हो तो दें
इस झुलसती गर्मी में संभव हो तो फसल को तेज धूप से बचाएं. अगर संभव हो तो छाया में फसल रखें. कई किसान अपनी फसल को कवर कर देते हैं, ताकि उनकी फसल को कम से कम नुकसान हो.
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