First Semi High Speed Rail Project: भारत की पहली स्वदेशी सेमी हाई-स्पीड रेल परियोजना को मंजूरी मिल गई है. केंद्र सरकार ने गुजरात में अहमदाबाद-धोलेरा सेमी हाई-स्पीड डबल लाइन रेलवे प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी है. यह भारत का पहला ऐसा रेल कॉरिडोर होगा, जो देश की अपनी तकनीक से तैयार किया जाएगा. इस प्रोजेक्ट को कैबिनेट कमेटी ऑन इकोनॉमिक अफेयर्स (CCEA) ने मंजूरी दी है. इसकी कुल लागत लगभग 20,667 करोड़ रुपये बताई जा रही है. इस रेल लाइन से अहमदाबाद, धोलेरा स्पेशल इन्वेस्टमेंट रीजन (SIR), बनने वाला धोलेरा एयरपोर्ट और लोथल नेशनल मैरीटाइम हेरिटेज कॉम्प्लेक्स के बीच बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी.
यह 134 किलोमीटर लंबा डबल लाइन रेल कॉरिडोर है, जिसे पीएम गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के तहत विकसित किया जा रहा है. यह प्रोजेक्ट भविष्य में देश में बनने वाले सेमी हाई-स्पीड रेल नेटवर्क के लिए एक मॉडल बनेगा. सेमी हाई-स्पीड रेल परियोजना भारतीय रेलवे के लिए एक बड़ी उपलब्धि है, क्योंकि इसमें पूरी तरह स्वदेशी तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा. यह रेलवे लाइन सरकार की आत्मनिर्भर भारत पहल के तहत देश की अपनी तकनीक से बनाई जाएगी.
अहमदाबाद से धोलेरा के बीच तेज सफर
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस रूट पर ट्रेनें करीब 200 किमी/घंटा की रफ्तार से चल सकती हैं, जबकि लाइन को 220 किमी/घंटा की स्पीड के हिसाब से तैयार किया जा रहा है. इस प्रोजेक्ट से अहमदाबाद और धोलेरा के बीच यात्रा का समय एक घंटे से भी कम हो जाएगा. साबरमती से धोलेरा का सफर करीब 48 मिनट में पूरा हो सकता है. सरखेज से धोलेरा तक पहुंचने में लगभग 34 मिनट लग सकते हैं.
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कनेक्टिविटी को बढ़ावायह रेल कॉरिडोर यात्रियों के साथ-साथ माल ढुलाई के लिए भी उपयोगी रहेगा. इससे धोलेरा स्पेशल इन्वेस्टमेंट रीजन (SIR) तक पहुंच आसान होगी, जिसे एक बड़े औद्योगिक और मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में विकसित किया जा रहा है. सरकार के अनुमान के अनुसार, यह रेलवे प्रोजेक्ट करीब 284 गांवों की कनेक्टिविटी बेहतर करेगा, जहां लगभग 5 लाख लोग रहते हैं.
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