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Budget 2026: रिटायरमेंट के बाद अब पेंशन पर नहीं लगेगा टैक्स? NPS को लेकर PFRDA चेयरमैन ने रखी ये बड़ी मांग

बजट 2026 से पेंशनधारकों के लिए बड़ी खुशखबरी आ सकती है. PFRDA चेयरमैन एस. रामन ने बताया है कि कैसे NPS से पैसा निकालना अब और आसान और टैक्स-फ्री हो सकता है. क्या है SWP प्लान और आपके रिटायरमेंट पर इसका क्या असर होगा? जानें पूरी खबर...

Budget 2026: रिटायरमेंट के बाद अब पेंशन पर नहीं लगेगा टैक्स? NPS को लेकर PFRDA चेयरमैन ने रखी ये बड़ी मांग
Budget 2026 Expectations: बजट 2026 से उम्मीद है कि सरकार पेंशन सेक्टर के लिए कुछ बड़े ऐलान करेगी.
नई दिल्ली:

क्या आप भी रिटायरमेंट के बाद मिलने वाली पेंशन पर लगने वाले टैक्स से परेशान हैं? अगर हां, तो आने वाला बजट (Budget 2026-27) आपके लिए बड़ी राहत लेकर आ सकता है.पेंशन सेक्टर को रेगुलेट करने वाली संस्था PFRDA ने सरकार सरकार के सामने कुछ ऐसी मांगें रखी हैं, जो अगर मान ली गई तो नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) से पैसा निकालना न केवल आसान हो जाएगा, बल्कि आपकी जेब पर टैक्स का बोझ भी खत्म हो जाएगा.

पेंशन फंड्स सेक्टर से जुड़ी यह खबर सीधे आपकी जेब और रिटायरमेंट प्लानिंग पर असर डालने वाली है. PFRDA चाहता है कि रिटायरमेंट के वक्त जब आप अपना पैसा निकालें, तो वह पूरी तरह से 'टैक्स-फ्री' हो.

रिटायरमेंट के बाद पैसा निकालने का बदलेगा तरीका?

एनडीटीवी से खास बातचीत में पेंशन रेगुलेटर PFRDA के चेयरमैन एस रामन ने बजट को लेकर अपनी उम्मीदें जाहिर की हैं.

उन्होंने बताया कि इस बार सरकार से सिफारिश की गई है कि नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) से पैसा निकालने के विकल्पों को और भी आसान और टैक्स-फ्री बनाया जाए. अभी तक नियम यह है कि रिटायरमेंट पर आपको एन्युइटी (Annuity) लेनी पड़ती है, जिस पर टैक्स के अलग नियम हैं. लेकिन अब PFRDA चाहता है कि सिस्टमैटिक विड्रॉल प्लान (SWP) जैसे नए विकल्पों को भी टैक्स के दायरे से बाहर रखा जाए या उन्हें 'टैक्स न्यूट्रल' बनाया जाए. 

इसका मतलब यह है कि अगर कोई निवेशक अलग तरीके से अपनी पेंशन का पैसा लेना चाहता है, तो उसे टैक्स की चिंता न करनी पड़े.

जरूरत के हिसाब से चुनें पेंशन का विकल्प

एनडीटीवी से एक्सक्लूसिव बातचीत में उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति को पेंशन का विकल्प चुनते समय इस बात की चिंता नहीं होनी चाहिए कि उसे कितना टैक्स देना पड़ेगा. कन्ज्यूमर को टैक्स देखकर नहीं बल्कि अपनी जरूरत के हिसाब से पेंशन का विकल्प चुनना चाहिए.यह फैसला पूरी तरह टैक्स के दबाव से मुक्त होना चाहिए.

आम आदमी तक पहुंचेगा NPS, करोड़ों लोगों को जोड़ने का लक्ष्य

चेयरमैन एस रामन ने इस बात पर जोर दिया कि NPS एक स्वतंत्र वॉलंटरी कंट्रीब्यूशन स्कीम  है, जो मार्केट रिटर्न पर आधारित है. यही वजह है कि प्राइवेट सेक्टर या नॉन-गवर्नमेंट सेक्टर के लोगों के लिए इसका हिस्सा बनना बहुत जरूरी है. फिलहाल नॉन-गवर्नमेंट सेक्टर में केवल 75 लाख लोग ही NPS से जुड़े हैं, लेकिन PFRDA का लक्ष्य इस आंकड़े को करोड़ों तक ले जाने का है.इसके लिए नॉन-गवर्नमेंट सेक्टर में NPS का तेजी से विस्तार होना बेहद जरूरी है

इसके लिए उन्होंने हाल ही में गुडगाँव में  'पेंशनबाजार' (Pensionbazaar.com) जैसे नए डिजिटल प्लेटफॉर्म की शुरुआत की गई है जो लोगों को घर बैठे पेंशन खाता खोलने में मदद करेगा. चेयरमैन के मुताबिक, देश में पेंशन स्कीम्स के डिस्ट्रीब्यूटर्स को और सक्रिय होना पड़ेगा ताकि गांव-गांव और शहर-शहर तक लोग अपना पेंशन खाता खुलवा सकें.

नए पेंशन प्रोडक्ट्स लाने की तैयारी

आम लोगों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए PFRDA ने एक स्पेशल कमेटी भी बनाई है. यह कमेटी इस बात पर रिसर्च कर रही है कि मार्केट में और कौन-कौन से नए पेंशन पेआउट प्रोडक्ट्स लाए जा सकते हैं. जैसे ही इस कमेटी की रिपोर्ट आएगी, PFRDA नए और बेहतर विकल्प पेश करेगा.

चेयरमैन का कहना है कि जब पेंशन प्रोडक्ट्स अच्छे होंगे और टैक्स का बोझ कम होगा, तो लोग खुद-ब-खुद इसकी तरफ खिंचे चले आएंगे. फिलहाल बजट 2026 से उम्मीद है कि सरकार पेंशन सेक्टर के लिए कुछ बड़े ऐलान करेगी.बजट 2026 में अगर PFRDA की इन मांगों पर मुहर लगती है, तो NPS लेने वालों का भविष्य और भी सुरक्षित हो सकता है.

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