अर्थव्यवस्था के लिए आरबीआई का कदम
- सब
- ख़बरें
- वीडियो
-
वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया महंगाई और ऊंची ब्याज दरों को काबू करने के लिए क्या-क्या किया
- Monday February 20, 2023
- Written by: राजीव मिश्र
बजट पेश करने के बाद वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने जयपुर में कई एक कार्यक्रम में शामिल हुईं और मौजूद लोगों के सवालों का जवाब दिया. लोगों ने महंगाई और ऊंची ब्याज दरों पर सवाल किया और निर्मला सीतारमण ने जवाब दिया. उन्होंने कहा कि आरबीआई भारतीय अर्थव्यवस्था पर नजर बनाए हुए है और जब जैसी जरूरत होती है उस प्रकार का कदम उठा रही है. उन्होंने कहा कि हम में से कोई भी यह नहीं चाहता है कि महंगाई पूरी तरह से नियंत्रण से बाहर हो जाए.
-
ndtv.in
-
कोरोना महामारी से जूझ रही इकोनॉमी को पटरी पर लाने के लिए हर जरूरी कदम उठाएंगे : RBI गवर्नर
- Wednesday September 16, 2020
- Reported by: भाषा
रिजर्व बैंक के गर्वनर ने कहा कि सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के आंकड़ों से अर्थव्यवस्था पर कोविड-19 के प्रकोप (Covid-19 Pandemic)का संकेत मिलता है. उन्होंने कोविड- 19 के बाद अर्थव्यवस्था की गति तेज करने के लिये निजी क्षेत्र को अनुसंधान एवं नवोन्मेष, खाद्य प्रसंस्करण और पर्यटन क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिये कहा है.
-
ndtv.in
-
कोरोनावायरस: देश की इकॉनमी को लेकर पूर्व PM मनमोहन सिंह ने मोदी सरकार को दिए 3 टिप्स
- Monday August 10, 2020
- Edited by: तूलिका कुशवाहा
सरकार ने अर्थव्यवस्था को सहारा देने के लिए बाजार में पैसे डाले हैं और कई उद्योगों को आर्थिक सहायता दे रही है, लेकिन पूर्व प्रधानमंत्री डॉक्टर मनमोहन सिंह का कहना है कि सरकार को अगले कुछ सालों को संभालने के लिए बड़े कदम उठाने होंगे.
-
ndtv.in
-
Reverse Repo Rate में कटौती, कोरोनावायरस से जूझ रही अर्थव्यवस्था के लिए आरबीआई के 5 बड़े ऐलान
- Friday April 17, 2020
- Reported by: भाषा, Edited by: मानस मिश्रा
भारतीय रिजर्व बैंक (RB) के गवर्नर शक्तिकांत दास ने शुक्रवार को कहा कि कोविड-19 महामारी के चलते रिजर्व बैंक आर्थिक हालात पर लगातार नजर रखे हुये है और वह आर्थिक तंत्र में पर्याप्त नकदी बनाये रखने के लिये हर संभव कदम उठायेगा. इसके साथ ही रिवर्स रेपो रेट में कटौती का ऐलान किया. रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने शुक्रवार सुबह कई घोषणायें करते हुये कहा कि कोरोना वायरस के कारण अर्थव्यवस्था पर बढ़े वित्तीय दबाव को कम करने के लिए केन्द्रीय बैंक पर्याप्त नकदी सुनिश्चित करेगा. गवर्नर ने कहा कि आरबीआई कोविड-19 के प्रकोप से पैदा होने वाले हालात पर नजर बनाए रखे हुए है. उन्होंने बताया कि मार्च में निर्यात 34.6 प्रतिशत घट गया, जो 2008-09 के वैश्विक वित्तीय संकट की तुलना में कहीं बड़ी गिरावट को दर्शाता है. आरबीआई की घोषणाओं के बाद भारतीय रुपया शुक्रवार को दिन के कारोबार के दौरान अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 45 पैसे की जोरदार बढ़त के साथ 76.42 रुपये प्रति डालर पर पहुंच गया. अर्थव्यवस्था में नगदी की उपलब्धता बढ़ाने के लिये शुक्रवार को रिजर्व बैंक की घोषणाओं के बाद रुपये में यह मजबूती दिखी है.
-
ndtv.in
-
नोटबंदी जीती या हारी? वित्तमंत्री अरुण जेटली ने गिनाए नोटबंदी के 3 फायदे
- Monday September 18, 2017
- ख़बर न्यूज़ डेस्क
नोटबंदी पर सरकार जहां कामयाबी और देश की अर्थव्यवस्था को सुधारने का अहम कदम बताने में कोई कोरकसर नहीं छोड़ रही है, वहीं विपक्ष इसे अर्थव्यवस्था के लिए घातक बताता चला आ रहा है. आरबीआई ने जो आंकड़े जारी किए उससे एक बार फिर विपक्ष सरकार पर हमलावर हो गया है. जवाब में केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली ने कहा कि नोटबंदी की सफलता का वास्तविक पैमाना डिजिटल लेनदेन की मात्रा में बढ़ोतरी, कर दायरे का बढ़ना और उच्च मूल्य के नोटों के परिचालन में कमी आना है. रिजर्व बैंक ने कुछ दिन पहले यह खुलासा किया था कि नोटबंदी के बाद 99 प्रतिशत प्रतिबंधित नोट बैंकों में वापस आ गए, जिसके बाद केंद्र सरकार द्वारा नवंबर, 2016 में लिए गए इस फैसले पर विपक्ष को हमले का मौका मिल गया था.
-
ndtv.in
-
500-1000 रुपए पर बैन : आपकी बैंक FD और EMI पर पड़ेगा असर, एक्सपर्ट्स की राय
- Monday November 14, 2016
- Translated by: पूजा प्रसाद
काले धन पर लगाम लगाने के लिए 500 रुपए और 1000 रुपए के नोटों पर सरकार द्वारा बैन लगाने के फैसले से देश की अर्थव्यवस्था पर निकट भविष्य में बुरा असर पड़ सकता है, यह कहना है विश्लेषकों का. लेकिन, लंबे समय में ये कदम आर्थिक रूप से नफे का सौदा साबित होगा. उनके अनुसार, इससे अधिक पारदर्शिता आएगी और टैक्स रेवेन्यू बढ़ेगा. साथ ही मुद्रास्फीति भी कम होगी.
-
ndtv.in
-
राजन का सुधार के लिए साहसिक कदम का वादा
- Thursday September 5, 2013
- Indo Asian News Service
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के 23वें नवनियुक्त गवर्नर रघुराम राजन ने बुधवार को पदभार ग्रहण करने के बाद देश की मौजूदा गोता खा रही अर्थव्यवस्था में सुधार लाने के लिए साहसिक कदम उठाने एवं आरबीआई की नीतियों को भविष्योन्मुखी बनाने का वादा किया।
-
ndtv.in
-
'आरबीआई, सरकार अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए उठा रहे हैं कदम'
- Tuesday June 25, 2013
- Bhasha
सिन्हा ने कहा, महंगाई जो काफी परेशान कर रही है, वृद्धि जो नीचे आ चुकी है और चालू खाते का घाटा बढ़ता जा रहा है। हम और सरकार अर्थव्यवस्था को नियंत्रित करने के लिए जो भी हो सकता है, कर रहे हैं।
-
ndtv.in
-
वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया महंगाई और ऊंची ब्याज दरों को काबू करने के लिए क्या-क्या किया
- Monday February 20, 2023
- Written by: राजीव मिश्र
बजट पेश करने के बाद वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने जयपुर में कई एक कार्यक्रम में शामिल हुईं और मौजूद लोगों के सवालों का जवाब दिया. लोगों ने महंगाई और ऊंची ब्याज दरों पर सवाल किया और निर्मला सीतारमण ने जवाब दिया. उन्होंने कहा कि आरबीआई भारतीय अर्थव्यवस्था पर नजर बनाए हुए है और जब जैसी जरूरत होती है उस प्रकार का कदम उठा रही है. उन्होंने कहा कि हम में से कोई भी यह नहीं चाहता है कि महंगाई पूरी तरह से नियंत्रण से बाहर हो जाए.
-
ndtv.in
-
कोरोना महामारी से जूझ रही इकोनॉमी को पटरी पर लाने के लिए हर जरूरी कदम उठाएंगे : RBI गवर्नर
- Wednesday September 16, 2020
- Reported by: भाषा
रिजर्व बैंक के गर्वनर ने कहा कि सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के आंकड़ों से अर्थव्यवस्था पर कोविड-19 के प्रकोप (Covid-19 Pandemic)का संकेत मिलता है. उन्होंने कोविड- 19 के बाद अर्थव्यवस्था की गति तेज करने के लिये निजी क्षेत्र को अनुसंधान एवं नवोन्मेष, खाद्य प्रसंस्करण और पर्यटन क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिये कहा है.
-
ndtv.in
-
कोरोनावायरस: देश की इकॉनमी को लेकर पूर्व PM मनमोहन सिंह ने मोदी सरकार को दिए 3 टिप्स
- Monday August 10, 2020
- Edited by: तूलिका कुशवाहा
सरकार ने अर्थव्यवस्था को सहारा देने के लिए बाजार में पैसे डाले हैं और कई उद्योगों को आर्थिक सहायता दे रही है, लेकिन पूर्व प्रधानमंत्री डॉक्टर मनमोहन सिंह का कहना है कि सरकार को अगले कुछ सालों को संभालने के लिए बड़े कदम उठाने होंगे.
-
ndtv.in
-
Reverse Repo Rate में कटौती, कोरोनावायरस से जूझ रही अर्थव्यवस्था के लिए आरबीआई के 5 बड़े ऐलान
- Friday April 17, 2020
- Reported by: भाषा, Edited by: मानस मिश्रा
भारतीय रिजर्व बैंक (RB) के गवर्नर शक्तिकांत दास ने शुक्रवार को कहा कि कोविड-19 महामारी के चलते रिजर्व बैंक आर्थिक हालात पर लगातार नजर रखे हुये है और वह आर्थिक तंत्र में पर्याप्त नकदी बनाये रखने के लिये हर संभव कदम उठायेगा. इसके साथ ही रिवर्स रेपो रेट में कटौती का ऐलान किया. रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने शुक्रवार सुबह कई घोषणायें करते हुये कहा कि कोरोना वायरस के कारण अर्थव्यवस्था पर बढ़े वित्तीय दबाव को कम करने के लिए केन्द्रीय बैंक पर्याप्त नकदी सुनिश्चित करेगा. गवर्नर ने कहा कि आरबीआई कोविड-19 के प्रकोप से पैदा होने वाले हालात पर नजर बनाए रखे हुए है. उन्होंने बताया कि मार्च में निर्यात 34.6 प्रतिशत घट गया, जो 2008-09 के वैश्विक वित्तीय संकट की तुलना में कहीं बड़ी गिरावट को दर्शाता है. आरबीआई की घोषणाओं के बाद भारतीय रुपया शुक्रवार को दिन के कारोबार के दौरान अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 45 पैसे की जोरदार बढ़त के साथ 76.42 रुपये प्रति डालर पर पहुंच गया. अर्थव्यवस्था में नगदी की उपलब्धता बढ़ाने के लिये शुक्रवार को रिजर्व बैंक की घोषणाओं के बाद रुपये में यह मजबूती दिखी है.
-
ndtv.in
-
नोटबंदी जीती या हारी? वित्तमंत्री अरुण जेटली ने गिनाए नोटबंदी के 3 फायदे
- Monday September 18, 2017
- ख़बर न्यूज़ डेस्क
नोटबंदी पर सरकार जहां कामयाबी और देश की अर्थव्यवस्था को सुधारने का अहम कदम बताने में कोई कोरकसर नहीं छोड़ रही है, वहीं विपक्ष इसे अर्थव्यवस्था के लिए घातक बताता चला आ रहा है. आरबीआई ने जो आंकड़े जारी किए उससे एक बार फिर विपक्ष सरकार पर हमलावर हो गया है. जवाब में केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली ने कहा कि नोटबंदी की सफलता का वास्तविक पैमाना डिजिटल लेनदेन की मात्रा में बढ़ोतरी, कर दायरे का बढ़ना और उच्च मूल्य के नोटों के परिचालन में कमी आना है. रिजर्व बैंक ने कुछ दिन पहले यह खुलासा किया था कि नोटबंदी के बाद 99 प्रतिशत प्रतिबंधित नोट बैंकों में वापस आ गए, जिसके बाद केंद्र सरकार द्वारा नवंबर, 2016 में लिए गए इस फैसले पर विपक्ष को हमले का मौका मिल गया था.
-
ndtv.in
-
500-1000 रुपए पर बैन : आपकी बैंक FD और EMI पर पड़ेगा असर, एक्सपर्ट्स की राय
- Monday November 14, 2016
- Translated by: पूजा प्रसाद
काले धन पर लगाम लगाने के लिए 500 रुपए और 1000 रुपए के नोटों पर सरकार द्वारा बैन लगाने के फैसले से देश की अर्थव्यवस्था पर निकट भविष्य में बुरा असर पड़ सकता है, यह कहना है विश्लेषकों का. लेकिन, लंबे समय में ये कदम आर्थिक रूप से नफे का सौदा साबित होगा. उनके अनुसार, इससे अधिक पारदर्शिता आएगी और टैक्स रेवेन्यू बढ़ेगा. साथ ही मुद्रास्फीति भी कम होगी.
-
ndtv.in
-
राजन का सुधार के लिए साहसिक कदम का वादा
- Thursday September 5, 2013
- Indo Asian News Service
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के 23वें नवनियुक्त गवर्नर रघुराम राजन ने बुधवार को पदभार ग्रहण करने के बाद देश की मौजूदा गोता खा रही अर्थव्यवस्था में सुधार लाने के लिए साहसिक कदम उठाने एवं आरबीआई की नीतियों को भविष्योन्मुखी बनाने का वादा किया।
-
ndtv.in
-
'आरबीआई, सरकार अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए उठा रहे हैं कदम'
- Tuesday June 25, 2013
- Bhasha
सिन्हा ने कहा, महंगाई जो काफी परेशान कर रही है, वृद्धि जो नीचे आ चुकी है और चालू खाते का घाटा बढ़ता जा रहा है। हम और सरकार अर्थव्यवस्था को नियंत्रित करने के लिए जो भी हो सकता है, कर रहे हैं।
-
ndtv.in