Mahatma Gandhi Nobel Peace Prize
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महात्मा गांधी की मौत के 33 बाद फिल्माया गया था उनकी अंतिम यात्रा का सीन, अपनी मर्जी से इसका हिस्सा बने दो लाख लोग, ऑस्कर में इस फिल्म ने मचा दी थी खलबली
- Wednesday May 29, 2024
आज बात गांधी फिल्म के उस सीन की जिससे शूट करने के लिए सेट पर तीन लाख से ज्यादा लोग जुट गए थे.
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Nobel Prize 2023: 6 अक्टूबर को नोबेल शांति पुरस्कार के विजेता की घोषणा, पहली बार फ्रेडरिक पैसी और हेनरी डुनेंट को मिला यह पुरस्कार
- Friday October 6, 2023
Nobel Peace Prize 2023: नोबेल शांति पुरस्कार अल्फ्रेड नोबेल की इच्छा से स्थापित पांच नोबेल पुरस्कारों में से एक है. इस साल 6 अक्टूबर को नोबेल शांति पुरस्कार के विजेता की घोषणा की जाएगी.
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Gandhi Jayanti: आखिर महात्मा गांधी को क्यों कभी नहीं मिला शांति का नोबेल पुरस्कार
- Wednesday October 2, 2019
Gandhi Jayanti 2019: राष्ट्रपिता महात्मा गांधी (Mahatma Gandhi) पूरी दुनिया में सत्य और अहिंसा के पुजारी के रूप में जाने जाते हैं. अहिंसा के बल पर देश को अंग्रेजों के शासन से आजाद कराने वाले बापू ने देश में शांति बनाए रखने के लिए क्या कुछ नहीं किया. गांधी जी (Mahatma Gandhi) 20वीं सदी में अहिंसा के सबसे बड़े प्रतीक बने और यही कारण रहा है कि उन्हें कई बार शांति का नोबेल पुरस्कार के लिए नॉमिनेट किया गया. गांधी जी सन 1937, 1938, 1939, 1947 और 1948 में शांति का नोबेल पुरस्कार (Nobel Prize) के लिए नॉमिनेट हुए. लेकिन हैरानी की बात तो यह है कि उन्हें एक बार भी नोबेल शांति पुरस्कार नहीं मिला. Nobelprize.org पर दी गई जानकारी के मुताबिक 1937 में पहली बार नॉर्वे की संसद “स्टॉर्टिंग” के लेबर पार्टी सदस्य ओले कोल्बजोर्नसन ने गांधी (Gandhi) का नाम सुझाया था.
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इन कारणों से महात्मा गांधी को 5 बार नामित होने के बाद भी नहीं मिला था शांति का नोबेल पुरस्कार
- Wednesday January 30, 2019
- Archit Gupta
महात्मा गांधी (Mahatma Gandhi) को पूरी दुनिया में अहिंसा के सबसे बड़े पुजारी के रूप में जाना जाता है. अहिंसा के बल पर देश को आजादी दिलाने वाले गांधी जी (Gandhi ji) को 5 बार शांति के नोबेल पुरस्कार (Nobel Prize) के लिए नामित किया गया था. लेकिन बापू को 1 बार भी शांति पुरस्कार नहीं दिया गया. महात्मा गांधी को शांति के नोबेल पुरस्कार के लिए पहली बार 1937 में नामिक किया गया था. Nobelprize.org पर दी गई जानकारी के मुताबिक 1937 में पहली बार नॉर्वे की संसद “स्टॉर्टिंग” के लेबर पार्टी सदस्य ओले कोल्बजोर्नसन ने एमके गांधी का नाम सुझाया था.
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पांच बार नामित हुए पर महात्मा गांधी को नहीं मिला नोबेल शांति पुरस्कार
- Sunday October 2, 2016
नोबेल पुरस्कारों के जनक अल्फ्रेड नोबेल चाहते थे कि इस पुरस्कार से ऐसे लोगों का सम्मान किया जाए जिनके आविष्कार और काम की वजह से समाज में महान परिवर्तन आया हो. लेकिन कई बार ऐसा भी हुआ जब पुरस्कार पर सवाल भी उठे. आइए डालते हैं एक नज़र...
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आज बात गांधी फिल्म के उस सीन की जिससे शूट करने के लिए सेट पर तीन लाख से ज्यादा लोग जुट गए थे.
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Nobel Prize 2023: 6 अक्टूबर को नोबेल शांति पुरस्कार के विजेता की घोषणा, पहली बार फ्रेडरिक पैसी और हेनरी डुनेंट को मिला यह पुरस्कार
- Friday October 6, 2023
Nobel Peace Prize 2023: नोबेल शांति पुरस्कार अल्फ्रेड नोबेल की इच्छा से स्थापित पांच नोबेल पुरस्कारों में से एक है. इस साल 6 अक्टूबर को नोबेल शांति पुरस्कार के विजेता की घोषणा की जाएगी.
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इन कारणों से महात्मा गांधी को 5 बार नामित होने के बाद भी नहीं मिला था शांति का नोबेल पुरस्कार
- Wednesday January 30, 2019
- Archit Gupta
महात्मा गांधी (Mahatma Gandhi) को पूरी दुनिया में अहिंसा के सबसे बड़े पुजारी के रूप में जाना जाता है. अहिंसा के बल पर देश को आजादी दिलाने वाले गांधी जी (Gandhi ji) को 5 बार शांति के नोबेल पुरस्कार (Nobel Prize) के लिए नामित किया गया था. लेकिन बापू को 1 बार भी शांति पुरस्कार नहीं दिया गया. महात्मा गांधी को शांति के नोबेल पुरस्कार के लिए पहली बार 1937 में नामिक किया गया था. Nobelprize.org पर दी गई जानकारी के मुताबिक 1937 में पहली बार नॉर्वे की संसद “स्टॉर्टिंग” के लेबर पार्टी सदस्य ओले कोल्बजोर्नसन ने एमके गांधी का नाम सुझाया था.
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पांच बार नामित हुए पर महात्मा गांधी को नहीं मिला नोबेल शांति पुरस्कार
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नोबेल पुरस्कारों के जनक अल्फ्रेड नोबेल चाहते थे कि इस पुरस्कार से ऐसे लोगों का सम्मान किया जाए जिनके आविष्कार और काम की वजह से समाज में महान परिवर्तन आया हो. लेकिन कई बार ऐसा भी हुआ जब पुरस्कार पर सवाल भी उठे. आइए डालते हैं एक नज़र...
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