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Delhi Meerut Expressway Toll Rates: दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर सफर होगा महंगा, 1 अप्रैल से 5% बढ़ जाएगा टोल, जानिए कितना लगेगा टोल

Delhi Meerut Expressway Toll Rates: दिल्ली–मेरठ एक्सप्रेसवे पर साल 2026‑27 के लिए टोल दरें बढ़ रही हैं. यह बढ़ोतरी करीब 5% होगी और नई दरें 1 अप्रैल की रात 12 बजे से लागू होंगी.

Delhi Meerut Expressway Toll Rates: दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर सफर होगा महंगा, 1 अप्रैल से 5% बढ़ जाएगा टोल, जानिए कितना लगेगा टोल
Delhi Meerut Expressway Toll Rates
file photo

Delhi Meerut Expressway Toll Rates: राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने दिल्ली–मेरठ एक्सप्रेसवे पर साल 2026‑27 के लिए टोल दरें बढ़ाने का फैसला किया है. यह बढ़ोतरी करीब 5% होगी और नई दरें 1 अप्रैल की रात 12 बजे से लागू होंगी. NHAI अधिकारियों के मुताबिक, अब टोल प्लाज़ा पर नकद भुगतान पूरी तरह बंद कर दिया गया है. टोल का भुगतान केवल फास्टैग या UPI के जरिए ही किया जा सकेगा. दिल्ली–मेरठ एक्सप्रेसवे एक नियंत्रित प्रवेश वाला एक्सप्रेसवे है. इस पर कुल सात जगहों सराय काले खां, इंदिरापुरम, डूंडाहेड़ा, डासना, रसूलपुर सिकरोड़, भोजपुर और काशी टोल प्लाजा से एंट्री की जा सकती है.

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दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर 5% बढ़ जाएगा टोल

नई दरों के अनुसार, सराय काले खां से मेरठ (करीब 82 किलोमीटर) तक हल्की गाड़ियों जैसे कार, जीप, वैन या लाइट मोटर व्हीकल (LMV) के लिए एकतरफा टोल अब 175 रुपये होगा, जो पहले 170 रुपये था. आने‑जाने (रिटर्न) का टोल अब 265 रुपये होगा यानी 10 रुपये की बढ़ोतरी. हल्के व्यावसायिक वाहन, माल ढुलाई वाले हल्के वाहन और मिनी बसों के लिए एकतरफा टोल 275 रुपये से बढ़कर 285 रुपये हो गया है. रिटर्न यात्रा का टोल 415 रुपये से बढ़कर 425 रुपये होगा. इसी तरह इंदिरापुरम से मेरठ तक हल्की गाड़ियों के लिए एकतरफा टोल अब 120 रुपये होगा, जो पहले 115 रुपये था. वहीं, रिटर्न यात्रा का टोल अब 175 रुपये से बढ़कर 189 रुपये कर दिया गया है.

बसों और ट्रकों (दो एक्सल), तीन एक्सेल वाले बड़े वाहनों, 4 से 6 एक्सेल वाले वाहनों और बहुत बड़े वाहनों (7 या उससे ज्यादा एक्सेल) के लिए भी टोल की दरों में बढ़ोतरी की गई है. दिल्ली–मेरठ एक्सप्रेसवे (DME) और एनएच‑9 पर रोजाना लगभग 3 लाख 98 हजार पीसीयू (PCU) वाहनों की आवाजाही होती है. इनमें से करीब 50 हजार पीसीयू केवल दिल्ली–मेरठ एक्सप्रेसवे पर चलते हैं.

इस पूरे रूट पर NHAI ने “क्लोज्ड टोलिंग सिस्टम” लागू किया है. इसका मतलब है कि वाहन चालकों से उतनी ही दूरी का टोल लिया जाता है, जितनी दूरी उन्होंने तय की होती है. इसके लिए एक्सप्रेस वे के सभी एंट्री और एग्जिट पॉइंट पर फास्टैग रीडर और कैमरे लगाए गए हैं, जो वाहन की यात्रा दूरी को रिकॉर्ड करते हैं.

दिल्ली–मेरठ एक्सप्रेसवे और एनएच‑9 को चार चरणों में विकसित किया गया
  • सराय काले खां से यूपी गेट तक 8.7 किलोमीटर सड़क मई 2018 में शुरू हुई
  • डासना से हापुड़ तक 22.2 किलोमीटर हिस्सा सितंबर 2019 में चालू हुआ
  • यूपी गेट से डासना (19.22 किमी) और डासना से मेरठ (31.8 किमी) के बाकी दो हिस्से नवंबर 2021 में औपचारिक रूप से खोले गए

दिल्ली–मेरठ एक्सप्रेसवे छह लेन का है, जिसके साथ चार लेन वाला एनएच‑9 भी मौजूद है. दोपहिया वाहन और दूसरे सभी तरह के वाहन एनएच‑9 का इस्तेमाल कर सकते हैं. उत्तर प्रदेश में इस एक्सप्रेसवे पर अधिकतम रफ्तार 100 किमी प्रति घंटा है, जबकि दिल्ली क्षेत्र में गति सीमा 70 किमी प्रति घंटा रखी गई है.

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