Madhya Pradesh Floor Test
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कमलनाथ ने इस्तीफे के बाद ट्वीट कर लिखा- उम्मीदों और विश्वास की हार हुई, लोभी-प्रलोभी जीत गए
- Friday March 20, 2020
- Edited by: अल्केश कुशवाहा
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री रहने के बाद कमलनाथ ने शुक्रवार को 15 महीनों के बाद अपने पद से इस्तीफे का ऐलान कर दिया. सुप्रीम कोर्ट ने दो दिनों तक चली सुनवाई के बाद कमलनाथ सरकार को शुक्रवार को शाम 5 बजे तक फ्लोर टेस्ट के आदेश दिए हैं.
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Kamal nath Govt Crisis: फ्लोर टेस्ट से पहले ही मध्य प्रदेश के CM कमलनाथ ने किया इस्तीफे का ऐलान
- Friday March 20, 2020
- Edited by: आरिफ खान मंसूरी
Kamal nath Govt Crisis: इस्तीफे का ऐलान करते हुए कमलनाथ ने कहा, 15 महीनों में प्रदेश की जनता गवाह किया है कि मेरे द्वारा किए गए काम बीजेपी को रास नहीं आए. आप जानते हैं कि जब सरकार बनी तो पहले ही दिन से साजिश शुरू कर दी.
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15 महीने सत्ता में रहने के बाद क्या आज MP के CM कमलनाथ ऐलान करेंगे पारी के अंत का... आखिर क्यों लगाए जा रहे हैं ऐसे कयास
- Friday March 20, 2020
- Reported by: अनुराग द्वारी, Edited by: आरिफ खान मंसूरी
कोर्ट ने गुरुवार को फैसला सुनाते हुए कहा कि मध्यप्रदेश विधानसभा का सत्र फिर से बुलाया जाए और कमलनाथ सरकार शुक्रवार शाम 5 बजे बहुमत हासिल करे.
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मध्यप्रदेश: विधानसभा में शुक्रवार दोपहर 2 बजे किया जाएगा फ्लोर टेस्ट
- Friday March 20, 2020
- Reported by: अनुराग द्वारी, Edited by: सूर्यकांत पाठक
मध्य प्रदेश में जारी सियासी संकट के बीच शुक्रवार को दोपहर 2 बजे विधानसभा में फ्लोर टेस्ट किया जाएगा. इससे पहले गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने कमलनाथ सरकार को शुक्रवार शाम बजे से पहले फ्लोर टेस्ट में बहुमत साबित करने को कहा था. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मध्यप्रदेश में अनिश्चितता की स्थिति को फ्लोर टेस्ट द्वारा प्रभावी ढंग से हल किया जाना चाहिए. कोर्ट ने सात दिशा-निर्देश दिए हैं इनमें, मध्यप्रदेश असेंबली सेशन 20 मार्च को बुलाया जाए, केवल एक एजेंडा, क्या सरकार को बहुमत है? हाथ उठाकर हो मतदान, वीडियोग्राफी और लाइव टेलीकास्ट किया जाए, शांतिपूर्ण तरीके से मतदान हो, शाम 5 बजे तक पूरा होगा मतदान और एमपी व कर्नाटक के डीजीपी को सुनिश्चित करना चाहिए कि सत्र की व्यवस्था से 16 विधायकों पर कोई प्रतिबंध ना हों. अगर वे आना चाहते हैं तो सुरक्षा दी जाए.
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कमलनाथ सरकार के फ्लोर टेस्ट का मामला : सुप्रीम कोर्ट में आज किसका पलड़ा रहा भारी, 10 बड़ी बातें
- Wednesday March 18, 2020
- Reported by: भाषा, Written by: मानस मिश्रा
सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश कांग्रेस के बागी विधायकों से न्यायाधीशों के चैंबर में मुलाकात करने की पेशकश बुधवार को ठुकराते हुये टिप्पणी की कि विधानसभा जाना या नहीं जाना उनपर (विधायकों) निर्भर है, लेकिन उन्हें बंधक बनाकर नहीं रखा जा सकता. न्यायमूर्ति धनन्जय वाई चन्द्रचूड़ और न्यायमूर्ति हेमंत गुप्ता की पीठ ने कांग्रेस के 22 बागी विधायकों के इस्तीफे की वजह से मध्य प्रदेश में उत्पन्न राजनीतिक संकट को लेकर दायर याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान यह टिप्पणी की और कहा कि वह विधानसभा द्वारा यह निर्णय करने के बीच में नहीं पड़ेगी कि किसके पास सदन का विश्वास है लेकिन उसे यह सुनिश्चित करना है कि ये 16 विधायक स्वतंत्र रूप से अपने अधिकार का इस्तेमाल करें. पीठ ने इन विधायकों का चैंबर में मुलाकात करने की पेशकश यह कहते हुये ठुकरा दी कि ऐसा करना उचित नहीं होगा. यही नहीं, पीठ ने रजिस्ट्रार जनरल को भी इन बागी विधायकों से मुलाकात के लिये भेजने से इनकार कर दिया. पीठ ने इसके साथ ही पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और भाजपा के नौ विधायकों के साथ ही मध्य प्रदेश कांग्रेस विधायक दल की याचिकाओं पर सुनवाई गुरुवार को सवेरे साढ़े दस बजे तक के लिये स्थगित कर दी.
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मध्य प्रदेश : 26 मार्च तक सरकार को कोई छू भी नहीं सकता? CM कमलनाथ के काम आया कोरोना वायरस
- Monday March 16, 2020
- Written by: मानस मिश्रा
मध्य प्रदेश विधानसभा कोरोना वायरस को देखते हुए 26 मार्च तक स्थगित कर दी गई है. इस बात के संकेत पहले ही विधानसभा स्पीकर की ओर से दिए जा रहे थे. हालांकि राज्यपाल लालजी टंडन ने स्पीकर से कहा था कि 16 मार्च को फ्लोर टेस्ट करा लिया जाए. लेकिन जब सोमवार को विधानसभा की कार्यसूची में इसका जिक्र नहीं था. दरअसल 26 सीएम कमलनाथ की पूरी कोशिश की थी कि किसी तरह से फ्लोर टेस्ट को टाल दिया जाए ताकि नाराज विधायकों मनाया जा सके.
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MP: क्या आज होगी CM कमलनाथ की 'अग्निपरीक्षा', फ्लोर टेस्ट पर सस्पेंस बरकरार, पढ़ें 10 बातें
- Monday March 16, 2020
- Reported by: अनुराग द्वारी, Edited by: पवन पांडे
मध्य प्रदेश विधानसभा में सोमवार को कोई "विश्वास प्रस्ताव" सूचीबद्ध नहीं है अर्थात् विधानसभा की कार्यसूची में विश्वास मत का जिक्र नहीं है. इससे राज्यपाल के निर्देश पर होने वाले फ्लोर टेस्ट को लेकर सवाल उठ रहे हैं. रविवार को मुख्यमंत्री कमलनाथ (kamal nath) ने इस मुद्दे पर मंत्रिमंडल की बैठक बुलाई थी. मंत्रिमंडल ने सीएम कमलनाथ को फ्लोर टेस्ट पर फैसला लेने के लिए कहा है. साथ ही दलील दी है कि राज्यपाल के पत्र की कोई संवैधानिक वैद्यता नहीं है क्योंकि वह विधानसभा को निर्देश नहीं दे सकते हैं. यदि सरकार फ्लोर टेस्ट की प्रक्रिया को शुरू नहीं करती है तो विपक्षी पार्टी BJP विधानसभा में सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव ला सकती है. सीएम कमलनाथ ने कल रात राज्यपाल लालजी टंडन के साथ मुलाकात के बाद पत्रकारों से कहा कि स्पीकर सोमवार को होने वाले मतदान पर फैसला करेंगे. वहीं, बागी विधायकों ने एक बार फिर विधानसभा स्पीकर को इस्तीफे भेजे हैं.
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Madhya Pradesh Government Updates: फ्लोर टेस्ट पर शिवराज की याचिका पर सीएम कमलनाथ, सुप्रीम कोर्ट का नोटिस
- Tuesday March 17, 2020
- Written by: मानस मिश्रा
फ्लोर टेस्ट को लेकर शिवराज सिंह चौहान की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सीएम कमलनाथ, विधानसभा सचिव को नोटिस जारी किया है. कोर्ट ने कहा है कि आदेश की कॉपी, ईमेल, वाट्एसएप के माध्यम से बागी विधायकों को भी दिया जाए. इससे पहले बेंगलुरु में डेरा डाले कांग्रेस के बागी विधायकों ने कहा कि वह ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ हैं. उनका इस्तीफा स्वीकार क्यों नहीं किया जा रहा है
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शक्ति परीक्षण से पहले आईटीसी भारत होटल पहुंचे MP के पूर्व CM शिवराज सिंह चौहान, यहीं ठहरे हैं BJP विधायक
- Sunday March 15, 2020
- Reported by: ANI, Edited by: पवन पांडे
Madhya Pradesh Government: मध्य प्रदेश विधानसभा में 16 मार्च (सोमवार) को होने वाले शक्ति परीक्षण (Floor Test) से पहले बीजेपी और कांग्रेस दोनों पार्टियों के अंदर गहमागहमी मची हुई है.
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कमलनाथ ने इस्तीफे के बाद ट्वीट कर लिखा- उम्मीदों और विश्वास की हार हुई, लोभी-प्रलोभी जीत गए
- Friday March 20, 2020
- Edited by: अल्केश कुशवाहा
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री रहने के बाद कमलनाथ ने शुक्रवार को 15 महीनों के बाद अपने पद से इस्तीफे का ऐलान कर दिया. सुप्रीम कोर्ट ने दो दिनों तक चली सुनवाई के बाद कमलनाथ सरकार को शुक्रवार को शाम 5 बजे तक फ्लोर टेस्ट के आदेश दिए हैं.
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Kamal nath Govt Crisis: फ्लोर टेस्ट से पहले ही मध्य प्रदेश के CM कमलनाथ ने किया इस्तीफे का ऐलान
- Friday March 20, 2020
- Edited by: आरिफ खान मंसूरी
Kamal nath Govt Crisis: इस्तीफे का ऐलान करते हुए कमलनाथ ने कहा, 15 महीनों में प्रदेश की जनता गवाह किया है कि मेरे द्वारा किए गए काम बीजेपी को रास नहीं आए. आप जानते हैं कि जब सरकार बनी तो पहले ही दिन से साजिश शुरू कर दी.
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15 महीने सत्ता में रहने के बाद क्या आज MP के CM कमलनाथ ऐलान करेंगे पारी के अंत का... आखिर क्यों लगाए जा रहे हैं ऐसे कयास
- Friday March 20, 2020
- Reported by: अनुराग द्वारी, Edited by: आरिफ खान मंसूरी
कोर्ट ने गुरुवार को फैसला सुनाते हुए कहा कि मध्यप्रदेश विधानसभा का सत्र फिर से बुलाया जाए और कमलनाथ सरकार शुक्रवार शाम 5 बजे बहुमत हासिल करे.
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मध्यप्रदेश: विधानसभा में शुक्रवार दोपहर 2 बजे किया जाएगा फ्लोर टेस्ट
- Friday March 20, 2020
- Reported by: अनुराग द्वारी, Edited by: सूर्यकांत पाठक
मध्य प्रदेश में जारी सियासी संकट के बीच शुक्रवार को दोपहर 2 बजे विधानसभा में फ्लोर टेस्ट किया जाएगा. इससे पहले गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने कमलनाथ सरकार को शुक्रवार शाम बजे से पहले फ्लोर टेस्ट में बहुमत साबित करने को कहा था. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मध्यप्रदेश में अनिश्चितता की स्थिति को फ्लोर टेस्ट द्वारा प्रभावी ढंग से हल किया जाना चाहिए. कोर्ट ने सात दिशा-निर्देश दिए हैं इनमें, मध्यप्रदेश असेंबली सेशन 20 मार्च को बुलाया जाए, केवल एक एजेंडा, क्या सरकार को बहुमत है? हाथ उठाकर हो मतदान, वीडियोग्राफी और लाइव टेलीकास्ट किया जाए, शांतिपूर्ण तरीके से मतदान हो, शाम 5 बजे तक पूरा होगा मतदान और एमपी व कर्नाटक के डीजीपी को सुनिश्चित करना चाहिए कि सत्र की व्यवस्था से 16 विधायकों पर कोई प्रतिबंध ना हों. अगर वे आना चाहते हैं तो सुरक्षा दी जाए.
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कमलनाथ सरकार के फ्लोर टेस्ट का मामला : सुप्रीम कोर्ट में आज किसका पलड़ा रहा भारी, 10 बड़ी बातें
- Wednesday March 18, 2020
- Reported by: भाषा, Written by: मानस मिश्रा
सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश कांग्रेस के बागी विधायकों से न्यायाधीशों के चैंबर में मुलाकात करने की पेशकश बुधवार को ठुकराते हुये टिप्पणी की कि विधानसभा जाना या नहीं जाना उनपर (विधायकों) निर्भर है, लेकिन उन्हें बंधक बनाकर नहीं रखा जा सकता. न्यायमूर्ति धनन्जय वाई चन्द्रचूड़ और न्यायमूर्ति हेमंत गुप्ता की पीठ ने कांग्रेस के 22 बागी विधायकों के इस्तीफे की वजह से मध्य प्रदेश में उत्पन्न राजनीतिक संकट को लेकर दायर याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान यह टिप्पणी की और कहा कि वह विधानसभा द्वारा यह निर्णय करने के बीच में नहीं पड़ेगी कि किसके पास सदन का विश्वास है लेकिन उसे यह सुनिश्चित करना है कि ये 16 विधायक स्वतंत्र रूप से अपने अधिकार का इस्तेमाल करें. पीठ ने इन विधायकों का चैंबर में मुलाकात करने की पेशकश यह कहते हुये ठुकरा दी कि ऐसा करना उचित नहीं होगा. यही नहीं, पीठ ने रजिस्ट्रार जनरल को भी इन बागी विधायकों से मुलाकात के लिये भेजने से इनकार कर दिया. पीठ ने इसके साथ ही पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और भाजपा के नौ विधायकों के साथ ही मध्य प्रदेश कांग्रेस विधायक दल की याचिकाओं पर सुनवाई गुरुवार को सवेरे साढ़े दस बजे तक के लिये स्थगित कर दी.
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मध्य प्रदेश : 26 मार्च तक सरकार को कोई छू भी नहीं सकता? CM कमलनाथ के काम आया कोरोना वायरस
- Monday March 16, 2020
- Written by: मानस मिश्रा
मध्य प्रदेश विधानसभा कोरोना वायरस को देखते हुए 26 मार्च तक स्थगित कर दी गई है. इस बात के संकेत पहले ही विधानसभा स्पीकर की ओर से दिए जा रहे थे. हालांकि राज्यपाल लालजी टंडन ने स्पीकर से कहा था कि 16 मार्च को फ्लोर टेस्ट करा लिया जाए. लेकिन जब सोमवार को विधानसभा की कार्यसूची में इसका जिक्र नहीं था. दरअसल 26 सीएम कमलनाथ की पूरी कोशिश की थी कि किसी तरह से फ्लोर टेस्ट को टाल दिया जाए ताकि नाराज विधायकों मनाया जा सके.
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MP: क्या आज होगी CM कमलनाथ की 'अग्निपरीक्षा', फ्लोर टेस्ट पर सस्पेंस बरकरार, पढ़ें 10 बातें
- Monday March 16, 2020
- Reported by: अनुराग द्वारी, Edited by: पवन पांडे
मध्य प्रदेश विधानसभा में सोमवार को कोई "विश्वास प्रस्ताव" सूचीबद्ध नहीं है अर्थात् विधानसभा की कार्यसूची में विश्वास मत का जिक्र नहीं है. इससे राज्यपाल के निर्देश पर होने वाले फ्लोर टेस्ट को लेकर सवाल उठ रहे हैं. रविवार को मुख्यमंत्री कमलनाथ (kamal nath) ने इस मुद्दे पर मंत्रिमंडल की बैठक बुलाई थी. मंत्रिमंडल ने सीएम कमलनाथ को फ्लोर टेस्ट पर फैसला लेने के लिए कहा है. साथ ही दलील दी है कि राज्यपाल के पत्र की कोई संवैधानिक वैद्यता नहीं है क्योंकि वह विधानसभा को निर्देश नहीं दे सकते हैं. यदि सरकार फ्लोर टेस्ट की प्रक्रिया को शुरू नहीं करती है तो विपक्षी पार्टी BJP विधानसभा में सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव ला सकती है. सीएम कमलनाथ ने कल रात राज्यपाल लालजी टंडन के साथ मुलाकात के बाद पत्रकारों से कहा कि स्पीकर सोमवार को होने वाले मतदान पर फैसला करेंगे. वहीं, बागी विधायकों ने एक बार फिर विधानसभा स्पीकर को इस्तीफे भेजे हैं.
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Madhya Pradesh Government Updates: फ्लोर टेस्ट पर शिवराज की याचिका पर सीएम कमलनाथ, सुप्रीम कोर्ट का नोटिस
- Tuesday March 17, 2020
- Written by: मानस मिश्रा
फ्लोर टेस्ट को लेकर शिवराज सिंह चौहान की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सीएम कमलनाथ, विधानसभा सचिव को नोटिस जारी किया है. कोर्ट ने कहा है कि आदेश की कॉपी, ईमेल, वाट्एसएप के माध्यम से बागी विधायकों को भी दिया जाए. इससे पहले बेंगलुरु में डेरा डाले कांग्रेस के बागी विधायकों ने कहा कि वह ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ हैं. उनका इस्तीफा स्वीकार क्यों नहीं किया जा रहा है
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शक्ति परीक्षण से पहले आईटीसी भारत होटल पहुंचे MP के पूर्व CM शिवराज सिंह चौहान, यहीं ठहरे हैं BJP विधायक
- Sunday March 15, 2020
- Reported by: ANI, Edited by: पवन पांडे
Madhya Pradesh Government: मध्य प्रदेश विधानसभा में 16 मार्च (सोमवार) को होने वाले शक्ति परीक्षण (Floor Test) से पहले बीजेपी और कांग्रेस दोनों पार्टियों के अंदर गहमागहमी मची हुई है.
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