AgriStack: भारत सरकार ने कृषि क्षेत्र को पूरी तरह से डिजिटल बनाने के लिए लगातार कुछ न कुछ बदलाव लेकर आ रही है. करोड़ों किसानों को डिजिटल पहचान दी जा रही है. अप्रैल 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार, देश के लगभग 9.25 करोड़ किसानों को यह डिजिटल पहचान मिल चुकी है. सरकार का लक्ष्य 2026-27 तक कुल 11 करोड़ किसानों को इससे जोड़ना है. AgriStack एक क्रांतिकारी डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) है, जिसे भारत सरकार ने कृषि क्षेत्र को पूरी तरह से डिजिटल बनाने के लिए तैयार किया है. इससे किसानों की बहुत मदद मिलेगी. इसमें जमीन, फसल और बैंकिग से जुड़ी सभी जानकारियां एक जगह मिल सकती है.
AgriStack क्या है?
AgriStack एक क्रांतिकारी डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) है, जिसे भारत सरकार ने कृषि क्षेत्र को पूरी तरह से डिजिटल बनाने के लिए तैयार किया है. इसका मुख्य उद्देश्य हर किसान को एक विशिष्ट डिजिटल पहचान (Farmer ID) प्रदान करना है, ताकि उन्हें सरकारी योजनाओं, ऋण और अन्य सेवाओं का लाभ आसानी से मिल सके.
डिजिटल किसान आईडी- आधार से जुड़ी एक यूनिक आईडी जो किसान की पहचान और भूमि स्वामित्व को सत्यापित करती है.
पारदर्शी सरकारी सेवाएं- पीएम किसान, फसल बीमा और खाद-बीज सब्सिडी को बिना किसी बिचौलिये के सीधे किसानों के खाते में पहुंचाना (DBT).
फसल-बुवाई रजिस्टर- हर सीजन में उगाई जाने वाली फसलों का डिजिटल रिकॉर्ड रखना, जिससे उत्पादन का बेहतर अनुमान लगाया जा सके.
AgriStack के उद्देश्यडिजिटल खेती, सशक्त किसान
— Samrat Choudhary (@samrat4bjp) April 3, 2026
कृषि में नए भारत की नई पहचान!
आदरणीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी के नेतृत्व में कृषि क्षेत्र में डिजिटल परिवर्तन अब किसानों के जीवन में सीधे बदलाव ला रहा है।
AgriStack के माध्यम से देश के करोड़ों किसानों को एक सशक्त डिजिटल पहचान मिल रही है,… pic.twitter.com/TINqIhFlrY
AgriStack के उद्देश्य है कि आधार कार्ड की तरह, प्रत्येक किसान के लिए एक विशिष्ट 'किसान आईडी' बनाना, जो उनकी भूमि रिकॉर्ड, फसलों और व्यक्तिगत डेटा को जोड़े. किसानों को सरकारी सब्सिडी और योजनाओं का लाभ बिना किसी देरी या भ्रष्टाचार के सीधे उन तक पहुंचे. मिट्टी की हेल्थ, मौसम और फसल की स्थिति पर सटीक डेटा प्रदान मिले, ताकि किसान बेहतर खेती के फैसले ले सकें. डिजिटल प्रोफाइलिंग के माध्यम से किसानों को बैंकों से आसानी से और जल्दी ऋण (कृषि-ऋण) प्राप्त करने में मदद मिले. कृषि आपूर्ति श्रृंखला में पारदर्शिता लाना और निजी क्षेत्र के साथ मिलकर तकनीकी नवाचार जैसे- एग्री-टेक ऐप्स को बढ़ावा देना. किसानों का डेटा पूरी तरह सुरक्षित रखने के लिए इसे डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन एक्ट 2023 के तहत रखा गया है. किसी भी बाहरी एजेंसी या निजी कंपनी के साथ डेटा साझा करने से पहले किसान की स्पष्ट सहमति लेना अनिवार्य है.
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