Narayan Sakar Hari
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हाथरस भगदड़ के बाद भी बाबा भोले के जन्मदिन पर मैनपुरी आश्रम पहुंच रहे हजारों श्रद्धालु, पुलिस ने लौटाया वापस
- Sunday July 14, 2024
- Reported by: Ranveer, Edited by: अभिषेक पारीक
भोले बाबा के मैनपुरी आश्रम में रविवार सुबह से ही भक्तों की भीड़ लगी रही. दूर-दूर से बाबा के भक्त आश्रम पहुंचते रहे. हालांकि पुलिस ने पुलिस बैरियर लगाकर भक्तों को रोका और उन्हें आगे आश्रम तक नहीं जाने दिया.
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घर में मौत का सन्नाटा, दीवार पर चिपकी आस्था.. भोले बाबा की 'आजादी' की वजह जानिए
- Monday July 8, 2024
- Written by: वंदना वर्मा
नारायण साकार हरि की पहुंच का अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि प्रदेश के सीएम भी प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्हें सज्जन कहते दिखे. एफआईआर में बाबा का नाम नहीं है. सेवादारों को ही गिरफ्तार किया जा रहा है. आस्था के सैलाब इतना बड़ा है कि बाबा इतनी मौतों के बावजूद 'आजाद' है....
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121 लोगों की मौत के बाद भी यह कैसा मायाजाल? आश्रम के बाहर भोले बाबा के भक्त टेक रहे माथा
- Friday July 5, 2024
- Written by: सूर्यकांत पाठक
हाथरस (Hathras) में हुए सत्संग के बाद मची भगदड़ में 121 लगों की मौत की घटना के बाद हरिनारायण साकार उर्फ भोले बाबा (Bhole Baba) फरार है. पुलिस उसको तलाश रही है. हाथरस में भोले बाबा के चरणों की धूल उठाने के लिए मची प्रतिस्पर्धा के दौरान मची भगदड़ से बड़ी संख्या में मौतें हुईं. इस घटना को लेकर भले ही देश भर में भोले बाबा को कोसा जा रहा हो, लेकिन इसके बावजूद मैनपुरी (Mainpuri) में उनके आश्रम के गेट पर लोग माथा टेकते हुए नजर आ रहे हैं.
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सुदर्शन चक्र के बाद अब उल्लू की आंख का काजल, हाथरस के बाबा का रहस्यलोक ऐसे हो रहा उजागर
- Friday July 5, 2024
- Written by: वंदना वर्मा
नारायण साकार हरि उर्फ भोले बाबा खुद के पास सुदर्शन चक्र होने का दावा करता है. वह खुद को विष्णु का अवतार बताता है, जो प्रलय भी ला सकता है. यही नहीं सत्संग में बाबा एडिटिंग करके हाथ के पास चक्र भी घुमा कर भी दिखाता था.
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तीन चक्र की सुरक्षा, छूना भी मना, दलित ऐंगल... बाबा के 10 रहस्य
- Friday July 5, 2024
- Reported by: NDTV इंडिया, Edited by: रितु शर्मा
हाथरस में जिस 'भोले बाबा' के कार्यक्रम में 121 लोगों ने भगदड़ में जान गंवा दी, उस भोले बाबा के देश में कई आश्रम हैं. स्वयंभू बाबा भोले नाथ उर्फ़ नारायण हरि साकार उर्फ़ सूरजपाल का मैनपुरी, कानपुर, नोएडा और ग्वालियर में आश्रम हैं. इन आश्रमों में रहने वाले बाबा को इंसान नहीं बल्कि परमात्मा मानते हैं.
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भोले बाबा के दौसा आश्रम में होता था VVIP का जमावड़ा, ज्यादातर महिलाएं ही होती थीं सेवादार
- Thursday July 4, 2024
- Edited by: सूर्यकांत पाठक
राजस्थान के दौसा में भोले बाबा (Bhole Baba) यानी नारायण साकार हरि के आश्रम के आसपास के लोगों ने उस पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने बताया कि भोले बाबा रसूखदार व्यक्ति है. उसके दौसा आश्रम पर वीवीआईपी लोगों का आना-जाना होता था. जब यहां दरबार लगता था तब कॉलोनी के वाशिंदे कॉलोनी में आने के लिए अपना आई कार्ड बाबा के निजी सुरक्षा गार्ड्स को दिखाकर ही आ पाते थे. साथ ही बाबा भोले के सेवादारों में अधिकांश महिलाएं हुआ करती थीं.
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हाथरस हादसे की FIR में बाबा का नाम क्यों नहीं? कौन दे रहा संरक्षण
- Wednesday July 3, 2024
- Edited by: अंजलि कर्मकार
भोले बाबा अपने समागम में दावा करते हैं कि 18 साल की नौकरी के बाद उन्होंने 90 के दशक में VRS ले लिया था. उसके बाद उन्हें भगवान के दर्शन हुए. भगवान की इच्छा पर ही वो सत्संग में लोगों को मानवता का प्रवचन देते हैं. हालांकि, उनके दावे झूठे हैं.
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हाथरस हादसा : कौन होते हैं सेवादार? जिनके नाम पर इन बाबाओं ने बना लीं फौजें
- Wednesday July 3, 2024
- Written by: सूर्यकांत पाठक
उत्तर प्रदेश के हाथरस (Hathras) जिले के फुलरई गांव में मंगलवार को नारायण साकार विश्व हरि यानी ‘भोले बाबा’ के सत्संग में उनके लाखों अनुयायी पहुंचे. सत्संग समाप्त होने के बाद जब भोले बाबा वहां से जा रहा था तो उसे देखने और उसके चरणों की धूल छूने के लिए लोग टूट पड़े. बाबा के सेवादारों ने लोगों को धक्के मारे जिससे भगदड़ मच गई. इस भगदड़ के दौरान कुचलने से 121 लोगों की मौत हो गई और कई घायल हो गए. इस घटना से प्रशासन की व्यवस्थाओं पर बाबा के सेवादारों के रवैये पर सवाल उठ रहे हैं. बताया जा रहा है कि सेवादारों के लोगों को धक्के मारने से ही यह भीषण त्रासदी हुई. यह सेवादार होते कौन हैं?
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बाबा की फरारी की कहानी : हादसे के बाद 4 घंटे में 4 लोगों से की बात, फिर बंद किया फोन
- Wednesday July 3, 2024
- Reported by: मुकेश सिंह सेंगर, Edited by: अंजलि कर्मकार
हादसे के 24 घंटे बाद भोले बाबा का पहला बयान आया है. उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के वकील एपी सिंह के जरिए लिखित बयान जारी किया. इसमें लिखा गया- "समागम से मेरे निकलने के बाद हादसा हुआ. असामाजिक तत्वों ने भगदड़ मचाई है. इन लोगों के खिलाफ लीगल एक्शन लूंगा. घायलों के स्वस्थ होने की कामना करता हूं."
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121 लाशें, कई सवाल : मौत के इस 'सत्संग' पर आखिर कौन देगा जवाब?
- Tuesday July 9, 2024
- सूर्यकांत पाठक
भीड़ में विवेक नहीं होता... भीड़ भेड़ चाल में चलती है... यदि भीड़ को सुव्यवस्थित तरीके से नियंत्रित न किया जाए तो उसके अनुशासन तोड़ने में भी देर नहीं लगती. हाथरस (Hathras) में भीड़ के बेकाबू होने से बड़ा हादसा हुआ. इस तरह की घटना पहली बार नहीं हुई. ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति चिंता में डालने वाली है. देश में खास तौर पर धार्मिक आयोजनों में इस तरह की दुर्घटनाएं होती रही हैं लेकिन इन्हें रोकने के लिए अब तक कोई मैकेनिज्म विकसित नहीं हो सका है. यदि कोई व्यवस्था है भी तो, उसको लेकर प्रशासनिक प्रतिबद्धता के बजाय लापरवाही, सैकड़ों लोगों की मौत का कारण बनती है.
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हाथरस भगदड़ के बाद भी बाबा भोले के जन्मदिन पर मैनपुरी आश्रम पहुंच रहे हजारों श्रद्धालु, पुलिस ने लौटाया वापस
- Sunday July 14, 2024
- Reported by: Ranveer, Edited by: अभिषेक पारीक
भोले बाबा के मैनपुरी आश्रम में रविवार सुबह से ही भक्तों की भीड़ लगी रही. दूर-दूर से बाबा के भक्त आश्रम पहुंचते रहे. हालांकि पुलिस ने पुलिस बैरियर लगाकर भक्तों को रोका और उन्हें आगे आश्रम तक नहीं जाने दिया.
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घर में मौत का सन्नाटा, दीवार पर चिपकी आस्था.. भोले बाबा की 'आजादी' की वजह जानिए
- Monday July 8, 2024
- Written by: वंदना वर्मा
नारायण साकार हरि की पहुंच का अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि प्रदेश के सीएम भी प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्हें सज्जन कहते दिखे. एफआईआर में बाबा का नाम नहीं है. सेवादारों को ही गिरफ्तार किया जा रहा है. आस्था के सैलाब इतना बड़ा है कि बाबा इतनी मौतों के बावजूद 'आजाद' है....
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121 लोगों की मौत के बाद भी यह कैसा मायाजाल? आश्रम के बाहर भोले बाबा के भक्त टेक रहे माथा
- Friday July 5, 2024
- Written by: सूर्यकांत पाठक
हाथरस (Hathras) में हुए सत्संग के बाद मची भगदड़ में 121 लगों की मौत की घटना के बाद हरिनारायण साकार उर्फ भोले बाबा (Bhole Baba) फरार है. पुलिस उसको तलाश रही है. हाथरस में भोले बाबा के चरणों की धूल उठाने के लिए मची प्रतिस्पर्धा के दौरान मची भगदड़ से बड़ी संख्या में मौतें हुईं. इस घटना को लेकर भले ही देश भर में भोले बाबा को कोसा जा रहा हो, लेकिन इसके बावजूद मैनपुरी (Mainpuri) में उनके आश्रम के गेट पर लोग माथा टेकते हुए नजर आ रहे हैं.
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सुदर्शन चक्र के बाद अब उल्लू की आंख का काजल, हाथरस के बाबा का रहस्यलोक ऐसे हो रहा उजागर
- Friday July 5, 2024
- Written by: वंदना वर्मा
नारायण साकार हरि उर्फ भोले बाबा खुद के पास सुदर्शन चक्र होने का दावा करता है. वह खुद को विष्णु का अवतार बताता है, जो प्रलय भी ला सकता है. यही नहीं सत्संग में बाबा एडिटिंग करके हाथ के पास चक्र भी घुमा कर भी दिखाता था.
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तीन चक्र की सुरक्षा, छूना भी मना, दलित ऐंगल... बाबा के 10 रहस्य
- Friday July 5, 2024
- Reported by: NDTV इंडिया, Edited by: रितु शर्मा
हाथरस में जिस 'भोले बाबा' के कार्यक्रम में 121 लोगों ने भगदड़ में जान गंवा दी, उस भोले बाबा के देश में कई आश्रम हैं. स्वयंभू बाबा भोले नाथ उर्फ़ नारायण हरि साकार उर्फ़ सूरजपाल का मैनपुरी, कानपुर, नोएडा और ग्वालियर में आश्रम हैं. इन आश्रमों में रहने वाले बाबा को इंसान नहीं बल्कि परमात्मा मानते हैं.
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भोले बाबा के दौसा आश्रम में होता था VVIP का जमावड़ा, ज्यादातर महिलाएं ही होती थीं सेवादार
- Thursday July 4, 2024
- Edited by: सूर्यकांत पाठक
राजस्थान के दौसा में भोले बाबा (Bhole Baba) यानी नारायण साकार हरि के आश्रम के आसपास के लोगों ने उस पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने बताया कि भोले बाबा रसूखदार व्यक्ति है. उसके दौसा आश्रम पर वीवीआईपी लोगों का आना-जाना होता था. जब यहां दरबार लगता था तब कॉलोनी के वाशिंदे कॉलोनी में आने के लिए अपना आई कार्ड बाबा के निजी सुरक्षा गार्ड्स को दिखाकर ही आ पाते थे. साथ ही बाबा भोले के सेवादारों में अधिकांश महिलाएं हुआ करती थीं.
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हाथरस हादसे की FIR में बाबा का नाम क्यों नहीं? कौन दे रहा संरक्षण
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- Edited by: अंजलि कर्मकार
भोले बाबा अपने समागम में दावा करते हैं कि 18 साल की नौकरी के बाद उन्होंने 90 के दशक में VRS ले लिया था. उसके बाद उन्हें भगवान के दर्शन हुए. भगवान की इच्छा पर ही वो सत्संग में लोगों को मानवता का प्रवचन देते हैं. हालांकि, उनके दावे झूठे हैं.
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हाथरस हादसा : कौन होते हैं सेवादार? जिनके नाम पर इन बाबाओं ने बना लीं फौजें
- Wednesday July 3, 2024
- Written by: सूर्यकांत पाठक
उत्तर प्रदेश के हाथरस (Hathras) जिले के फुलरई गांव में मंगलवार को नारायण साकार विश्व हरि यानी ‘भोले बाबा’ के सत्संग में उनके लाखों अनुयायी पहुंचे. सत्संग समाप्त होने के बाद जब भोले बाबा वहां से जा रहा था तो उसे देखने और उसके चरणों की धूल छूने के लिए लोग टूट पड़े. बाबा के सेवादारों ने लोगों को धक्के मारे जिससे भगदड़ मच गई. इस भगदड़ के दौरान कुचलने से 121 लोगों की मौत हो गई और कई घायल हो गए. इस घटना से प्रशासन की व्यवस्थाओं पर बाबा के सेवादारों के रवैये पर सवाल उठ रहे हैं. बताया जा रहा है कि सेवादारों के लोगों को धक्के मारने से ही यह भीषण त्रासदी हुई. यह सेवादार होते कौन हैं?
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बाबा की फरारी की कहानी : हादसे के बाद 4 घंटे में 4 लोगों से की बात, फिर बंद किया फोन
- Wednesday July 3, 2024
- Reported by: मुकेश सिंह सेंगर, Edited by: अंजलि कर्मकार
हादसे के 24 घंटे बाद भोले बाबा का पहला बयान आया है. उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के वकील एपी सिंह के जरिए लिखित बयान जारी किया. इसमें लिखा गया- "समागम से मेरे निकलने के बाद हादसा हुआ. असामाजिक तत्वों ने भगदड़ मचाई है. इन लोगों के खिलाफ लीगल एक्शन लूंगा. घायलों के स्वस्थ होने की कामना करता हूं."
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121 लाशें, कई सवाल : मौत के इस 'सत्संग' पर आखिर कौन देगा जवाब?
- Tuesday July 9, 2024
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भीड़ में विवेक नहीं होता... भीड़ भेड़ चाल में चलती है... यदि भीड़ को सुव्यवस्थित तरीके से नियंत्रित न किया जाए तो उसके अनुशासन तोड़ने में भी देर नहीं लगती. हाथरस (Hathras) में भीड़ के बेकाबू होने से बड़ा हादसा हुआ. इस तरह की घटना पहली बार नहीं हुई. ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति चिंता में डालने वाली है. देश में खास तौर पर धार्मिक आयोजनों में इस तरह की दुर्घटनाएं होती रही हैं लेकिन इन्हें रोकने के लिए अब तक कोई मैकेनिज्म विकसित नहीं हो सका है. यदि कोई व्यवस्था है भी तो, उसको लेकर प्रशासनिक प्रतिबद्धता के बजाय लापरवाही, सैकड़ों लोगों की मौत का कारण बनती है.
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