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खिचड़ी सिर्फ खाना नहीं, ऊंच-नीच के भेदभाव को मिटाने वाला 'महा प्रसाद' है, जानें जगन्नाथ पुरी की ये अनोखी कथा
- Wednesday January 14, 2026
- Written by: सुभाषिनी त्रिपाठी
हम अक्सर कहते हैं कि "बातों की खिचड़ी मत पकाओ" या "सब खिचड़ी हो गया है". असल में खिचड़ी का मतलब ही है मिलावट. जब दो अलग-अलग चीजें (दाल और चावल) मिलकर अपनी पहचान खो दें और एक नया स्वाद बन जाएं, तो उसे खिचड़ी कहते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह साधारण सा दिखने वाला व्यंजन समाज को जोड़ने का सबसे बड़ा जरिया है? आइए जानते हैं कैसे...
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आज भी गांधी क्यों भारत के लिए आवश्यक ही नहीं अपरिहार्य हैं
- Thursday October 2, 2025
- सचिन झा शेखर
यह सच है कि गांधी के विचार अकादमिक गहराई में रूसो, मार्क्स या लॉक जैसे दार्शनिकों जितने व्यवस्थित नहीं लगते. वे जटिल परिभाषाएं या भारी सिद्धांत नहीं गढ़ते. लेकिन यही उनकी सबसे बड़ी ताकत भी थी.
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कौन थे ज्योतिबा फुले, जिनका जिक्र पीएम मोदी ने लाल किले से किया, जो जीवन भर गैर-बराबरी के खिलाफ लड़ते रहे
- Friday August 15, 2025
- निहाल मिश्रा
देश आज महान समाज सुधारक ज्योतिबा फुले की जयंती मना रहा है. देश में महिलाओं के लिए पहला स्कूल खोलने का श्रेय फुले को ही दिया जाता है. आइए जानते हैं कि कितने संघर्षों से भरा था उनका जीवन.
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Dhvani Bhanushali ने किया देश का सिर ऊंचा, न्यूयॉर्क के Times Square पर हुईं फीचर
- Thursday May 19, 2022
- Written by: शालिनी सेंगर
देश ही नहीं बल्कि दुनियाभर में अपनी आवाज़ के लिए जानी जाने वाली मशहूर सिंगर ध्वनि भानुशाली हाल ही में टाइम्स स्क्वायर बिलबोर्ड पर अपनी मौजूदगी दर्ज कराने में कामयाब हुई हैं.
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