8th Pay Commission Latest News Update 2026: केंद्र सरकार के लाखों कर्मचारियों के बीच इस समय सबसे ज्यादा चर्चा 8वें वेतन आयोग को लेकर हो रही है. हर किसी के मन में यही सवाल है कि नया पे मैट्रिक्स लागू होने के बाद हर महीने हाथ में आने वाली सैलरी आखिर कितनी बढ़ेगी. अभी सरकार की तरफ से कोई फाइनल ऐलान नहीं हुआ है लेकिन पुराने पैटर्न को देखकर एक अंदाजा जरूर लगाया जा सकता है.
इसी आधार पर यह समझते हैं कि 2026 या 2027 में आपकी टेक होम सैलरी किस रेंज तक जा सकती है.
सैलरी स्ट्र्क्चर में बदलाव के 3 बड़े फैक्टर
8th पे कमीशन में भी सैलरी स्ट्र्क्चर लगभग वही रहने की उम्मीद है जो 7वें वेतन आयोग में था. आपकी सैलरी तीन बड़े फैक्टर पर टिकी होती है. पहला बेसिक सैलरी(Basic Salary), दूसरा हाउस रेंट अलाउंस (HRA) और तीसरा ट्रांसपोर्ट अलाउंस (TA). नया पे मैट्रिक्स लागू होते ही सबसे पहले बेसिक सैलरी बढ़ेगी और उसी के हिसाब से बाकी अलाउंस भी अपने आप बढ़ जाएंगे.
फिटमेंट फैक्टर क्या होता है और क्यों है सबसे जरूरी?
फिटमेंट फैक्टर वो नंबर होता है जिससे आपकी मौजूदा बेसिक सैलरी को गुणा करके नई बेसिक सैलरी निकाली जाती है. 8नें वेतन आयोग में फैक्टर करीब 2.5 से 2.8 के बीच रहने की उम्मीद है. अभी यह सिर्फ अनुमान है लेकिन इसी से सैलरी का मोटा हिसाब लगाया जा रहा है.
मान लीजिए आपकी मौजूदा बेसिक सैलरी 35,400 रुपये है और फिटमेंट फैक्टर 2.6 माना जाए तो नई बेसिक सैलरी करीब 92,000 रुपये के आसपास पहुंच सकती है.
सैलरी में बढ़ोतरी का पूरा कैलकुलेशन समझिए
7th Pay Commission में हर कर्मचारी को एक पे लेवल मिला हुआ है. लेवल 1 से लेकर लेवल 18 तक अलग अलग बेसिक सैलरी तय है. जैसे लेवल 3 में बेसिक सैलरी करीब 21,700 रुपये है .लेवल 6 में 35,400 रुपये और लेवल 10 में 56,100 रुपये. यही आपकी मौजूदा बेसिक होती है और इसी पर पूरा नया कैलकुलेशन किया जाता है.
नई बेसिक के बाद HRA कैसे बढ़ेगा?
जब नई बेसिक सैलरी तय हो जाती है तो उसके बाद हाउस रेंट अलाउंस जुड़ता है. HRA शहर के हिसाब से मिलता है. मेट्रो शहरों में यह 24 प्रतिशत होता है .बड़े शहरों में 16 प्रतिशत और छोटे शहरों में 8 प्रतिशत.
अगर आपकी नई बेसिक 92,000 रुपये के करीब है और आप मेट्रो शहर में रहते हैं तो HRA करीब 22,000 रुपये तक हो सकता है.
ट्रांसपोर्ट अलाउंस से भी सैलरी में अच्छा फर्क
ट्रांसपोर्ट अलाउंस भी पे लेवल और शहर के हिसाब से मिलता है. मेट्रो शहरों में लेवल 6 जैसे कर्मचारियों को करीब 3,600 रुपये ट्रांसपोर्ट अलाउंस मिलता है. ज्यादा पे लेवल वालों के लिए यह रकम और ज्यादा हो सकती है. फिलहाल इस अनुमान में DA को ट्रांसपोर्ट अलाउंस में नहीं जोड़ा गया है क्योंकि नया आयोग लागू होते समय DA फिर से जीरो से शुरू होता है.
कुल सैलरी कितनी बढ़ सकती है?
- अगर लेवल 6 के मेट्रो शहर में रहने वाले कर्मचारी की बात करें तो नई बेसिक करीब 92,000 रुपये हो सकती है.
- इसमें HRA जोड़ने पर सैलरी करीब 22,000 रुपये बढ़ जाती है और ट्रांसपोर्ट अलाउंस करीब 3,600 रुपये जुड़ता है.
- इस तरह कुल ग्रॉस सैलरी करीब 1 लाख 17 हजार रुपये के आसपास पहुंच सकती है.
Take Home सैलरी हाथ में कितनी आएगी?
- ग्रॉस सैलरी से कुछ कटौती होती है. सबसे बड़ी कटौती NPS की होती है जो बेसिक सैलरी का करीब 10 प्रतिशत होती है. इसके अलावा हेल्थ स्कीम और थोड़ा बहुत टैक्स कटता है.
- इन सबके बाद लेवल 6 के कर्मचारी की Take Home सैलरी करीब 1 लाख 5 हजार से 1 लाख 7 हजार रुपये के बीच रह सकती है.
अलग अलग पे लेवल पर कितना फायदा
- Level 3 के कर्मचारियों की Take Home सैलरी करीब 65,000 से 68,000 रुपये तक पहुंच सकती है.
- Level 6 वालों के लिए यह 1 लाख से ऊपर जा सकती है.
- वहीं Level 10 के कर्मचारियों की Take Home सैलरी 1.60 लाख से 1.65 लाख रुपये के आसपास रहने का अनुमान है.
बता दें कि यह पूरा कैलकुलेशन सिर्फ एक अनुमान है जिससे कर्मचारियों को यह समझने में मदद मिलती है कि सैलरी स्ट्रक्चर कैसे बदल सकता है. इसमें फाइनल फिटमेंट फैक्टर और DA के नए नियम शामिल नहीं हैं. असली तस्वीर तभी साफ होगी जब सरकार 8वें वेतन आयोग की रिपोर्ट को मंजूरी देगी.
8th Pay Commission कब लागू हो सकता है?
अब तक के पुराने रिकॉर्ड देखें तो नया पे कमीशन लागू होने में वक्त लगता है. माना जा रहा है कि 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें 2026 में नहीं बल्कि 2027 में लागू हो सकती हैं. तब तक केंद्र सरकार के कर्मचारी 7वें वेतन आयोग के हिसाब से ही सैलरी और DA लेते रहेंगे. हालांकि, देरी होने पर एरियर मिलने की पूरी संभावना है.
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