'Private companies'

- 28 न्यूज़ रिजल्ट्स
  • India | Reported by: भाषा |बुधवार सितम्बर 8, 2021 10:49 AM IST
    Salary Hike News: सर्वे में कहा गया है कि महामारी की वजह से कंपनियों की डिजिटल यात्रा तेज हुई है और इससे लघु अवधि में डिजिटल प्रतिभाओं के लिए ‘जंग’ छिड़ी है. इससे वेतन बजट बढ़ रहा है और साथ ही विभिन्न क्षेत्रों में नौकरी बदलने वालों की संख्या में भी इजाफा हुआ है.
  • India | Edited by: तूलिका कुशवाहा |बुधवार अगस्त 25, 2021 04:51 PM IST
    वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मुंबई में सरकारी बैंकों में सुधार के लिए वित्तवर्ष 2021-22 के लिए एक रिफॉर्म एजेंडा EASE 4.0 Index लॉन्च किया. उन्होंने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने महामारी के बावजूद अच्छा काम किया और इस दौरान वह रिजर्व बैंक की त्वरित सुधारात्मक कार्रवाई से बाहर निकले हैं.
  • Utility News | Reported by: भाषा |गुरुवार अगस्त 5, 2021 11:22 AM IST
    Driving License Rules : सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने वाहन निर्माता संघों समेत गैर लाभकारी संगठनों और निजी कंपनियों को मान्यता प्राप्त चालक प्रशिक्षण केंद्र चलाने और निर्धारित प्रशिक्षण पूरा करने पर ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने की अनुमति दी है.
  • India | Reported by: भाषा |बुधवार अगस्त 4, 2021 02:52 PM IST
    श्रम संगठनों ने लोकसभा में साधारण बीमा कारोबार (राष्ट्रीयकरण) संशोधन विधेयक, 2021 को पारित किए जाने के खिलाफ एक दिन की हड़ताल का आह्वान किया है. लोकसभा ने सोमवार को बिना चर्चा के विधेयक को पारित कर दिया. अब यह चर्चा और पारित होने के लिए राज्यसभा में आने वाला है.
  • India | Edited by: प्रमोद कुमार प्रवीण |शुक्रवार फ़रवरी 5, 2021 01:17 PM IST
    केंद्र सरकार ने आवश्यक वस्तु (संशोधन) कानून, 2020 लागू कर अनाज, दलहन, तिलहन, खाद्य तेल, प्याज और आलू को आवश्यक वस्तु की सूची से हटा दिया है. यानी प्राइवेट कंपनियां इन वस्तुओं को अपनी मर्जी से जमा कर सकती हैं. पहले ऐसा करना जमाखोरी कहलाता था और वह कानून अपराध था.
  • India | Reported by: रवीश रंजन शुक्ला, Edited by: प्रमोद कुमार प्रवीण |शुक्रवार दिसम्बर 11, 2020 01:36 PM IST
    रेलवे ने खाली पड़ी जमीन का विकास करने के लिए रेलवे भूमि विकास प्राधिकरण (RLDA) का गठन किया था. इस पर देशभर में खाली पड़ी रेलवे की जमीन को PPP मॉडल के तहत विकसित करने की जिम्मेदारी है.
  • India | Reported by: रवीश रंजन शुक्ला, Edited by: सूर्यकांत पाठक |शुक्रवार सितम्बर 18, 2020 06:34 PM IST
    रेल मंत्रालय (Ministry of Railway) दिल्ली, मुंबई समेत करीब 50 रेलवे स्टेशनों को पीपीपी मॉडल (PPP Model) के तहत निजी हाथों में सौंपने की तैयारी कर रहा है. यही नहीं बड़े रेलवे स्टेशनों को हवाई अड्डों की तर्ज पर विकसित किया जाएगा. सुविधा के नाम पर यात्रियों से यूजर्स चार्जेस (Users Charges) के तौर पर पैसे वसूलने की तैयारी भी हो रही है. रेल यूनियन इसे निजीकरण कहकर विरोध कर रहा है. नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर पांच लाख यात्री रोज आते हैं. अब इस रेलवे स्टेशन को पीपीपी मॉडल के जरिए बदलने की योजना है. कनॉट प्लेस से लगे होने के कारण रेलवे की बेशकीमती जमीन पर मॉल से लेकर होटल तक बनेंगे. इसी तरह मुंबई के छत्रपति शिवाजी टर्मिनस की हेरीटेज बिल्डिंग से सटी जमीन को विकसित किया जाएगा.
  • Blogs | रवीश कुमार |मंगलवार जुलाई 28, 2020 08:58 AM IST
    सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों में काम करने वालों के लिए यह ख़ुशख़बरी है. उनका प्रदर्शन बेहतर होगा और वे प्राइवेट हो सकेंगे. जिस तरह से रेलवे के निजीकरण की घोषणाओं का स्वागत हुआ है उससे सरकार का मनोबल बढ़ा होगा. आप रेलमंत्री का ट्विटर हैंडल देख लें. पहले निजीकरण का नाम नहीं ले पाते थे लेकिन अब धड़ाधड़ ले रहे हैं. जो बताता है कि सरकार ने अपने फ़ैसलों के प्रति सहमति प्राप्त की है. हाँ ज़रूर कुछ लोगों ने विरोध किया है मगर व्यापक स्तर पर देखें तो वह विरोध के लिए विरोध जैसा था. जो भी दो चार लोग विरोध करेंगे उनके व्हाट्स एप में मीम की सप्लाई बढ़ानी होगी ताकि वे मीम के नशे में खो जाएँ. नेहरू वाला मीम ज़रूर होना चाहिए.
  • India | Reported by: उमाशंकर सिंह, Edited by: सूर्यकांत पाठक |गुरुवार जुलाई 2, 2020 07:12 PM IST
    कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा है कि रेलवे का निजीकरण तबाही वाला कदम है. उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में केंद्र सरकार पर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि ''संसद में दो दिन की बहस में आपने (मोदी सरकार) कहा था कि निजीकरण नहीं करेंगे. आप कह सकते हैं कि निजीकरण नहीं कर रहे, कुछ लाइनों को निजी हाथों में दे रहे हैं. इस तरह शब्दों से मत खेलिए.''
  • India | Reported by: परिमल कुमार, Edited by: सूर्यकांत पाठक |गुरुवार जुलाई 2, 2020 06:32 PM IST
    निजी कंपनियों को पैसेंजर ट्रेनों के संचालन में भागीदार बनाने के मुद्दे पर रेलवे बोर्ड के चेयरमेन विनोद कुमार यादव ने कहा है कि मॉडर्न टेक्नोलॉजी को लेकर यह पहल है. टेक्नोलॉजी को लेकर क्वांटम जंप की तरफ यह कदम है. उन्होंने कहा कि जो ट्रेनें चल रही हैं उनका चार हज़ार किलोमीटर के बाद मेंटेनेंस करते हैं. मॉडर्न कोच का मेंटेनेंस 40000 किलोमीटर पर करना पड़ता है. मतलब महीने में एक बार मेंटेनेंस होता है. अब ट्रैवल टाइम घटेगा. मॉडर्न कोच 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेंगे. इसके पीछे सेफ्टी और वर्ल्ड क्लास ट्रैवल का अनुभव उद्देश्य है.
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