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Budget 2026: कैसे बनता है देश का बजट, जानें पर्दे के पीछे की पूरी कहानी

Budget 2026: बजट बनाना एक बेहद मुश्किल और लंबी प्रक्रिया है जिसमें देश के बेहतरीन दिमाग रात-दिन एक करते हैं. 1 फरवरी 2026 को जब वित्त मंत्री अपना पिटारा खोलेंगी, तो उसके पीछे महीनों की मेहनत और देश की आर्थिक दिशा को बदलने का विजन होगा.

Budget 2026: कैसे बनता है देश का बजट, जानें पर्दे के पीछे की पूरी कहानी
  • बजट बनाने की जिम्मेदारी वित्त मंत्रालय के डिपार्टमेंट ऑफ इकोनॉमिक अफेयर्स की होती है
  • ब्लू शीट बजट का सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज होता है जिसे वित्त मंत्रालय के बाहर ले जाना प्रतिबंधित रहता है
  • केंद्रीय बजट आमतौर पर 1 फरवरी को संसद में पेश किया जाता है ताकि नए वित्त वर्ष से पहले सभी निर्णय पूरे हो सकें
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Budget 2026: नए साल की शुरुआत के साथ ही पूरे देश की नजरें टिकी होती हैं आने वाले बजट पर. जेब, जरूरत और जिंदगी के इस खास सफर में क्या आप जानते हैं कि अरबों रुपये के खर्च और कमाई का ये हिसाब-किताब कैसे तैयार होता है? कौन हैं वो लोग जो बंद कमरों में महीनों तक माथापच्ची कर आपके लिए बजट तैयार करते हैं? आइए आपको समझाते हैं बजट बनने का पूरा प्रोसेस.

कब शुरू होती है तैयारी?

बजट पेश भले ही 1 फरवरी को होता है, लेकिन इसकी तैयारी अगस्त-सितंबर से ही शुरू हो जाती है. वित्त मंत्रालय का डिपार्टमेंट ऑफ इकोनॉमिक अफेयर्स (DEA) सभी मंत्रालयों, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को सर्कुलर भेजकर पूछता है कि उन्हें अगले साल के लिए कितने पैसों की जरूरत है.

कौन है असली मास्टरमाइंड?

बजट बनाने की अहम जिम्मेदारी वित्त मंत्रालय के अधीन डिपार्टमेंट ऑफ इकोनॉमिक अफेयर्स (DEA) की होती है. इसमें वित्त मंत्री के साथ-साथ वित्त सचिव, राजस्व सचिव और व्यय सचिव की एक कोर टीम होती है. इसके अलावा, नीति आयोग और अलग-अलग मंत्रालयों के एक्सपर्ट डेटा और अनुमानों पर काम करते हैं.

बजट की हलवा सेरेमनी

बजट की छपाई से पहले वित्त मंत्रालय में एक पुरानी परंपरा निभाई जाती है, जिसे हलवा सेरेमनी कहा जाता है. इसके बाद बजट से जुड़े अधिकारी और कर्मचारी नॉर्थ ब्लॉक के बेसमेंट में कैद हो जाते हैं. मोबाइल और इंटरनेट काट दिया जाता है, जिससे बजट की एक भी जानकारी लीक न हो. यह पूरी गोपनीयता देश की अर्थव्यवस्था की सुरक्षा के लिए जरूरी होती है.

ब्लू शीट

ब्लू शीट, यह बजट का सबसे अहम दस्तावेज होता है, जिसमें बजट के मुख्य आंकड़े होते हैं. इस शीट को वित्त मंत्रालय के बाहर ले जाने की अनुमति किसी को नहीं होती, यहां तक कि वित्त मंत्री भी इसे एक तय सीमा तक ही देख सकती हैं.

कब और कहां होता है पेश?

आमतौर पर केंद्रीय बजट 1 फरवरी को सुबह 11 बजे संसद में वित्त मंत्री पेश करती हैं. पहले यह फरवरी के आखिरी दिन पेश होता था, लेकिन 2017 से सरकार ने इसकी तारीख बदलकर 1 फरवरी कर दी थी, जिससे नए वित्त वर्ष यानी 1 अप्रैल से पहले सारा काम पूरा हो सके.

आपके लिए क्यों जरूरी है बजट?

बजट सिर्फ आंकड़ों का खेल नहीं है. इसमें तय होता है कि आपकी इनकम पर कितना टैक्स लगेगा. राशन, मोबाइल और गाड़ियां सस्ती होंगी या महंगी. रेलवे और इंफ्रास्ट्रक्चर पर सरकार कितना खर्च करेगी.

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