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"भारत में अब तक का सबसे बड़ा ट्रेड मिशन लेकर आएंगे": दावोस में NDTV से बोले इजरायल के मंत्री
- Wednesday January 22, 2025
- Reported by: विष्णु सोम, Edited by: सूर्यकांत पाठक
इजरायल (Israel) के इकानॉमी और इंडस्ट्री मिनिस्टर नीर बरकत (Nir Barkat) ने हमास (Hamas) की जगह ऐसे लोगों को लाने की बात कही है जो इजरायल को मान्यता देते हों और जो "शांति चाहने वाले" हों. दावोस में वर्ल्ड इकनॉमिक फोरम (WEF) की बैठक में NDTV को दिए गए एक इंटरव्यू में बरकत ने कई मुद्दों पर बात की. इसमें इजरायल और भारत के करीबी संबंध, हाइफा पोर्ट में भारत का भारी निवेश, भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारे की संभावना और कैसे दोनों देशों के संबंध पीएम नरेंद्र मोदी और उनके इजरायली समकक्ष बेंजामिन नेतन्याहू के बीच समीकरण से प्रेरित हैं. बरकत ने इस तथ्य पर सहमति व्यक्त की कि आतंकवाद ने दोनों देशों को प्रभावित किया है.
- ndtv.in
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UN में इजरायल ने हिजबुल्लाह पर ईरान की मदद से फिर से हथियार जुटाने की कोशिश करने का लगाया आरोप
- Tuesday January 14, 2025
- Edited by: मेघा शर्मा
इजरायल में संयुक्त राष्ट्र के एंबेसडर डैनी डेनन ने 15 सदस्यीय सुरक्षा परिषद को लिखा, "युद्ध के दौरान हिजबुल्लाह की सैन्य क्षमताएं काफी कम हो गई थीं लेकिन अब वो ईरान की सहायता से अपनी ताकत बढ़ाने और फिर से हथियारबंद होने की कोशिश कर रहे हैं."
- ndtv.in
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5 साल की तैयारी, 1 घंटे में काम तमाम; जानिए इजरायल ने सीरिया में ईरानी मिसाइल फैक्ट्री को कैस किया तबाह
- Friday January 3, 2025
- Reported by: IANS
रिपोर्ट के मुताबिक यह फैक्ट्री ईरान की थी और असद के तेहरान के साथ गहरे रिश्ते थे. असद ने ईरान को लेबनान में हिजबुल्लाह को हथियार बनाने और वितरित करने के लिए सीरियाई जमीन का इस्तेमाल करने की अनुमति दी थी.
- ndtv.in
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World Top 5: गाजा युद्धविराम समझौते पर चर्चा के लिए हमास प्रतिनिधिमंडल से मिले कतर के प्रधानमंत्री
- Sunday December 29, 2024
- Reported by: NDTV इंडिया
World Top 5: कतर के विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि गाजा युद्धविराम समझौते पर चर्चा के लिए शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान बिन जसीम अल-थानी ने हमास प्रतिनिधिमंडल से बातचीत की.
- ndtv.in
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सीरिया के भविष्य को लेकर पश्चिन एशिया के पुराने दो दुश्मनों में बढ़ रही कटुता
- Wednesday December 18, 2024
- Reported by: भाषा
सीरिया में बशर अल-असद के शासन का अंत होने के बाद पश्चिमी एशिया के पुराने दो दुश्मनों के बीच एक बार फिर से कटु प्रतिद्वंद्विता उभर रही है. सीरिया में ईरान और रूस की सबसे प्रभावशाली भूमिका के बजाय इजरायल और तुर्किये अपने परस्पर विरोधी राष्ट्रीय और क्षेत्रीय सुरक्षा हितों को आगे बढ़ाने का अवसर तलाश रहे हैं. इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और तुर्किये के राष्ट्रपति रजब तैयब एर्दोआन के नेतृत्व में हाल के वर्षों में दोनों देशों के बीच संबंध तेजी से खराब हुए हैं. इससे दोनों देशों के बीच सीरिया को लेकर कटु टकराव की स्थिति उत्पन्न हुई है.
- ndtv.in
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Explainer: सीरिया के पतन से मध्य पूर्व में शक्ति संतुलन पर क्या होगा असर?
- Sunday December 8, 2024
- Written by: सूर्यकांत पाठक
मध्य पूर्व में एक बड़े तख्ता पलट के तहत सीरिया में इस्लामी विद्रोहियों ने दमिश्क पर नियंत्रण करने के बाद रविवार को राष्ट्रपति बशर अल-असद को पद से हटाने की घोषणा कर दी. इससे असद को भागने पर मजबूर होना पड़ा. करीब 13 साल से अधिक समय तक चले गृहयुद्ध के बाद असद के परिवार के दशकों के शासन का अंत हो गया. बशर अल-असद का पतन क्षेत्र में बड़ा प्रभाव रखने वाले रूस और ईरान के लिए एक बड़ा झटका है. यह दोनों असद के ऐसे प्रमुख सहयोगी हैं जिन्होंने संघर्ष में महत्वपूर्ण दौर में उनका समर्थन किया था.
- ndtv.in
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सीरिया: दमिश्क पर बागियों का कब्जा, जानिए कौन हैं लंबे समय से चल रहे गृह युद्ध के 8 'इंटरनेशनल खिलाड़ी'
- Sunday December 8, 2024
- Written by: Sachin Jha Shekhar
सीरिया में पिछले कई सालों से गृहयुद्ध चल रहा है. 2011 में अरब स्प्रिंग के दौरान सीरिया में भी लोकतांत्रिक परिवर्तन की मांग उठी थी जिसे सरकार ने दबा दिया था. जिसके बाद आंदोलन लगातार भड़कता ही चला गया. ताजा हालात यह हैं कि विद्रोहियों ने देश के कई हिस्सों पर कब्जा कर लिया है.
- ndtv.in
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लंबी लड़ाई के बाद इजरायल को चाहिए गोला-बारूद, दुनिया में मची हथियारों की होड़
- Friday November 29, 2024
- Written by: राजीव मिश्र
युद्धविराम के बाद इजराइल (Israel) की सबसे बड़ी चुनौती लेबनान (Lebanon) में नहीं बल्कि अमेरिका और जर्मनी (United States and Germany) में है. क्या कारण इस पर बात करेंगे, लेकिन ऐसी स्थिति क्यों बनी पहले यह समझना जरूरी हो जाता है. इजरायल ने गाज़ा (Gaza) में हमास (Hamas) के खिलाफ पिछले एक साल से ज्यादा समय से हमले कर रहा है. फिर पिछले दो महीने से ज्यादा वक्त तक लेबनान पर भी इजरायल ने कई हमले किए ताकि हिजबुल्लाह (Hezbollah) लड़ाकों का सफाया किया जा सके. इस बीच में ईरान (Iran) और इजरायल ने एक दूसरे पर मिसाइल और लड़ाकू विमानों से हमले किए. इतने लंबे समय से गोला-बारूद, मिसाइलों से हमले, टैंकों का इस्तेमाल, लड़ाकू विमानों का इस्तेमाल और लड़ाकू हेलिकॉप्टर का इस्तेमाल करने से इजरायल का रक्षा तंत्र कुछ कमजोर होता जा रहा है.
- ndtv.in
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हिजबुल्लाह का हो गया सफाया, इजरायल को फिर क्यों सता रहा वापसी का डर
- Friday November 29, 2024
- Written by: राजीव मिश्र
लेबनान के साथ इजरायल ने समझौता कर लिया है. इजरायल लेबनान के भीतर हिजबुल्लाह आतंकी संगठन को निशाना बना रहा था और इजरायल ने संगठन को मिटाने के अपने मकसद को पूरा करने के बाद इजरायल से समझौता भी कर लिया और एक सवाल जो सबके मन में है कि क्या हिजबुल्लाह के आतंकियों को पूरी तरह से मिटा दिया गया है. क्या उनके हथियारों को नष्ट कर दिया गया है. क्या अब फिर कभी हिजबुल्लाह के लड़ाके फिर कभी सिर नहीं उठा पाएंगे. 27 नवंबर को यह समझौता किया गया और इसे तुरंत इसी शर्त के साथ लागू किया गया कि यदि लेबनान की ओर से फिर इजरायल पर कोई हमला होता है तब इजरायल एक बार फिर सैन्य कार्रवाई के लिए स्वतंत्र है. इजरायल ने भी इस बारे में धमकी में यह बात कही है.
- ndtv.in
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ईरानी नेवी अधिकारी के खुलासे से इजरायल में खबराहट
- Tuesday November 26, 2024
- Written by: राजीव मिश्र
ईरान और इजरायल में तनाव फिर बढ़ गया है. पिछले महीने की 26 तारीख को इजरायल ने ईरान के हमले का जवाब देते हुए हवाई हमला किया था. इसके जवाब में ईरान ने फिर जवाबी कार्रवाई की बात कही थी. अब पिछले महीने से अमेरिकी चुनाव के बाद परिस्थिति बदली हुई है. इजरायल को अंदेशा है कि ईरान बड़ा हमला कर सकता है. अब ईरान की नौसेना के एक अधिकारी ने कहा है कि ईरान ने अपनी नौसेना की ताकत को काफी बढ़ाया है. इस अधिकारी का कहना है कि ईरान के सबलान विध्वंसक (नेवल वॉर शिफ) ने हाल के मॉडल विकास के हिस्से के रूप में अपनी मिसाइल विविधता और रेंज को चौगुना कर दिया है.
- ndtv.in
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जलवायु परिवर्तन के प्रति लोगों को जागरूक बनाने में भारत का काम शानदार: जॉन केरी
- Saturday November 16, 2024
- Edited by: श्वेता गुप्ता
जॉन केरी ने कहा,"मैं ये साफ कर देना चाहता हूं कि हम जलवायु परिवर्तन को लेकर भारत, चीन, रूस जैसे देशों की तरफ देख रहे हैं. हमें चाहिए कि हम एक होकर इस मुद्दे पर बगैर किसी राजनीति के काम करें."
- ndtv.in
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ईरान के साथ क्या करना चाहता है इजरायल, नेतन्याहू ने बताया 'सीक्रेट प्लान'
- Monday November 18, 2024
- Written by: राजीव मिश्र
ईरान और इजरायल के बीच तनाव जारी है. दोनों ओर से एक दूसरे पर जवाबी कार्रवाई की बात हो रही है. ईरान ने अप्रैल और फिर अक्तूबर में एक साथ करीब 200 मिसाइलों से इजरायल पर हमला किया. इजरायल ने इसके जवाब में ईरान के सैन्य ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई की. लेकिन, मामला शांत होने का नाम नहीं ले रहा है. तनाव बढ़ता जा रहा है. ईरान के हमले के बाद इजरायल तेहरान पर बड़ी कार्रवाई करना चाहता था लेकिन अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने सीमित हमले के लिए ही हामी भरी. इजरायल कहीं ज्यादा बड़ी कार्रवाई न कर दे इसके लिए अमेरिका की ओर से सहायता में कमी की धमकी भी दी गई. दबाव में ही सही इजरायल ने ईरान पर हमला सीमित दायरे में किया.
- ndtv.in
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कौन हैं इजरायल के नए रक्षा मंत्री, सख्त मिजाज के कैट्स कैसे बदल सकते हैं युद्ध की दिशा?
- Wednesday November 13, 2024
- Edited by: सूर्यकांत पाठक
Israel Iran War: क्या आपने कभी सोचा है कि एक छोटे से बदलाव से भी युद्ध की दिशा बदल सकती है? इजरायल ने अपने रक्षा मंत्री को बदलकर यह साबित कर दिया है. इजरायल के नए रक्षा मंत्री इजरायल कैट्स (Israel Katz) ने जनरल स्टाफ फोरम के साथ-साथ अन्य सैन्य और रक्षा अधिकारियों के साथ अपनी पहली बैठक की. इस दौरान उन्होंने ईरान पर जमकर हमला बोला और साफ किया कि लेबनान में अभी युद्ध समाप्त नहीं होगा.
- ndtv.in
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अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप की जीत से आ सकते हैं ईरान के 'बुरे दिन'
- Friday November 8, 2024
- Written by: राजीव मिश्र
ईरान में तनाव की दोहरी मार पड़ रही है. शिया मुस्लिम बहुल इस देश में पहले से ही इजरायल के साथ युद्ध के विस्तार का खतरा मंडरा रहा है वहीं अर्थव्यवस्था के लिए खतरे की घंटी बजने लगी है. यह खतरा अमेरिका में रिपब्लिकन पार्टी के डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump victory in US elections) की जीत से आ गया है. ईरान की करेंसी रियाल (Iran Currency Rial) अब अमेरिकी डॉलर (US Dollar) की तुलना में रसातल पर चली गई है. इसका असर सीधा ईरान की अर्थव्यवस्था (Economy of Iran) पर पड़ना लाजमी हो गया है. एक डॉलर में इस समय करीब सात लाख रियाल आ जाएंगे. दो दिनों से रियाल की स्थिति अंतरराष्ट्रीय बाजार में इतनी गिरी हुई है.
- ndtv.in
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"भारत में अब तक का सबसे बड़ा ट्रेड मिशन लेकर आएंगे": दावोस में NDTV से बोले इजरायल के मंत्री
- Wednesday January 22, 2025
- Reported by: विष्णु सोम, Edited by: सूर्यकांत पाठक
इजरायल (Israel) के इकानॉमी और इंडस्ट्री मिनिस्टर नीर बरकत (Nir Barkat) ने हमास (Hamas) की जगह ऐसे लोगों को लाने की बात कही है जो इजरायल को मान्यता देते हों और जो "शांति चाहने वाले" हों. दावोस में वर्ल्ड इकनॉमिक फोरम (WEF) की बैठक में NDTV को दिए गए एक इंटरव्यू में बरकत ने कई मुद्दों पर बात की. इसमें इजरायल और भारत के करीबी संबंध, हाइफा पोर्ट में भारत का भारी निवेश, भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारे की संभावना और कैसे दोनों देशों के संबंध पीएम नरेंद्र मोदी और उनके इजरायली समकक्ष बेंजामिन नेतन्याहू के बीच समीकरण से प्रेरित हैं. बरकत ने इस तथ्य पर सहमति व्यक्त की कि आतंकवाद ने दोनों देशों को प्रभावित किया है.
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UN में इजरायल ने हिजबुल्लाह पर ईरान की मदद से फिर से हथियार जुटाने की कोशिश करने का लगाया आरोप
- Tuesday January 14, 2025
- Edited by: मेघा शर्मा
इजरायल में संयुक्त राष्ट्र के एंबेसडर डैनी डेनन ने 15 सदस्यीय सुरक्षा परिषद को लिखा, "युद्ध के दौरान हिजबुल्लाह की सैन्य क्षमताएं काफी कम हो गई थीं लेकिन अब वो ईरान की सहायता से अपनी ताकत बढ़ाने और फिर से हथियारबंद होने की कोशिश कर रहे हैं."
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5 साल की तैयारी, 1 घंटे में काम तमाम; जानिए इजरायल ने सीरिया में ईरानी मिसाइल फैक्ट्री को कैस किया तबाह
- Friday January 3, 2025
- Reported by: IANS
रिपोर्ट के मुताबिक यह फैक्ट्री ईरान की थी और असद के तेहरान के साथ गहरे रिश्ते थे. असद ने ईरान को लेबनान में हिजबुल्लाह को हथियार बनाने और वितरित करने के लिए सीरियाई जमीन का इस्तेमाल करने की अनुमति दी थी.
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World Top 5: गाजा युद्धविराम समझौते पर चर्चा के लिए हमास प्रतिनिधिमंडल से मिले कतर के प्रधानमंत्री
- Sunday December 29, 2024
- Reported by: NDTV इंडिया
World Top 5: कतर के विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि गाजा युद्धविराम समझौते पर चर्चा के लिए शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान बिन जसीम अल-थानी ने हमास प्रतिनिधिमंडल से बातचीत की.
- ndtv.in
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सीरिया के भविष्य को लेकर पश्चिन एशिया के पुराने दो दुश्मनों में बढ़ रही कटुता
- Wednesday December 18, 2024
- Reported by: भाषा
सीरिया में बशर अल-असद के शासन का अंत होने के बाद पश्चिमी एशिया के पुराने दो दुश्मनों के बीच एक बार फिर से कटु प्रतिद्वंद्विता उभर रही है. सीरिया में ईरान और रूस की सबसे प्रभावशाली भूमिका के बजाय इजरायल और तुर्किये अपने परस्पर विरोधी राष्ट्रीय और क्षेत्रीय सुरक्षा हितों को आगे बढ़ाने का अवसर तलाश रहे हैं. इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और तुर्किये के राष्ट्रपति रजब तैयब एर्दोआन के नेतृत्व में हाल के वर्षों में दोनों देशों के बीच संबंध तेजी से खराब हुए हैं. इससे दोनों देशों के बीच सीरिया को लेकर कटु टकराव की स्थिति उत्पन्न हुई है.
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Explainer: सीरिया के पतन से मध्य पूर्व में शक्ति संतुलन पर क्या होगा असर?
- Sunday December 8, 2024
- Written by: सूर्यकांत पाठक
मध्य पूर्व में एक बड़े तख्ता पलट के तहत सीरिया में इस्लामी विद्रोहियों ने दमिश्क पर नियंत्रण करने के बाद रविवार को राष्ट्रपति बशर अल-असद को पद से हटाने की घोषणा कर दी. इससे असद को भागने पर मजबूर होना पड़ा. करीब 13 साल से अधिक समय तक चले गृहयुद्ध के बाद असद के परिवार के दशकों के शासन का अंत हो गया. बशर अल-असद का पतन क्षेत्र में बड़ा प्रभाव रखने वाले रूस और ईरान के लिए एक बड़ा झटका है. यह दोनों असद के ऐसे प्रमुख सहयोगी हैं जिन्होंने संघर्ष में महत्वपूर्ण दौर में उनका समर्थन किया था.
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सीरिया: दमिश्क पर बागियों का कब्जा, जानिए कौन हैं लंबे समय से चल रहे गृह युद्ध के 8 'इंटरनेशनल खिलाड़ी'
- Sunday December 8, 2024
- Written by: Sachin Jha Shekhar
सीरिया में पिछले कई सालों से गृहयुद्ध चल रहा है. 2011 में अरब स्प्रिंग के दौरान सीरिया में भी लोकतांत्रिक परिवर्तन की मांग उठी थी जिसे सरकार ने दबा दिया था. जिसके बाद आंदोलन लगातार भड़कता ही चला गया. ताजा हालात यह हैं कि विद्रोहियों ने देश के कई हिस्सों पर कब्जा कर लिया है.
- ndtv.in
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लंबी लड़ाई के बाद इजरायल को चाहिए गोला-बारूद, दुनिया में मची हथियारों की होड़
- Friday November 29, 2024
- Written by: राजीव मिश्र
युद्धविराम के बाद इजराइल (Israel) की सबसे बड़ी चुनौती लेबनान (Lebanon) में नहीं बल्कि अमेरिका और जर्मनी (United States and Germany) में है. क्या कारण इस पर बात करेंगे, लेकिन ऐसी स्थिति क्यों बनी पहले यह समझना जरूरी हो जाता है. इजरायल ने गाज़ा (Gaza) में हमास (Hamas) के खिलाफ पिछले एक साल से ज्यादा समय से हमले कर रहा है. फिर पिछले दो महीने से ज्यादा वक्त तक लेबनान पर भी इजरायल ने कई हमले किए ताकि हिजबुल्लाह (Hezbollah) लड़ाकों का सफाया किया जा सके. इस बीच में ईरान (Iran) और इजरायल ने एक दूसरे पर मिसाइल और लड़ाकू विमानों से हमले किए. इतने लंबे समय से गोला-बारूद, मिसाइलों से हमले, टैंकों का इस्तेमाल, लड़ाकू विमानों का इस्तेमाल और लड़ाकू हेलिकॉप्टर का इस्तेमाल करने से इजरायल का रक्षा तंत्र कुछ कमजोर होता जा रहा है.
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हिजबुल्लाह का हो गया सफाया, इजरायल को फिर क्यों सता रहा वापसी का डर
- Friday November 29, 2024
- Written by: राजीव मिश्र
लेबनान के साथ इजरायल ने समझौता कर लिया है. इजरायल लेबनान के भीतर हिजबुल्लाह आतंकी संगठन को निशाना बना रहा था और इजरायल ने संगठन को मिटाने के अपने मकसद को पूरा करने के बाद इजरायल से समझौता भी कर लिया और एक सवाल जो सबके मन में है कि क्या हिजबुल्लाह के आतंकियों को पूरी तरह से मिटा दिया गया है. क्या उनके हथियारों को नष्ट कर दिया गया है. क्या अब फिर कभी हिजबुल्लाह के लड़ाके फिर कभी सिर नहीं उठा पाएंगे. 27 नवंबर को यह समझौता किया गया और इसे तुरंत इसी शर्त के साथ लागू किया गया कि यदि लेबनान की ओर से फिर इजरायल पर कोई हमला होता है तब इजरायल एक बार फिर सैन्य कार्रवाई के लिए स्वतंत्र है. इजरायल ने भी इस बारे में धमकी में यह बात कही है.
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ईरानी नेवी अधिकारी के खुलासे से इजरायल में खबराहट
- Tuesday November 26, 2024
- Written by: राजीव मिश्र
ईरान और इजरायल में तनाव फिर बढ़ गया है. पिछले महीने की 26 तारीख को इजरायल ने ईरान के हमले का जवाब देते हुए हवाई हमला किया था. इसके जवाब में ईरान ने फिर जवाबी कार्रवाई की बात कही थी. अब पिछले महीने से अमेरिकी चुनाव के बाद परिस्थिति बदली हुई है. इजरायल को अंदेशा है कि ईरान बड़ा हमला कर सकता है. अब ईरान की नौसेना के एक अधिकारी ने कहा है कि ईरान ने अपनी नौसेना की ताकत को काफी बढ़ाया है. इस अधिकारी का कहना है कि ईरान के सबलान विध्वंसक (नेवल वॉर शिफ) ने हाल के मॉडल विकास के हिस्से के रूप में अपनी मिसाइल विविधता और रेंज को चौगुना कर दिया है.
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जलवायु परिवर्तन के प्रति लोगों को जागरूक बनाने में भारत का काम शानदार: जॉन केरी
- Saturday November 16, 2024
- Edited by: श्वेता गुप्ता
जॉन केरी ने कहा,"मैं ये साफ कर देना चाहता हूं कि हम जलवायु परिवर्तन को लेकर भारत, चीन, रूस जैसे देशों की तरफ देख रहे हैं. हमें चाहिए कि हम एक होकर इस मुद्दे पर बगैर किसी राजनीति के काम करें."
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ईरान के साथ क्या करना चाहता है इजरायल, नेतन्याहू ने बताया 'सीक्रेट प्लान'
- Monday November 18, 2024
- Written by: राजीव मिश्र
ईरान और इजरायल के बीच तनाव जारी है. दोनों ओर से एक दूसरे पर जवाबी कार्रवाई की बात हो रही है. ईरान ने अप्रैल और फिर अक्तूबर में एक साथ करीब 200 मिसाइलों से इजरायल पर हमला किया. इजरायल ने इसके जवाब में ईरान के सैन्य ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई की. लेकिन, मामला शांत होने का नाम नहीं ले रहा है. तनाव बढ़ता जा रहा है. ईरान के हमले के बाद इजरायल तेहरान पर बड़ी कार्रवाई करना चाहता था लेकिन अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने सीमित हमले के लिए ही हामी भरी. इजरायल कहीं ज्यादा बड़ी कार्रवाई न कर दे इसके लिए अमेरिका की ओर से सहायता में कमी की धमकी भी दी गई. दबाव में ही सही इजरायल ने ईरान पर हमला सीमित दायरे में किया.
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कौन हैं इजरायल के नए रक्षा मंत्री, सख्त मिजाज के कैट्स कैसे बदल सकते हैं युद्ध की दिशा?
- Wednesday November 13, 2024
- Edited by: सूर्यकांत पाठक
Israel Iran War: क्या आपने कभी सोचा है कि एक छोटे से बदलाव से भी युद्ध की दिशा बदल सकती है? इजरायल ने अपने रक्षा मंत्री को बदलकर यह साबित कर दिया है. इजरायल के नए रक्षा मंत्री इजरायल कैट्स (Israel Katz) ने जनरल स्टाफ फोरम के साथ-साथ अन्य सैन्य और रक्षा अधिकारियों के साथ अपनी पहली बैठक की. इस दौरान उन्होंने ईरान पर जमकर हमला बोला और साफ किया कि लेबनान में अभी युद्ध समाप्त नहीं होगा.
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अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप की जीत से आ सकते हैं ईरान के 'बुरे दिन'
- Friday November 8, 2024
- Written by: राजीव मिश्र
ईरान में तनाव की दोहरी मार पड़ रही है. शिया मुस्लिम बहुल इस देश में पहले से ही इजरायल के साथ युद्ध के विस्तार का खतरा मंडरा रहा है वहीं अर्थव्यवस्था के लिए खतरे की घंटी बजने लगी है. यह खतरा अमेरिका में रिपब्लिकन पार्टी के डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump victory in US elections) की जीत से आ गया है. ईरान की करेंसी रियाल (Iran Currency Rial) अब अमेरिकी डॉलर (US Dollar) की तुलना में रसातल पर चली गई है. इसका असर सीधा ईरान की अर्थव्यवस्था (Economy of Iran) पर पड़ना लाजमी हो गया है. एक डॉलर में इस समय करीब सात लाख रियाल आ जाएंगे. दो दिनों से रियाल की स्थिति अंतरराष्ट्रीय बाजार में इतनी गिरी हुई है.
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